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आप की टूटती 'झाड़ू': सफाई की सौगंध लेकर शुरू हुई सियासत, अपनों के भ्रष्टाचार के आरोपों से ही बिखरती गई पार्टी

स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: Kirtivardhan Mishra Updated Fri, 24 Apr 2026 07:15 PM IST
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सार

आम आदमी पार्टी (AAP) सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के 19 दिन बाद आज भाजपा में शामिल होने का एलान कर दिया। राघव की बगावत के बाद पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल की पार्टी के पूरी तरह बिखरने की आशंका है। राघव ने दावा किया है कि उनके साथ सात सांसद पाला बदलकर भाजपा की सदस्यता लेंगे। अक्तूबर 2012 में पार्टी के गठन के बाद से बीते 12 साल, छह महीने और 22 दिन में कई नेताओं ने केजरीवाल का दामन छोड़ दिया।आप की राजनीति में हाशिए पर धकेले गए नेताओं ने किस कारण बागी तेवर अपनाए? AAP नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया गया या उन्होंने खुद ही दल से दूरी बना ली? राहें जुदा होने की वजहें क्या रहीं? आइये जानते हैं ऐसे तमाम सवालों के जवाब

Aam Aadmi Party Raghav Chadha tussle Arvind Kejriwal Leaders who left AAP Prashant Bhushan Kumar Vishwas more
राघव चड्ढा की बगावत के बाद अरविंद केजरीवाल की पार्टी- AAP में दरार - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

आज आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने भाजपा में शामिल होने का एलान किया। अभी सदस्यता ग्रहण करने की औपचारिकता बाकी है, लेकिन उनके एक्स पोस्ट और भाजपा मुख्यालय जाकर मिठाई खाने की तस्वीरों के आधार पर माना जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी पर कुठाराघात हुआ है। दो तिहाई सांसदों के पाला बदलने के बाद पार्टी के अस्तित्व पर सवाल खड़े होने लगे हैं। राघव चड्ढा, संदीप पाठक समेत सात सांसदों के भाजपा में शामिल होने की खबरों के बीच बीते साढ़े 12 वर्ष का इतिहास भी खंगाला जाने लगा है। अक्तूबर 2012 में पार्टी का गठन करने वाले केजरीवाल के कई पुराने साथी उन्हें छोड़कर जा चुके हैं। माना जा रहा है कि राघव की बगावत और उनके साथ हरभजन सिंह, स्वाति मालिवाल सरीखे सांसदों का पाला बदलना पार्टी के अवसान का आगाज है। राघव की बगावत के क्या कारण रहे? इससे पहले किन नेताओं का मोहभंग हुआ? इस खबर में जानिए
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राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटाए गए राघव
दरअसल, आम आदमी पार्टी (आप) में हालिया दिनों में कुछ खटपट की खबरें सामने आई हैं। वजह रहे पार्टी की तरफ से राज्यसभा में उपनेता बनाए गए राघव चड्ढा। दरअसल, आप ने बीते हफ्ते राघव चड्ढा को न सिर्फ राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटाने के लिए सचिवालय को चिट्ठी लिखी, बल्कि उनके बोलने के समय को भी कम करने की मांग की। इसी के साथ उनकी जगह अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता बनाने का एलान किया गया। राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी की कार्रवाई के बाद अपने बचाव में कुछ तर्क जरूर दिए हैं, लेकिन इस बीच उन पर भाजपा के करीब जाने के आरोप भी लगे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि आप में राघव चड्ढा का भविष्य धुंधला है। 
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इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह सवाल उठने लगे कि आखिर राघव चड्ढा का पार्टी में क्या भविष्य होगा। आने वाले समय में वे आप में अपनी पहचान प्रमुख नेता के तौर पर कायम रख पाएंगे या बीते 14 साल में जिस तरह एक के बाद एक आप के कई संस्थापक नेताओं को किनारे लगाया गया, वैसा ही कुछ राघव चड्ढा का भी होगा। 

ये भी पढ़ें: AAP vs Raghav Chadha: खामोशी, सीमित सक्रियता और बदले संकेत, केजरीवाल और राघव के बीच दूरी बढ़ने की पूरी कहानी 

आइये जानते हैं कि आप की स्थापना के बाद से कौन-कौन से नेता पार्टी से धीरे-धीरे दूर होते चले गए और उनके आप से दूर होने की वजहें क्या रहीं?

कौन-कौन से नेता छोड़ चुके हैं आम आदमी पार्टी और क्यों?

