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भविष्य में ड्रोन तकनीक की भूमिका अत्यंत निर्णायक होगी : अग्निहोत्री
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ट्रिपल आईटी ऊना में ड्रोन और रोबोटिक्स कार्य के विस्तार पर दिया जोर
कहा, ऑपरेशन सिंदूर में ड्रोन तकनीक की आवश्यकता स्पष्ट रूप से सामने आई
आईआईआईटी ऊना के वार्षिक टेक्निकल फेस्टिवल ‘मेराकी-2026’ का किया शुभारंभ
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) ऊना के वार्षिक तकनीकी महोत्सव मेराकी-2026 का शुभारंभ किया। यह टेकफेस्ट 9 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने ‘मेराकी-2026’ के लोगो और संस्थान की पत्रिका प्रगति परिमल का विमोचन भी किया। अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने ड्रोन तकनीक और रोबोटिक्स के क्षेत्र में कार्य करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ड्रोन तकनीक की आवश्यकता स्पष्ट रूप से सामने आई है। ऐसे अनुभव यह दर्शाते हैं कि भविष्य में सुरक्षा, आपदा प्रबंधन तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक की भूमिका अत्यंत निर्णायक होगी। उन्होंने युवाओं और तकनीकी संस्थानों से आह्वान किया कि वे इस दिशा में गंभीरता से कार्य करें, ताकि भारत ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र बन सके।टेकफेयर जैसे मंच युवाओं को नवाचार, सृजनशीलता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार एक सशक्त डिजिटल इकोसिस्टम के निर्माण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। कुछ वर्ष पूर्व यह कल्पना करना भी कठिन था कि ऊना की धरती पर ट्रिपल आईटी जैसा प्रतिष्ठित संस्थान स्थापित होगा। यह संस्थान किसी तश्तरी में परोसकर नहीं मिला, बल्कि लंबे संघर्ष और अनेक बाधाओं को पार करते हुए स्थापित हुआ है। आज यहां हिमाचल प्रदेश के अनेक छात्र अत्याधुनिक तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने संस्थान में एमएससी गणित पाठ्यक्रम आरंभ करने की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्र में इसकी लंबे समय से मांग थी। इस पाठ्यक्रम के शुरू होने से स्थानीय विद्यार्थियों को बड़ा लाभ मिला है।
उपमुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि आईआईआईटी ऊना की ओर से ऊना-हरोली क्षेत्र के लगभग एक हजार युवाओं के कौशल विकास के लिए विशेष पहल की जा रही है, जिस पर लगभग एक करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने संस्थान से अपेक्षा जताई कि यह पहल जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित हो तभी सुखद परिणाम निकलेंगे।
तीन महत्वपूर्ण एमओयू का आदान-प्रदान
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री की उपस्थिति में आईआईआईटी ऊना की ओर से शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया। ये एमओयू सीएसआईआर-सीएसआईओ चंडीगढ़, सरदार बेअंत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी, गुरदासपुर तथा सिद्धार्था इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी हैदराबाद के साथ किए गए। इन समझौतों से संयुक्त अनुसंधान, शैक्षणिक आदान-प्रदान, कौशल विकास और नवाचार के नए अवसर सृजित होंगे। कार्यक्रम के अंत में उपमुख्यमंत्री ने संस्थान के स्पोर्ट्स इवेंट यलगार, सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं तथा नवाचार स्पर्धाओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।
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कहा, ऑपरेशन सिंदूर में ड्रोन तकनीक की आवश्यकता स्पष्ट रूप से सामने आई
आईआईआईटी ऊना के वार्षिक टेक्निकल फेस्टिवल ‘मेराकी-2026’ का किया शुभारंभ
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) ऊना के वार्षिक तकनीकी महोत्सव मेराकी-2026 का शुभारंभ किया। यह टेकफेस्ट 9 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने ‘मेराकी-2026’ के लोगो और संस्थान की पत्रिका प्रगति परिमल का विमोचन भी किया। अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने ड्रोन तकनीक और रोबोटिक्स के क्षेत्र में कार्य करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ड्रोन तकनीक की आवश्यकता स्पष्ट रूप से सामने आई है। ऐसे अनुभव यह दर्शाते हैं कि भविष्य में सुरक्षा, आपदा प्रबंधन तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक की भूमिका अत्यंत निर्णायक होगी। उन्होंने युवाओं और तकनीकी संस्थानों से आह्वान किया कि वे इस दिशा में गंभीरता से कार्य करें, ताकि भारत ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र बन सके।टेकफेयर जैसे मंच युवाओं को नवाचार, सृजनशीलता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार एक सशक्त डिजिटल इकोसिस्टम के निर्माण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। कुछ वर्ष पूर्व यह कल्पना करना भी कठिन था कि ऊना की धरती पर ट्रिपल आईटी जैसा प्रतिष्ठित संस्थान स्थापित होगा। यह संस्थान किसी तश्तरी में परोसकर नहीं मिला, बल्कि लंबे संघर्ष और अनेक बाधाओं को पार करते हुए स्थापित हुआ है। आज यहां हिमाचल प्रदेश के अनेक छात्र अत्याधुनिक तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने संस्थान में एमएससी गणित पाठ्यक्रम आरंभ करने की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्र में इसकी लंबे समय से मांग थी। इस पाठ्यक्रम के शुरू होने से स्थानीय विद्यार्थियों को बड़ा लाभ मिला है।
उपमुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि आईआईआईटी ऊना की ओर से ऊना-हरोली क्षेत्र के लगभग एक हजार युवाओं के कौशल विकास के लिए विशेष पहल की जा रही है, जिस पर लगभग एक करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने संस्थान से अपेक्षा जताई कि यह पहल जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित हो तभी सुखद परिणाम निकलेंगे।
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तीन महत्वपूर्ण एमओयू का आदान-प्रदान
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री की उपस्थिति में आईआईआईटी ऊना की ओर से शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया। ये एमओयू सीएसआईआर-सीएसआईओ चंडीगढ़, सरदार बेअंत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी, गुरदासपुर तथा सिद्धार्था इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी हैदराबाद के साथ किए गए। इन समझौतों से संयुक्त अनुसंधान, शैक्षणिक आदान-प्रदान, कौशल विकास और नवाचार के नए अवसर सृजित होंगे। कार्यक्रम के अंत में उपमुख्यमंत्री ने संस्थान के स्पोर्ट्स इवेंट यलगार, सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं तथा नवाचार स्पर्धाओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।