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Una News: छिन्नमस्तिका जयंती पर सजा चिंतपूर्णी धाम, 24 घंटे होगा अखंड हवन और भंडारा

संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Thu, 30 Apr 2026 12:16 AM IST
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Chintapurni Dham decorated on Chhinnamastika Jayanti, continuous havan and bhandara will be held for 24 hours
देशी-विदेशी फूलों से सजा मां चिंतपूर्णी धाम। संवाद - फोटो : मिर्जापुर चौराहे पर अतिक्रमण हटवाते पुलिसकर्मी।
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चिंतपूर्णी (ऊना)। छिन्नमस्तिका जयंती के पावन अवसर पर वीरवार से शक्तिपीठ माता चिंतपूर्णी मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। मंदिर परिसर को देश-विदेश से मंगवाए गए विशेष प्रकार के फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है, जिससे पूरा धाम भक्तिमय वातावरण में रंग गया है।
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मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण के तौर पर मंदिर कांप्लेक्स में सेल्फी व फोटोशूट प्वाइंट भी तैयार किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, दिल्ली के एक श्रद्धालु द्वारा मंदिर की इस भव्य सजावट का पूरा खर्च वहन किया जा रहा है जिससे आयोजन की भव्यता और बढ़ गई है। जयंती के उपलक्ष्य में मंदिर के हवन कुंड में 24 घंटे अखंड हवन का आयोजन पुजारी परिवार द्वारा किया जा रहा है, जिसकी पूर्णाहुति वीरवार को विधिवत रूप से डाली जाएगी। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
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उधर बाबा माईदास सदन में श्री दुर्गा स्तुति पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। भक्तगण देर रात तक भक्ति रस में सराबोर होकर माता का गुणगान करेंगे। मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने बताया कि छिन्नमस्तिका जयंती को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रखी गई है। प्रशासन को उम्मीद है कि जयंती के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे, जिससे चिंतपूर्णी धाम एक बार फिर आस्था और श्रद्धा का विशाल केंद्र बनेगा।


क्यों महत्वपूर्ण है यह दिन

बता दें कि छिन्नमस्तिका जयंती 30 अप्रैल 2026 दिन वीरवार को मनाई जाएगी, जो बैसाख शुक्ल चतुर्दशी तिथि (शाम 7:51 बजे, 29 अप्रैल से 09:12 बजे, 30 अप्रैल 2026 तक) पर पड़ती है। यह 10 महाविद्याओं में छठी माता का प्राकट्य दिवस है, जो शत्रुओं पर विजय, आत्मबल और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति के लिए पूजी जाती हैं। यह दिन तीव्र आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है।
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