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राघव चड्ढा ने गिनाए सात नाम: पूर्व क्रिकेटर हरभजन, DCW प्रमुख रहीं स्वाति समेत कई चर्चित हस्तियां, सबको जानिए
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 24 Apr 2026 04:02 PM IST
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सार
राघव चड्ढा ने दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों के साथ आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में विलय का बड़ा फैसला लिया है। पार्टी से पद छीने जाने और वैचारिक मतभेदों के बाद हुए इस घटनाक्रम ने राज्यसभा में आप के भविष्य पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। राघव चड्ढा के साथ पार्टी से किनारा करने वाले सांसदों को यहां जानिए...
राघव चड्ढा के साथ आप से भाजपा में शामिल होने वाले राज्यसभा सांसद
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। यह केवल एक व्यक्तिगत इस्तीफा नहीं है, बल्कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के अस्तित्व के लिए एक बड़ा संकट भी है। चड्ढा के साथ अशोक मित्तल और संदीप पाठक जैसे कद्दावर नेताओं ने भी पार्टी को अलविदा कह दिया है।
आप मूल सिद्धांतों से भटक गई है: राघव चड्ढा
राघव चड्ढा ने भाजपा में शामिल होने के एलान के साथ ही आम आदमी पार्टी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, 'मैं गलत पार्टी में सही आदमी था।' चड्ढा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है और पूरी तरह से वैचारिक पतन की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि वे और उनके साथी अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विश्वास जताते हुए भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो रहे हैं।
दो-तिहाई सांसदों के साथ विलय का दावा
राघव चड्ढा ने दावा किया है कि राज्यसभा में आप के दो-तिहाई सांसद उनके संपर्क में हैं। राघव का यह दावा अगर सही साबित होता है तो 'दल-बदल विरोधी कानून' के तहत इन सांसदों की सदस्यता पर कोई आंच नहीं आएगी और यह तकनीकी रूप से एक कानूनी विलय माना जाएगा। राघव के अनुसार, इस फेहरिस्त में स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह और राजेंद्र गुप्ता जैसे बड़े नाम शामिल हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं आप से किनारा करने वाले सांसदों में कौन-कौन शामिल हैं...
राघव चड्ढा
राघव चड्ढा एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। वे 2012 के आसपास अन्ना हजारे आंदोलन के दौरान आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। धीरे-धीरे अरविंद केजरीवाल के करीबी सहयोगी भी बने। उन्होंने दिल्ली में पार्टी की आर्थिक और मीडिया रणनीति संभाली, बाद में पंजाब में भी सक्रिय रहे। 2022 में पंजाब से राज्यसभा सांसद चुने गए राघव पार्टी में युवा चेहरा के रूप में उभरे। वे संसद में प्रभावशाली भाषणों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन हाल ही में पार्टी लीडरशिप से मतभेद के बाद उन्होंने आप छोड़ने का एलान कर दिया है।
अशोक कुमार मित्तल
अशोक कुमार मित्तल एक सफल उद्योगपति हैं। वे पंजाब के प्रमुख बिजनेसमैन परिवार से आते हैं। लंबे समय से सामाजिक कार्यों में सक्रिय मित्तल को 2022 में आप ने पंजाब से राज्यसभा भेजा। अप्रैल 2026 में ही आम आदमी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में डिप्टी लीडर बनाया था।
संदीप पाठक
संदीप पाठक आम आदमी पार्टी के पुराने कार्यकर्ता हैं। वह पंजाब की राजनीति में पार्टी की जमीनी स्तर पर सक्रियता से जुड़े रहे हैं। वर्ष 2022 में पंजाब से पाठक राज्यसभा सांसद बने। उन्होंने पार्टी की पंजाब इकाई में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। अब वे राघव चड्ढा के साथ भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं।
हरभजन सिंह
भारत के पूर्व दिग्गज स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह क्रिकेट की दुनिया से राजनीति में आए। पंजाब के जालंधर क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले हरभजन 2022 में आम आदमी पार्टी की टिकट पर राज्यसभा पहुंचे। वे खेल, युवा और पंजाबी संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर बोलते रहे हैं, हालांकि राजनीतिक गतिविधियों में वे अपेक्षाकृत कम सक्रिय दिखे। राघव चड्ढा ने कहा है कि हरभजन सिंह भी आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होंगे।
विक्रमजीत सिंह साहनी
विक्रमजीत सिंह साहनी भी पंजाब के उद्योगपति परिवार से आते हैं और शिक्षा क्षेत्र में कई संस्थान चलाते हैं। उन्होंने अफगानिस्तान से सिख-हिंदू समुदाय के लोगों की मदद जैसे मानवीय कार्य भी किए हैं। 2022 में आम आदमी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा सांसद बनाया। राघव के मुताबिक, साहनी भी जल्द भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
राजिंदर गुप्ता
पद्म श्री से सम्मानित राजिंदर गुप्ता ट्राइडेंट ग्रुप के पूर्व प्रबंध निदेशक हैं। वे पंजाब के प्रमुख बिजनेसमैन हैं और 2025 में सनजीव अरोड़ा के इस्तीफे के बाद उपचुनाव में आम आदमी पार्टी के टिकट पर राज्यसभा पहुंचे। वे उद्योग, रोजगार और आर्थिक विकास से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं। अब उनका नाम भी आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले समूह में लिया जा रहा है।
स्वाति मालीवाल
स्वाति मालीवाल सामाजिक कार्यकर्ता और महिला अधिकारों की पैरोकार हैं। वे दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की पूर्व चेयरपर्सन रहीं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहीं। 2024 में आप ने उन्हें पहली बार दिल्ली से राज्यसभा भेजा। वे काफी चर्चित और कभी-कभी विवादों में भी रही हैं। राघव चड्ढा ने दावा किया है कि मालीवाल ने भी आम आदमी पार्टी से किनारा कर लिया है।
हफ्तों से तैयार हो रही थी बगावत की जमीन
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बगावत के बीज कई हफ्ते पहले ही बो दिए गए थे। दो अप्रैल 2026 को आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटा दिया। उनकी जगह अशोक मित्तल को जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा, पार्टी ने चड्ढा के बोलने के समय पर भी पाबंदियां लगाने की कोशिश की थी। राघव चड्ढा और अन्य रणनीतिकारों का जाना आम आदमी पार्टी के लिए एक ऐसा घाव है जिसे भरना फिलहाल नामुमकिन लग रहा है। अब पार्टी की पूरी कमान संजय सिंह जैसे चंद पुराने चेहरों के कंधों पर टिकी है।
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आप मूल सिद्धांतों से भटक गई है: राघव चड्ढा
राघव चड्ढा ने भाजपा में शामिल होने के एलान के साथ ही आम आदमी पार्टी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, 'मैं गलत पार्टी में सही आदमी था।' चड्ढा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है और पूरी तरह से वैचारिक पतन की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि वे और उनके साथी अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विश्वास जताते हुए भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो रहे हैं।
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दो-तिहाई सांसदों के साथ विलय का दावा
राघव चड्ढा ने दावा किया है कि राज्यसभा में आप के दो-तिहाई सांसद उनके संपर्क में हैं। राघव का यह दावा अगर सही साबित होता है तो 'दल-बदल विरोधी कानून' के तहत इन सांसदों की सदस्यता पर कोई आंच नहीं आएगी और यह तकनीकी रूप से एक कानूनी विलय माना जाएगा। राघव के अनुसार, इस फेहरिस्त में स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह और राजेंद्र गुप्ता जैसे बड़े नाम शामिल हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं आप से किनारा करने वाले सांसदों में कौन-कौन शामिल हैं...
राघव चड्ढा
राघव चड्ढा एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। वे 2012 के आसपास अन्ना हजारे आंदोलन के दौरान आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। धीरे-धीरे अरविंद केजरीवाल के करीबी सहयोगी भी बने। उन्होंने दिल्ली में पार्टी की आर्थिक और मीडिया रणनीति संभाली, बाद में पंजाब में भी सक्रिय रहे। 2022 में पंजाब से राज्यसभा सांसद चुने गए राघव पार्टी में युवा चेहरा के रूप में उभरे। वे संसद में प्रभावशाली भाषणों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन हाल ही में पार्टी लीडरशिप से मतभेद के बाद उन्होंने आप छोड़ने का एलान कर दिया है।
अशोक कुमार मित्तल
अशोक कुमार मित्तल एक सफल उद्योगपति हैं। वे पंजाब के प्रमुख बिजनेसमैन परिवार से आते हैं। लंबे समय से सामाजिक कार्यों में सक्रिय मित्तल को 2022 में आप ने पंजाब से राज्यसभा भेजा। अप्रैल 2026 में ही आम आदमी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में डिप्टी लीडर बनाया था।
संदीप पाठक
संदीप पाठक आम आदमी पार्टी के पुराने कार्यकर्ता हैं। वह पंजाब की राजनीति में पार्टी की जमीनी स्तर पर सक्रियता से जुड़े रहे हैं। वर्ष 2022 में पंजाब से पाठक राज्यसभा सांसद बने। उन्होंने पार्टी की पंजाब इकाई में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। अब वे राघव चड्ढा के साथ भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं।
हरभजन सिंह
भारत के पूर्व दिग्गज स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह क्रिकेट की दुनिया से राजनीति में आए। पंजाब के जालंधर क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले हरभजन 2022 में आम आदमी पार्टी की टिकट पर राज्यसभा पहुंचे। वे खेल, युवा और पंजाबी संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर बोलते रहे हैं, हालांकि राजनीतिक गतिविधियों में वे अपेक्षाकृत कम सक्रिय दिखे। राघव चड्ढा ने कहा है कि हरभजन सिंह भी आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होंगे।
विक्रमजीत सिंह साहनी
विक्रमजीत सिंह साहनी भी पंजाब के उद्योगपति परिवार से आते हैं और शिक्षा क्षेत्र में कई संस्थान चलाते हैं। उन्होंने अफगानिस्तान से सिख-हिंदू समुदाय के लोगों की मदद जैसे मानवीय कार्य भी किए हैं। 2022 में आम आदमी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा सांसद बनाया। राघव के मुताबिक, साहनी भी जल्द भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
राजिंदर गुप्ता
पद्म श्री से सम्मानित राजिंदर गुप्ता ट्राइडेंट ग्रुप के पूर्व प्रबंध निदेशक हैं। वे पंजाब के प्रमुख बिजनेसमैन हैं और 2025 में सनजीव अरोड़ा के इस्तीफे के बाद उपचुनाव में आम आदमी पार्टी के टिकट पर राज्यसभा पहुंचे। वे उद्योग, रोजगार और आर्थिक विकास से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं। अब उनका नाम भी आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले समूह में लिया जा रहा है।
स्वाति मालीवाल
स्वाति मालीवाल सामाजिक कार्यकर्ता और महिला अधिकारों की पैरोकार हैं। वे दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की पूर्व चेयरपर्सन रहीं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहीं। 2024 में आप ने उन्हें पहली बार दिल्ली से राज्यसभा भेजा। वे काफी चर्चित और कभी-कभी विवादों में भी रही हैं। राघव चड्ढा ने दावा किया है कि मालीवाल ने भी आम आदमी पार्टी से किनारा कर लिया है।
हफ्तों से तैयार हो रही थी बगावत की जमीन
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बगावत के बीज कई हफ्ते पहले ही बो दिए गए थे। दो अप्रैल 2026 को आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटा दिया। उनकी जगह अशोक मित्तल को जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा, पार्टी ने चड्ढा के बोलने के समय पर भी पाबंदियां लगाने की कोशिश की थी। राघव चड्ढा और अन्य रणनीतिकारों का जाना आम आदमी पार्टी के लिए एक ऐसा घाव है जिसे भरना फिलहाल नामुमकिन लग रहा है। अब पार्टी की पूरी कमान संजय सिंह जैसे चंद पुराने चेहरों के कंधों पर टिकी है।
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