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Una News: ट्रैफिक लाइट बनी शोपीस, अव्यवस्था में रोज पिस रही जनता
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sun, 26 Apr 2026 11:58 PM IST
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मुबारिकपुर चौक में लगा जाम। संवाद। और स्थानीय दुकानदार रस पाल सिंह।
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मुबारिकपुर (ऊना)। मुबारिकपुर चौक में जाम की समस्या अब आम हो चुकी है। यहां लगा ट्रैफिक लाइट सिस्टम शोपीस बनकर रह गया है, जो बीच-बीच में जवाब दे जाता है। इससे यातायात व्यवस्था संभलने के बजाय और बिगड़ जाती है।
हालात ऐसे हैं कि रोजाना लोग जाम में फंसकर परेशान हो रहे हैं लेकिन सरकार और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
यह चौराहा गगरेट, ऊना, तलवाड़ा और होशियारपुर से आने-जाने वाले वाहनों के लिए मुख्य मार्ग है। इसके अलावा चिंतपूर्णी होते हुए धर्मशाला की ओर जाने वाला ट्रैफिक भी यहीं से गुजरता है। भारी आवाजाही के बावजूद व्यवस्था के नाम पर अव्यवस्था हावी है।
जाम से निपटने के लिए आपदा मित्र तो तैनात किए गए हैं लेकिन पुलिस और होमगार्ड के जवान शायद ही कभी मौके पर नजर आते हैं। नतीजतन अक्सर लंबी-लंबी वाहनों की कतारें लग जाती हैं, जिससे राहगीरों और यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक पहले बाजार में इस तरह की स्थिति नहीं थी। वाहन बाजार से करीब 20 मीटर दूर पार्क होते थे, जिससे यातायात सुचारु रहता था लेकिन अब चौराहे के चारों ओर बेतरतीब पार्किंग और बाहरी राज्यों से बढ़ते ट्रैफिक के कारण स्थिति बदतर हो गई है।
गर्मी के मौसम में जाम की समस्या और भी परेशानी बढ़ा रही है। लोग घंटों वाहनों में फंसे रहते हैं और पसीने से तरबतर हो जाते हैं। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटक भी खासे परेशान हैं।
क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधि भी पांच साल तक सत्ता का सुख भोगकर चले जाते हैं लेकिन क्षेत्र की इस गंभीर समस्या को लेकर उच्च स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की जाती।
जाम की समस्या रोज की परेशानी बन गई है। इससे निजात दिलाने के लिए अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। प्रशासन को जनहित में तुरंत कदम उठाने चाहिए। -संजीव भोगल, स्थानीय निवासी
स्थायी समाधान के लिए बाईपास मार्ग जरूरी है। इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों को राहत मिलेगी लेकिन अभी तक सिर्फ अव्यवस्था ही नजर आ रही है। -रसपाल सिंह चंदेल, स्थानीय निवासी
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हालात ऐसे हैं कि रोजाना लोग जाम में फंसकर परेशान हो रहे हैं लेकिन सरकार और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
यह चौराहा गगरेट, ऊना, तलवाड़ा और होशियारपुर से आने-जाने वाले वाहनों के लिए मुख्य मार्ग है। इसके अलावा चिंतपूर्णी होते हुए धर्मशाला की ओर जाने वाला ट्रैफिक भी यहीं से गुजरता है। भारी आवाजाही के बावजूद व्यवस्था के नाम पर अव्यवस्था हावी है।
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जाम से निपटने के लिए आपदा मित्र तो तैनात किए गए हैं लेकिन पुलिस और होमगार्ड के जवान शायद ही कभी मौके पर नजर आते हैं। नतीजतन अक्सर लंबी-लंबी वाहनों की कतारें लग जाती हैं, जिससे राहगीरों और यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक पहले बाजार में इस तरह की स्थिति नहीं थी। वाहन बाजार से करीब 20 मीटर दूर पार्क होते थे, जिससे यातायात सुचारु रहता था लेकिन अब चौराहे के चारों ओर बेतरतीब पार्किंग और बाहरी राज्यों से बढ़ते ट्रैफिक के कारण स्थिति बदतर हो गई है।
गर्मी के मौसम में जाम की समस्या और भी परेशानी बढ़ा रही है। लोग घंटों वाहनों में फंसे रहते हैं और पसीने से तरबतर हो जाते हैं। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटक भी खासे परेशान हैं।
क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधि भी पांच साल तक सत्ता का सुख भोगकर चले जाते हैं लेकिन क्षेत्र की इस गंभीर समस्या को लेकर उच्च स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की जाती।
जाम की समस्या रोज की परेशानी बन गई है। इससे निजात दिलाने के लिए अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। प्रशासन को जनहित में तुरंत कदम उठाने चाहिए। -संजीव भोगल, स्थानीय निवासी
स्थायी समाधान के लिए बाईपास मार्ग जरूरी है। इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों को राहत मिलेगी लेकिन अभी तक सिर्फ अव्यवस्था ही नजर आ रही है। -रसपाल सिंह चंदेल, स्थानीय निवासी

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