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Una News: सप्तमी के दिन 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के दर शीश नवाया
Thu, 20 Aug 2026 08:58 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 20 Aug 2026 08:58 AM IST
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माता चिंतपूर्णी मंदिर में मेले के दौरान दर्शनों के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड। संवाद
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चिंतपूर्णी/भरवाई (ऊना)। माता चिंतपूर्णी मंदिर में चल रहे श्रावण अष्टमी मेले में सप्तमी पर 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने शीश नवाया और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। दर्शनों के लिए मंदिर के कपाट रात साढ़े बारह बजे ही खोल दिए गए थे।
रात भर श्रद्धालु मंदिर माता के जयकारे लगाते हुए मंदिर पहुंच रहे थे। दिन के समय दर्शनों के लिए लगी डबल लाइनें मोगा धर्मशाला भी पार कर गईं। श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए पांच-छह घंटे लाइनों में अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा था।
गौरतलब है कि सप्तमी के दिन भगवती के अलग-अलग रूप ज्योतियों के रूप में मंदिर पहुंचते हैं जिनके कई श्रद्धालुओं को दर्शन भी हो जाते हैं इसलिए सप्तमी रात को श्रद्धालुओं की काफी भीड़ मंदिर में बनी रहती है।
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मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने बताया कि सप्तमी के दिन 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने शीश नवाया और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। मेले के चलते धार्मिक नगरी चिंतपूर्णी इन दिनों पूरी तरह श्रद्धालुओं से गुलजार है।
पंजाब सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण चिंतपूर्णी का माहौल इन दिनों मिनी पंजाब जैसा नजर आ रहा है। मेले के चलते चिंतपूर्णी के मुख्य बाजार से लेकर मंदिर मार्ग तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। जगह-जगह पंजाब नंबर के वाहनों की भरमार नजर आ रही है। श्रद्धालु रात-दिन मां के जयकारे लगाते हुए मंदिर की ओर बढ़ रहे हैं।
मेले के दौरान चिंतपूर्णी में दुकानदार भी श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए दिन-रात अपनी दुकानें खुली रख रहे हैं। बाजार में प्रसाद, माता की चुनरी, धार्मिक सामग्री और अन्य सामान की दुकानों पर देर रात तक खरीदारी का दौर जारी है। मेले के चलते पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना हुआ है।
श्रद्धालु घंटों कतारों में खड़े होकर मां चिंतपूर्णी के दर्शन कर रहे हैं। प्रशासन और पुलिस की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं संभाली जा रही हैं।
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रात भर श्रद्धालु मंदिर माता के जयकारे लगाते हुए मंदिर पहुंच रहे थे। दिन के समय दर्शनों के लिए लगी डबल लाइनें मोगा धर्मशाला भी पार कर गईं। श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए पांच-छह घंटे लाइनों में अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा था।
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गौरतलब है कि सप्तमी के दिन भगवती के अलग-अलग रूप ज्योतियों के रूप में मंदिर पहुंचते हैं जिनके कई श्रद्धालुओं को दर्शन भी हो जाते हैं इसलिए सप्तमी रात को श्रद्धालुओं की काफी भीड़ मंदिर में बनी रहती है।
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मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने बताया कि सप्तमी के दिन 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने शीश नवाया और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। मेले के चलते धार्मिक नगरी चिंतपूर्णी इन दिनों पूरी तरह श्रद्धालुओं से गुलजार है।
पंजाब सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण चिंतपूर्णी का माहौल इन दिनों मिनी पंजाब जैसा नजर आ रहा है। मेले के चलते चिंतपूर्णी के मुख्य बाजार से लेकर मंदिर मार्ग तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। जगह-जगह पंजाब नंबर के वाहनों की भरमार नजर आ रही है। श्रद्धालु रात-दिन मां के जयकारे लगाते हुए मंदिर की ओर बढ़ रहे हैं।
मेले के दौरान चिंतपूर्णी में दुकानदार भी श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए दिन-रात अपनी दुकानें खुली रख रहे हैं। बाजार में प्रसाद, माता की चुनरी, धार्मिक सामग्री और अन्य सामान की दुकानों पर देर रात तक खरीदारी का दौर जारी है। मेले के चलते पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना हुआ है।
श्रद्धालु घंटों कतारों में खड़े होकर मां चिंतपूर्णी के दर्शन कर रहे हैं। प्रशासन और पुलिस की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं संभाली जा रही हैं।

माता चिंतपूर्णी मंदिर में मेले के दौरान दर्शनों के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड। संवाद