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IAF: ऑपरेशन सिंदूर के रणनीतिकार अब वायुसेना को देंगे नई दिशा, कौन हैं नए VCAS एयर मार्शल अशुतोष दीक्षित?
Wed, 01 Jul 2026 02:57 PM IST
नितिन गौतम
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 01 Jul 2026 02:57 PM IST
सार
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अहम भूमिका निभाने वाले एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने आज वायु सेना के नए वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया। इस दौरान उन्होंने वायु भवन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने एयर मार्शल नागेश कपूर की जगह ली है।
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एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
एयर मार्शल अशुतोष दीक्षित ने बुधवार को भारतीय वायुसेना के नए वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ (VCAS) का पद संभाल लिया। उन्होंने एयर मार्शल नागेश कपूर का स्थान लिया, जो 30 जून को चार दशक से अधिक की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए। एयर मार्शल दीक्षित को वायु भवन, जो वायुसेना मुख्यालय है, में गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। पदभार ग्रहण करने से पहले उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सीआईएससी प्रमुख के रूप में दी सेवाएं
नियुक्ति से पहले एयर मार्शल दीक्षित एकीकृत रक्षा स्टाफ प्रमुख (CISC) के रूप में सेवा दे रहे थे। उन्होंने 1 मई 2025 को यह जिम्मेदारी संभाली थी और 30 जून को इसे छोड़ा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सीआईएससी प्रमुख के रूप में उन्होंने एकीकृत रक्षा ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी अहम भूमिका रही, जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण सैन्य अभियान माना जाता है।
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सीआईएससी प्रमुख के रूप में दी सेवाएं
नियुक्ति से पहले एयर मार्शल दीक्षित एकीकृत रक्षा स्टाफ प्रमुख (CISC) के रूप में सेवा दे रहे थे। उन्होंने 1 मई 2025 को यह जिम्मेदारी संभाली थी और 30 जून को इसे छोड़ा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सीआईएससी प्रमुख के रूप में उन्होंने एकीकृत रक्षा ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी अहम भूमिका रही, जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण सैन्य अभियान माना जाता है।
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एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित
- फोटो : पीटीआई
थिएटर कमान बनाने में निभाई अहम भूमिका
उनके कार्यकाल में 20 संयुक्त सैन्य सिद्धांतों (जॉइंट डॉक्ट्रिन्स) और प्राइमर्स को जारी किया गया, जिससे तीनों सेनाओं के बीच समन्वित सोच को संस्थागत रूप मिला। इसके अलावा रण संवाद 2025 और 2026 जैसी नई सैन्य संवाद पहल की परिकल्पना की गई और संयुक्त कमांडर सम्मेलनों का आयोजन किया गया। साथ ही, 'डिफेंस फोर्सेज विजन 2047' तैयार करने में भी उनकी अहम भूमिका रही, जिसे भविष्य की तकनीक-संचालित और एकीकृत सैन्य संरचना का रोडमैप माना जा रहा है।
उनके कार्यकाल में 20 संयुक्त सैन्य सिद्धांतों (जॉइंट डॉक्ट्रिन्स) और प्राइमर्स को जारी किया गया, जिससे तीनों सेनाओं के बीच समन्वित सोच को संस्थागत रूप मिला। इसके अलावा रण संवाद 2025 और 2026 जैसी नई सैन्य संवाद पहल की परिकल्पना की गई और संयुक्त कमांडर सम्मेलनों का आयोजन किया गया। साथ ही, 'डिफेंस फोर्सेज विजन 2047' तैयार करने में भी उनकी अहम भूमिका रही, जिसे भविष्य की तकनीक-संचालित और एकीकृत सैन्य संरचना का रोडमैप माना जा रहा है।
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित
- फोटो : पीटीआई
नए वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ के बारे में जानिए
एयर मार्शल दीक्षित को दिसंबर 1986 में भारतीय वायुसेना के फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। वे नेशनल डिफेंस अकादमी, खडकवासला, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, बांग्लादेश और नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं। वे एक अनुभवी फाइटर पायलट और क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर तथा एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट हैं, जिन्हें 3,300 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है। उन्होंने मिराज-2000, मिग-21 और जगुआर सहित 20 से अधिक प्रकार के विमानों को उड़ाया है। अधिकारियों के अनुसार, एयर मार्शल तेजिंदर सिंह को अगला एकीकृत रक्षा स्टाफ प्रमुख (CISC) नियुक्त किया जा सकता है।
एयर मार्शल दीक्षित को दिसंबर 1986 में भारतीय वायुसेना के फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। वे नेशनल डिफेंस अकादमी, खडकवासला, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, बांग्लादेश और नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं। वे एक अनुभवी फाइटर पायलट और क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर तथा एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट हैं, जिन्हें 3,300 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है। उन्होंने मिराज-2000, मिग-21 और जगुआर सहित 20 से अधिक प्रकार के विमानों को उड़ाया है। अधिकारियों के अनुसार, एयर मार्शल तेजिंदर सिंह को अगला एकीकृत रक्षा स्टाफ प्रमुख (CISC) नियुक्त किया जा सकता है।