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एआई बनेगा खदानों का नया पहरेदार: केंद्रीय मंत्री बोले- चोरी रोकने और दक्षता बढ़ाने के लिए AI का हो रहा उपयोग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: राहुल कुमार
Updated Wed, 18 Feb 2026 04:52 PM IST
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जी किशन रेड्डी
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने बुधवार को कहा कि देश की खदानों में उत्पादन बढ़ाने, चोरी रोकने, दक्षता एवं सुरक्षा बढ़ाने के लिए परीक्षण आधार पर एआई का उपयोग हो रहा है। समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक रेड्डी ने कहा, "खदानों में एआई के जरिए उत्पादकता को बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा चोरी रोकने, दक्षता और सुरक्षा बढ़ाने में उपयोग किया जा सकता है। फिलहाल इसका परीक्षण आधार किया जा रहा है।"
उन्होंने आगे कहा कि खान मंत्रालय के आधिकारी भी इस समिट में आए हुए हैं और एआई के खदानों में उपयोग के नए तरीकों को तलाश रहे हैं, जिससे उत्पादकता में सुधार किया जा सके। केंद्रीय प्रल्हाद जोशी ने कहा कि एआई का उपयोग सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का आम जनता तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत हम 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को अनाज दे रहे हैं। वर्तमान समय में हम स्मार्ट वेयरहाउस, स्मार्ट पीडीएस, अन्न चक्र एआई टूल उपयोग कर रहे हैं। अन्न चक्र से हम रूट ऑप्टिमाइजेशन के जरिए 250 करोड़ रुपए बचाए हैं। इसके जरिए हमें सार्वजनिक वितरण की दुनिया तक कौन-सा गोदाम नजदीक है। यह पहचानने में मदद मिली है।
बिजली आपूर्ति क्षेत्र में एआई निभा सकता है महत्वपूर्ण भूमिका
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि बिजली आपूर्ति क्षेत्र में एआई एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने आईएएनएस से कहा कि एआई बिजली आपूर्ति में सही और तेज जानकारी पहुंचाकर निर्णायक भूमिका निभाता सकता है। इससे कई ऐसी समस्या सुलझ सकती हैं, जिनका अभी कोई समाधान हीं था। इससे सभी उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 वैश्विक एआई एजेंडा को आकार देने के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में भारत की भूमिका को मजबूत करता है। सात चक्रों और लोगों, ग्रह और प्रगति के तीन सूत्रों पर आधारित यह शिखर सम्मेलन एआई के लिए एक विकासोन्मुखी ढांचा विकसित करता है।
यह शिखर सम्मेलन जन, दुनिया और प्रगति के तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है और सात विषयगत कार्य समूहों द्वारा संचालित है जो आर्थिक विकास और सामाजिक हित के लिए एआई; एआई संसाधनों का लोकतंत्रीकरण; सामाजिक सशक्तिकरण के लिए समावेशन; सुरक्षित और विश्वसनीय एआई; मानव पूंजी; विज्ञान; और लचीलापन, नवाचार और दक्षता को कवर करते हैं।
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उन्होंने आगे कहा कि खान मंत्रालय के आधिकारी भी इस समिट में आए हुए हैं और एआई के खदानों में उपयोग के नए तरीकों को तलाश रहे हैं, जिससे उत्पादकता में सुधार किया जा सके। केंद्रीय प्रल्हाद जोशी ने कहा कि एआई का उपयोग सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का आम जनता तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत हम 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को अनाज दे रहे हैं। वर्तमान समय में हम स्मार्ट वेयरहाउस, स्मार्ट पीडीएस, अन्न चक्र एआई टूल उपयोग कर रहे हैं। अन्न चक्र से हम रूट ऑप्टिमाइजेशन के जरिए 250 करोड़ रुपए बचाए हैं। इसके जरिए हमें सार्वजनिक वितरण की दुनिया तक कौन-सा गोदाम नजदीक है। यह पहचानने में मदद मिली है।
बिजली आपूर्ति क्षेत्र में एआई निभा सकता है महत्वपूर्ण भूमिका
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि बिजली आपूर्ति क्षेत्र में एआई एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने आईएएनएस से कहा कि एआई बिजली आपूर्ति में सही और तेज जानकारी पहुंचाकर निर्णायक भूमिका निभाता सकता है। इससे कई ऐसी समस्या सुलझ सकती हैं, जिनका अभी कोई समाधान हीं था। इससे सभी उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 वैश्विक एआई एजेंडा को आकार देने के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में भारत की भूमिका को मजबूत करता है। सात चक्रों और लोगों, ग्रह और प्रगति के तीन सूत्रों पर आधारित यह शिखर सम्मेलन एआई के लिए एक विकासोन्मुखी ढांचा विकसित करता है।
यह शिखर सम्मेलन जन, दुनिया और प्रगति के तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है और सात विषयगत कार्य समूहों द्वारा संचालित है जो आर्थिक विकास और सामाजिक हित के लिए एआई; एआई संसाधनों का लोकतंत्रीकरण; सामाजिक सशक्तिकरण के लिए समावेशन; सुरक्षित और विश्वसनीय एआई; मानव पूंजी; विज्ञान; और लचीलापन, नवाचार और दक्षता को कवर करते हैं।