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Una News: दौलतपुर चौक-मुकेरियां नई रेललाइन सामरिक और आर्थिक दृष्टि से अहम
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पंजाब–हिमाचल–जम्मू-कश्मीर और डिफेंस के लिए होगी महत्वपूर्ण
पिलरों पर बिछा रेल ट्रैक बना इंजीनियरिंग की बेहतरीन मिसाल
संवाद न्यूज एजेंसी
दौलतपुर चौक (ऊना)। भारत सरकार और भारतीय रेलवे की नंगल डैम-तलवाड़ा-मुकेरियां नई रेललाइन परियोजना केवल एक यात्री रेल परियोजना ही नहीं, बल्कि रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा (डिफेंस) की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस परियोजना के पूर्ण होने से हिमाचल प्रदेश (ऊना क्षेत्र), पंजाब (मुकेरियां) और आगे चलकर जम्मू-कश्मीर तक रेल कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा लॉजिस्टिक्स (रसद) को भी बड़ा लाभ पहुंचेगा। इस रेल परियोजना की विशेषता यह है कि दौलतपुर चौक तक रेललाइन जमीन पर बिछाई गई है, जबकि दौलतपुर चौक से आगे के सेक्शन में चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए ट्रैक को पिलरों पर बिछाया गया है। रेलवे इंजीनियरों की ओर से अपनाई गई यह तकनीक क्षेत्र में इंजीनियरिंग की एक अनूठी मिसाल मानी जा रही है। पिलरों पर ट्रैक बिछाने से जहां भूमि अधिग्रहण की समस्या कम हुई है, वहीं बाढ़, बरसाती नालों और कटाव जैसी प्राकृतिक चुनौतियों से भी सुरक्षित समाधान निकाला गया है।
यह रेल परियोजना हिमाचल और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों को जोड़ने के साथ-साथ उत्तर भारत के रेलवे नेटवर्क को और अधिक सशक्त बनाएगी। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस लाइन के पूरा होने से सेना, अर्धसैनिक बलों और रक्षा सामग्री की आवाजाही पहले से कहीं अधिक तेज़, सुरक्षित और सुगम हो सकेगी, जो सामरिक दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है।
इस रेल लाइन की कुल लंबाई 123 किलोमीटर है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 2,018 करोड़ रुपये है, जबकि मार्च 2025 तक लगभग 1,165 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इस मार्ग पर दौलतपुर चौक, कतरोली, दोहर, हाजीपुर, धामियां, पोता और मुकेरियां स्टेशनों को चिह्नित किया गया है।
परियोजना का नंगल डैम-ऊना हिमाचल-अंब अंदौरा-दौलतपुर चौक (लगभग 60 किलोमीटर) सेक्शन पहले ही चालू हो चुका है, जबकि दौलतपुर चौक-कतरोली-तलवाड़ा (करीब 52 किलोमीटर) सेक्शन पर कार्य प्रगति पर है, जिसे इस परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। पूर्व विधायक राजेश ठाकुर ने इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर का आभार व्यक्त किया है।
वहीं, जिला पार्षद एवं अंबाला सब-डिवीजन रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य सुशील कालिया ने दौलतपुर चौक के आगे पहली बार ट्रायल इंजन के संचालन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि पिलरों पर बिछी रेल लाइन इस क्षेत्र में इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण है और यह हिमाचल–पंजाब के सीमावर्ती इलाकों के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगी।
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पिलरों पर बिछा रेल ट्रैक बना इंजीनियरिंग की बेहतरीन मिसाल
संवाद न्यूज एजेंसी
दौलतपुर चौक (ऊना)। भारत सरकार और भारतीय रेलवे की नंगल डैम-तलवाड़ा-मुकेरियां नई रेललाइन परियोजना केवल एक यात्री रेल परियोजना ही नहीं, बल्कि रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा (डिफेंस) की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस परियोजना के पूर्ण होने से हिमाचल प्रदेश (ऊना क्षेत्र), पंजाब (मुकेरियां) और आगे चलकर जम्मू-कश्मीर तक रेल कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा लॉजिस्टिक्स (रसद) को भी बड़ा लाभ पहुंचेगा। इस रेल परियोजना की विशेषता यह है कि दौलतपुर चौक तक रेललाइन जमीन पर बिछाई गई है, जबकि दौलतपुर चौक से आगे के सेक्शन में चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए ट्रैक को पिलरों पर बिछाया गया है। रेलवे इंजीनियरों की ओर से अपनाई गई यह तकनीक क्षेत्र में इंजीनियरिंग की एक अनूठी मिसाल मानी जा रही है। पिलरों पर ट्रैक बिछाने से जहां भूमि अधिग्रहण की समस्या कम हुई है, वहीं बाढ़, बरसाती नालों और कटाव जैसी प्राकृतिक चुनौतियों से भी सुरक्षित समाधान निकाला गया है।
यह रेल परियोजना हिमाचल और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों को जोड़ने के साथ-साथ उत्तर भारत के रेलवे नेटवर्क को और अधिक सशक्त बनाएगी। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस लाइन के पूरा होने से सेना, अर्धसैनिक बलों और रक्षा सामग्री की आवाजाही पहले से कहीं अधिक तेज़, सुरक्षित और सुगम हो सकेगी, जो सामरिक दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है।
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इस रेल लाइन की कुल लंबाई 123 किलोमीटर है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 2,018 करोड़ रुपये है, जबकि मार्च 2025 तक लगभग 1,165 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इस मार्ग पर दौलतपुर चौक, कतरोली, दोहर, हाजीपुर, धामियां, पोता और मुकेरियां स्टेशनों को चिह्नित किया गया है।
परियोजना का नंगल डैम-ऊना हिमाचल-अंब अंदौरा-दौलतपुर चौक (लगभग 60 किलोमीटर) सेक्शन पहले ही चालू हो चुका है, जबकि दौलतपुर चौक-कतरोली-तलवाड़ा (करीब 52 किलोमीटर) सेक्शन पर कार्य प्रगति पर है, जिसे इस परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। पूर्व विधायक राजेश ठाकुर ने इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर का आभार व्यक्त किया है।
वहीं, जिला पार्षद एवं अंबाला सब-डिवीजन रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य सुशील कालिया ने दौलतपुर चौक के आगे पहली बार ट्रायल इंजन के संचालन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि पिलरों पर बिछी रेल लाइन इस क्षेत्र में इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण है और यह हिमाचल–पंजाब के सीमावर्ती इलाकों के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगी।