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No-Confidence Motion: लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, गृह मंत्री अमित शाह दे सकते हैं बहस का जवाब

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Mon, 09 Mar 2026 06:16 PM IST
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सार

लोकसभा में बजट सत्र के दूसरे चरण में आज यानी 9 मार्च को पश्चिम एशिया में संकट का मुद्दा छाया रहा और कार्यवाही बाधित हुई। इसके कारण विपक्षी दलों की तरफ से लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो सकी। अब जानकारी सामने आ रही है कि गृह मंत्री अमित शाह बहस के दौरान इस पर जवाब दे सकते हैं। पढ़ें क्या है पूरा मामला...

Amit Shah likely to reply to debate on no-confidence motion against Speaker Birla
अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री - फोटो : ANI
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विस्तार

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में होने वाली बहस का जवाब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दे सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक इस मुद्दे पर चर्चा मंगलवार को होने की संभावना है और बहस के अंत में अमित शाह सरकार की ओर से जवाब देंगे। सरकार की तरफ से संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू भी इस बहस में हिस्सा ले सकते हैं। बताया जा रहा है कि सरकार चाहती है कि स्पीकर के खिलाफ लाए गए इस प्रस्ताव पर जल्द से जल्द चर्चा कराई जाए।
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लोकसभा अध्यक्ष पर विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
दरअसल, यह चर्चा सोमवार को ही होने वाली थी, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित हो गई। विपक्ष पश्चिम एशिया की स्थिति पर संसद में चर्चा कराने की मांग कर रहा था, जिसके चलते स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो पाई। लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ यह प्रस्ताव विपक्ष के 118 सांसदों ने दिया है। इस प्रस्ताव को कांग्रेस के तीन सांसद-  मोहम्मद जावेद, के. सुरेश और मल्लू रवि- सदन में पेश करेंगे। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही चलाते समय पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया और विपक्ष के नेताओं को बोलने का पर्याप्त मौका नहीं दिया।

स्पीकर पर और क्या-क्या लगाए गए आरोप?
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि स्पीकर ने विपक्ष की महिला सांसदों के खिलाफ अनुचित आरोप लगाए और कई विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया, जबकि सत्तापक्ष के कुछ सदस्यों द्वारा पूर्व प्रधानमंत्रियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियों पर कार्रवाई नहीं की गई। विपक्ष का कहना है कि ऐसे रवैये से सदन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।

चर्चा और वोटिंग के दौरान क्या करेंगे ओम बिरला?
संविधान के अनुसार, स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान ओम बिरला सदन में मौजूद रह सकते हैं और अपना पक्ष भी रख सकते हैं। हालांकि, जब इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी तो वे सदन की अध्यक्षता नहीं कर सकते। यदि मतदान होता है तो वे वोट दे सकते हैं, लेकिन उन्हें सामान्य सदस्यों की तरह इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से नहीं बल्कि पर्ची के माध्यम से वोट देना होगा।

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पीएम मोदी ने की ओम बिरला की तारीफ
स्वतंत्रता के बाद यह पहला मौका नहीं है जब स्पीकर को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाया गया हो। इससे पहले भी कुछ मौकों पर ऐसा प्रस्ताव लाया जा चुका है। वर्ष 1954 में पहली लोकसभा के स्पीकर जी. वी. मावलंकर के खिलाफ भी ऐसा प्रस्ताव लाया गया था। इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ओम बिरला की तारीफ करते हुए कहा कि वे एक उत्कृष्ट सांसद और स्पीकर हैं, जो सदन को संविधान और संसदीय परंपराओं के अनुसार चलाते हैं और सभी पक्षों को साथ लेकर चलते हैं।


 
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