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AI Impact Summit 2026 Live: 2.5 लाख लोगों ने कराया समिट के लिए पंजीकरण, केंद्रीय मंत्री ने कहा- एआई का महाकुंभ
एआई इम्पैक्ट समिट आज से शुरू हुआ। पीएम मोदी ने वैश्विक प्रतिनिधियों का स्वागत किया। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत एआई का 'महाकुंभ' आयोजित कर रहा है, जहां पांच दिवसीय एआई इम्पैक्ट समिट में दुनिया भर के नेता, स्टार्टअप, नवोन्मेषक और शोधकर्ता एकत्र हुए हैं।
लाइव अपडेट
ग्रामीण मेडिकल कॉलेजों में ई-बुक्स और एआई संसाधन पहुंचाएगी सरकार, 57 कॉलेजों से होगी शुरुआत
सरकार मेडिकल छात्रों की पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए ई-बुक्स और एआई आधारित शैक्षणिक संसाधनों की पहुंच बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। इस पहल के पहले चरण में छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 57 सरकारी मेडिकल कॉलेजों को शामिल किया जाएगा।
एआई इम्पैक्ट समिट में स्वास्थ्य मंत्रालय के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (मेडिकल एजुकेशन) बी. श्रीनिवास ने कहा कि दूरदराज के मेडिकल कॉलेजों के छात्रों को ई-बुक्स, डिजिटल क्लिनिकल मैटेरियल और तकनीकी अध्ययन सामग्री तक पहुंच में काफी दिक्कत होती है। ऐसे में सरकार एआई की मदद से इन छात्रों तक गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री पहुंचाने की रणनीति बना रही है। उन्होंने बताया कि नेशनल मेडिकल लाइब्रेरी के जरिए ई-बुक्स और डिजिटल क्लिनिकल कंटेंट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और फिलहाल इसे देश के लगभग 57 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में लागू किया जा रहा है।
प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल में हमेशा रोजगार खत्म होने का डर रहता है, लेकिन ऐसा होता नहीं है
इन्फो एज के सह संस्थापक संजीव बिखचंदानी राजीव गांधी की सरकार के समय कहा गया कि बैंकों में कम्प्यूटरों का इस्तेमाल होगा। तब कहा गया कि इससे रोजगार जाएंगे, लेकिन किसी की नौकरी नहीं गई। प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल में हमेशा यह डर रहता है कि इससे रोजगार खत्म होंगे, लेकिन ऐसा होता नहीं है। लोगों के पास अब सुनने का समय नहीं है। वे 50 मिनट का पॉडकास्ट नहीं सुन पाते। इसका सार जानने के लिए भी लोग AI टूल का इस्तेमाल करते हैं। उससे तीन-चार पन्नों का सार निकल जाता है। इस तरह प्रौद्योगिकी चीजों को बदल रही है।AI नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि बदलेगा स्वरूप
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के उद्घाटन दिवस पर AI4India नेतृत्व ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि उन्हें बदल देगा और नए अवसर पैदा करेगा। AI4India के सह-संस्थापक आलोक अग्रवाल ने कहा कि इतिहास में हर तकनीकी बदलाव, जैसे कंप्यूटर, मोबाइल और एप्स के दौर में कुछ नौकरियां समाप्त हुईं, लेकिन उससे कहीं अधिक नई नौकरियां भी बनीं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह समिट भारत को वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख एआई राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।दिल्ली में समिट के लिए कितने लोगों ने कराया पंजीकरण?
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने सोमवार को बताया कि जारी इंडिया इम्पैक्ट एआई समिट 2026 के लिए देश और दुनिया भर से 2.5 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है, जो उम्मीदों से कहीं अधिक है। समिट के पहले दिन उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को लेकर उत्साह अभूतपूर्व और जबरदस्त रहा है। उनके अनुसार आयोजकों ने इतनी बड़ी संख्या की उम्मीद नहीं की थी, इसलिए पंजीकरण पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया।कृष्णन ने बताया कि 19 तारीख को छोड़कर अन्य सभी दिनों में पंजीकृत प्रतिभागी विभिन्न सत्रों में शामिल हो सकते हैं, जिसके लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।
समिट की तुलना प्रयागराज के कुंभ से की गई
AI Impact Summit 2026 Live: 2.5 लाख लोगों ने कराया समिट के लिए पंजीकरण, केंद्रीय मंत्री ने कहा- एआई का महाकुंभ
शुभारंभ से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई इंडिया इम्पैक्ट समिट में आए वैश्विक प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि 1.4 अरब भारतीयों की शक्ति, मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, उभरते स्टार्टअप इकोसिस्टम और अत्याधुनिक शोध के कारण भारत आज एआई परिवर्तन की अग्रिम पंक्ति में खड़ा है। उन्होंने इसे देश के युवाओं की क्षमता का प्रमाण बताते हुए कहा कि भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है और जिम्मेदार व समावेशी तरीके से वैश्विक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
इस समिट में मानवता की सेवा, समावेशी विकास को गति देने और धरती की रक्षा करने वाले जन-केंद्रित नवाचारों को प्रोत्साहित करने में एआई की प्रभावी भूमिका पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भारत मंडपम में इस पांच दिवसीय भारत-एआई इंपैक्ट समिट एक्सपो-2026 का उद्घाटन करेंगे। इसमें 20 देशों के शासनाध्यक्ष और कई कंपनियों के सीईओ समेत अन्य प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
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एआई शिखर सम्मेलन को लेकर क्या बोले ब्रिटेन के उप प्रधानमंत्री?
