TMC में सब ठीक नहीं: ममता बनर्जी की करीबी काकोली घोष ने छोड़ा जिला अध्यक्ष का पद, चुनावी रणनीति पर साधा निशाना
टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने चुनावी हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए बारासात जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के साथ उन्होंने पार्टी की रणनीति, I-PAC और बढ़ते अपराधीकरण पर भी सवाल उठाए।
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर उठापटक थमती नजर नहीं आ रही है। पार्टी की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने बारासात संगठनात्मक जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इलाके में पार्टी की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ा, लेकिन साथ ही चुनावी रणनीति और नेतृत्व की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाए।
इस्तीफा देते समय क्या बोलीं घोष?
चार बार की सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने राज्य टीएमसी अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को भेजे इस्तीफे में कहा कि पार्टी को पुराने तरीके की सड़क की राजनीति में लौटना चाहिए। उन्होंने इशारों में चुनावी रणनीतिकार संस्था I-PAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) और पार्टी में बढ़ते नए राजनीतिक ढांचे पर निशाना साधा।
उन्होंने लिखा कि अगर ईमानदार और पुराने समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ पहले की तरह काम किया जाए तो पार्टी की छवि फिर मजबूत होगी। मुश्किल काम अस्थायी संगठनों के जरिए नहीं किए जा सकते। राजनीतिक हलकों में इसे I-PAC पर सीधा हमला माना जा रहा है, जिसे टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के करीबी रणनीतिक ढांचे से जोड़ा जाता है।
पार्टी में बढ़ते भ्रष्टाचार को लेकर जताई चिंता
काकोली घोष दस्तिदार ने पार्टी में बढ़ते अपराधीकरण और भ्रष्टाचार को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं से लोगों में डर और असंतोष बढ़ा है और राजनीति में पारदर्शिता, जवाबदेही और मूल्यों को ज्यादा महत्व देने की जरूरत है।
बाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि I-PAC से जुड़े युवा कार्यकर्ताओं का रवैया पुराने पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति ठीक नहीं था। उन्होंने कहा कि मैंने I-PAC को नियुक्त नहीं किया था, लेकिन देखा कि वे हम जैसे पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं के साथ कैसा व्यवहार करते थे।
उन्होंने यह भी कहा कि टीएमसी की सीटें घटकर 80 तक पहुंच जाना उनके लिए स्वीकार करना मुश्किल है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि वह पार्टी नहीं छोड़ेंगी और एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में काम जारी रखेंगी।
घोष को मुख्य सचेतक के पद से भी हटाया गया
काकोली घोष दस्तिदार लंबे समय से ममता बनर्जी की करीबी मानी जाती रही हैं। वह बारासात से चार बार सांसद रह चुकी हैं और पार्टी के महिला संगठन की भी जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। हाल ही में उन्हें लोकसभा में टीएमसी के मुख्य सचेतक पद से हटाकर उनकी जगह कल्याण बनर्जी को नियुक्त किया गया था।