आम आदमी पार्टी से अलग होने वाले, इस्तीफा देने वाले या निकाले गए प्रमुख नेताओं में इस दल के संस्थापकों से लेकर बाद में जुड़े सदस्य तक शामिल रहे। आप से शुरुआत से ही अलग हो जाने वाले नेताओं में सबसे प्रमुख नाम अन्ना हजारे का रहा, जो कि सीधा-सीधा एक आंदोलन को पार्टी के रूप में ढालने के ही खिलाफ थे। ऐसे में वे आप के गठन के दौरान ही इससे अलग हो गए। वहीं, पार्टी से अलग होने वाले सबसे हालिया नाम कैलाश गहलोत का रहा, जो कि बीते साल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा का हिस्सा बन गए थे। 

1. योगेंद्र यादव

कौन: आप के सह-संस्थापक और पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली इकाई, राजनीतिक मामलों की समिति पीएसी के सदस्य रहे।

कब छोड़ी पार्टी: मार्च 2015, आप से निकाले गए।

क्या रही वजह: 2015 के विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे के दौरान नेतृत्व पर तानाशाही रवैये का आरोप लगाया था, जिसके बाद उन्हें कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निकाल दिया गया। बाद में उन्होंने अपनी अलग पार्टी स्वराज इंडिया बनाई।

2. प्रशांत भूषण

कौन: आप के सह-संस्थापक और वरिष्ठ वकील। 2012 में भ्रष्टाचार मुक्त शासन की तलाश में पार्टी से जुड़े और पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था, राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्य भी थे।

कब छोड़ी पार्टी: मार्च 2015, आप से निकाले गए।

क्या रही वजह: उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर तानाशाहीपूर्ण व्यवहार और टिकट बंटवारे में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। उन्हें कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निकाला गया था। वे और योगेंद्र यादव एक साथ ही पार्टी से अलग हुए।

3. कुमार विश्वास 

कौन: लोकप्रिय कवि, आप के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। 

कब छोड़ी पार्टी: नेतृत्व के साथ मतभेद के बाद धीरे-धीरे दूरी बना ली और पार्टी छोड़ दी।

क्या रही वजह: कुमार विश्वास ने यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया कि अब आम आदमी पार्टी को गुड बाय कहने और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का समय आ गया है। बताया जाता है कि उनके और आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल के बीच गंभीर मतभेद पैदा हो गए थे। इसके अलावा उन्हें कथित तौर पर राज्यसभा के लिए नामित नहीं किया गया था, जिसे लेकर वे काफी नाखुश थे। साथ ही पार्टी ने उन्हें पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार करने से रोक दिया था।

इतना ही नहीं जब कुमार विश्वास पार्टी से दूर जा रहे थे, तब उन्हें राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) से हटा दिया गया था और राजस्थान के प्रभारी का पद भी उनसे वापस ले लिया गया था। पार्टी से अलग होने के बाद उन्होंने केजरीवाल पर कई बार तीखे प्रहार किए। हाल ही में दिल्ली चुनाव में आप की हार के बाद, उन्होंने केजरीवाल की तुलना अहंकारी दुर्योधन से की और कहा कि अन्ना आंदोलन से पैदा हुई ऊर्जा का सही ढंग से इस्तेमाल नहीं हो सका।

4. शाजिया इल्मी 

कौन: आप की सह-संस्थापक रहीं।

कब छोड़ी पार्टी: मई 2014

क्या रही वजह: शाजिया ने पार्टी से इस्तीफा देते हुए यह आरोप लगाया था कि आम आदमी पार्टी अपने मूलभूत सिद्धांतों से भटक गई है। पार्टी छोड़ने के बाद वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गईं।

5. आशुतोष

कौन: पूर्व पत्रकार, राजनीति में आप में शामिल होकर रखा था कदम।

कब छोड़ी पार्टी: अगस्त 2018।

क्या रही वजह: उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह व्यक्तिगत कारण बताए थे। इस्तीफा देते समय उन्होंने कहा था कि पार्टी के साथ उनकी खूबसूरत और क्रांतिकारी यात्रा का अब अंत हो गया है। हालांकि, ऐसी अटकलें थीं कि राज्यसभा उम्मीदवारी न मिलने के कारण उन्होंने यह कदम उठाया। इसके साथ ही, यह भी माना जाता है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनके मतभेद हो गए थे, जिसकी वजह से उन्होंने इस्तीफा दिया।

ये भी पढ़ें: AAP vs Raghav Chadha: विश्वास से लेकर प्रशांत तक... कई 'आप' नेताओं की राह जुदा, क्या अब राघव का भी हुआ मोहभंग?