ब्रिटिश सरकार ने कहा कि सोमवार से नई दिल्ली में शुरू होने वाले एआई इंपैक्ट समिट के दौरान ब्रिटेन का ध्यान इस बात पर रहेगा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता किस प्रकार विकास को गति दे सकती है, नए रोजगार सृजित कर सकती है, सार्वजनिक सेवाओं में सुधार कर सकती है और दुनिया भर के लोगों को लाभ पहुंचा सकती है।
उप प्रधानमंत्री डेविड लैमी और एआई मंत्री कनिष्क नारायण के नेतृत्व में ब्रिटेन का प्रतिनिधिमंडल भारत आएगा। लैमी ने शिखर सम्मेलन से पहले जारी एक बयान में कहा, "शिखर सम्मेलन यह निर्धारित करने का एक महत्वपूर्ण क्षण है कि हम एआई के पूर्ण लाभों और क्षमता को उजागर करने के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ मिलकर कैसे काम कर सकते हैं। साथ ही साथ मजबूत और निष्पक्ष सुरक्षा मानकों को शामिल कर सकते हैं जो हम सभी की रक्षा करते हैं।"
विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसआईटी) ने कहा कि भारत और ब्रिटेन 'स्वाभाविक तकनीकी साझेदार' हैं और इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और विप्रो जैसी सॉफ्टवेयर दिग्गज कंपनियां पूरे यूके में अपने परिचालन का विस्तार कर रही हैं।
वैश्विक दक्षिण में पहली बार अंतरराष्ट्रीय एआई शिखर सम्मेलन
वैश्विक दक्षिण में पहली बार अंतरराष्ट्रीय एआई शिखर सम्मेलन हो रहा है। शिखर सम्मेलन तीन सूत्रों- मानव, पृथ्वी और प्रगति पर आधारित है, जो एआई पर वैश्विक सहयोग के लिए बुनियादी सिद्धांतों को परिभाषित करते हैं। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और नागरिक सेवाओं में एआई का उपयोग दिखाया जाएगा। वहीं, पृथ्वी के पर्यावरण और जलवायु से जुड़े समाधान पेश किए जाएंगे।
एआई पेशेवरों की मांग को पूरा करने वाला स्रोत बन सकता है भारत
यूरोप, अमेरिका, चीन और एशिया के बीच प्रौद्योगिकी प्रतिस्पर्धा के इस दौर में भारत अपने डिजिटल मॉडल जैसे आधार, यूपीआई और ओपन नेटवर्क को एक संतुलित और समावेशी विकल्प के रूप में पेश करता रहा है। भारत को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में एआई पेशेवरों की दुनिया में मांग तेजी से बढ़ेगी और अपनी विशाल युवा आबादी तथा आईटी कौशल के दम पर वह इस जरूरत को पूरा करने वाला प्रमुख स्रोत बन सकता है।
13 देशों के पवेलियन लगाए जाएंगे
एक्सपो में ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीका सहित 13 देशों के पवेलियन लगाए जाएंगे, जो एआई क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को प्रदर्शित करेंगे।
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300 से अधिक प्रदर्शनी पवेलियन और लाइव प्रदर्शन
एक्सपो में 300 से अधिक प्रदर्शनी पवेलियन और लाइव प्रदर्शन होंगे। कार्यक्रम की रूपरेखा तीन प्रमुख विषयों लोग, ग्रह और उन्नति पर आधारित है। लोग के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और नागरिक सेवाओं में एआई का उपयोग दिखाया जाएगा। वहीं ग्रह में पर्यावरण और जलवायु से जुड़े समाधान पेश किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्नति में उद्योग, कारोबार और आर्थिक विकास में एआई की भूमिका बताई जाएगी।
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