6. कपिल मिश्रा

कौन: सामाजिक कार्यकर्ता, आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेता रहे।

कब छोड़ी पार्टी: 2017 में पार्टी ने निलंबित किया।

क्या रही वजह: कपिल मिश्रा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। 2015 में आप के टिकट पर चुनाव जीतने वाले कपिल मिश्रा 2017 में ही आप से काफी नाराज चल रहे थे। इस दौरान पार्टी ने उनसे जल मंत्रालय का प्रभार छीन लिया। कपिल मिश्रा ने इस एक्शन के बाद अरविंद केजरीवाल पर पानी टैंकर घोटाले की जांच में जानबूझकर देरी करवाई। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन को भी घेरा। इसके बाद ही पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया। 2019 में कपिल मिश्रा भाजपा का हिस्सा बन गए।

7. अलका लांबा

कौन: कांग्रेस की छात्र इकाई- एनएसयूआई की पूर्व नेता, 2014 में आप से जुड़ीं।

कब छोड़ी पार्टी: सितंबर 2019।

क्या रही वजह: बताया जाता है कि लांबा आप दिसंबर 2018 में पारित किए गए उस प्रस्ताव से खफा थीं, जिसमें राजीव गांधी का भारत रत्न वापस लेने की मांग की गई थी। माना जा रहा था कि इस घटनाक्रम के बाद उन्होंने आप नेतृत्व से दूरी बना ली। सितंबर 2019 में उन्होंने ट्विटर पर एक पोस्ट में आप की आलोचना करते हुए इसे आम आदमी पार्टी की जगह खास आदमी पार्टी कहा और केजरीवाल से अपना इस्तीफा स्वीकार करने की मांग की। बाद में वे कांग्रेस में शामिल हो गईं।

8. कैलाश गहलोत

कौन: तीन बार के आप विधायक, परिवहन मंत्री भी रहे।

कब छोड़ी पार्टी: 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले। 

क्या रही वजह: गहलोत ने पार्टी छोड़ने का मुख्य कारण आम आदमी पार्टी के अधूरे वादे और हालिया विवादों को बताया। इसके अलावा, उन्होंने केजरीवाल के नेतृत्व व नीतियों की कड़ी आलोचना की और भ्रष्टाचार-नीतियों की विफलता जैसे मुद्दों को अपने इस्तीफे का आधार बनाया। बाद में वे भाजपा में शामिल हो गए।


 

9. मयंक गांधी

कौन: आप के संस्थापक सदस्य और महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख रहे।

कब छोड़ी पार्टी: 2015 (इस्तीफा दिया)।

क्या रही वजह: पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल के साथ उनके कथित तौर पर मतभेद हो गए थे। इन्हीं मतभेदों के चलते 2015 में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा महाराष्ट्र इकाई को मनमाने ढंग से भंग कर दिया गया था। इस घटनाक्रम के बाद अंततः उन्होंने पार्टी छोड़ दी।
 

10. अंजलि दमानिया 

कौन: भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता और महाराष्ट्र में आप इकाई का चेहरा रहीं।

कब छोड़ी पार्टी: मार्च 2015।

क्या रही वजह: उनके इस्तीफे की मुख्य वजह पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल के साथ मतभेद थे। उन्होंने अपना इस्तीफा तब दिया था जब इस तरह के आरोप सामने आए कि केजरीवाल ने कथित तौर पर कांग्रेस विधायकों को अपनी पार्टी में शामिल कराने का प्रयास किया था।

11. सुभाष वारे

कौन: आप की महाराष्ट्र इकाई के नेता रहे।

कब छोड़ी पार्टी: अक्तूबर 2015।

क्या रही वजह: उनके इस्तीफे का मुख्य कारण आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ मतभेद थे। राज्य के कुछ नेताओं ने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व पर तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। इसके बाद, दिल्ली में बैठे केंद्रीय नेतृत्व ने कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र इकाई को भंग कर दिया। इसी घटनाक्रम के विरोध में सुभाष वारे ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
 

12. आनंद कुमार

कौन: जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर, आप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे।

कब छोड़ी पार्टी: 2015 में पार्टी से निकाले गए।

क्या रही वजह: उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर भ्रष्ट आचरण का आरोप लगाया था, जिसके बाद कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण उन्हें निष्कासित कर दिया गया।


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