{"_id":"6a1894b5ee9a1327840b3968","slug":"amit-shah-says-infiltrators-who-voluntarily-go-back-their-countries-will-not-face-any-legal-action-gandhinagar-2026-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amit Shah: 'घुसपैठिये अपने देश लौट जाएं, खुद वापस गए तो नहीं होगी कानूनी कार्रवाई', अमित शाह का बड़ा एलान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Amit Shah: 'घुसपैठिये अपने देश लौट जाएं, खुद वापस गए तो नहीं होगी कानूनी कार्रवाई', अमित शाह का बड़ा एलान
एएनआई, गांधीनगर
Published by: Devesh Tripathi
Updated Fri, 29 May 2026 12:47 AM IST
विज्ञापन
सार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम शुरू करने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने सात दिनों के भीतर ही बाड़ लगाने के लिए 600 हेक्टेयर भूमि सीमा सुरक्षा बल को सौंप दी। इसके अलावा सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) में 121 हेक्टेयर भूमि भी भारत सरकार को हस्तांतरित कर दी गई है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि घुसपैठियों को अपने देशों में लौट जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग स्वेच्छा से वापस जाएंगे, उनके खिलाफ भारत में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। गांधीनगर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में बीएसएफ को सात दिनों के भीतर 600 हेक्टेयर जमीन सौंपने के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सराहना की।
उन्होंने कहा, ''हमने चुनाव के दौरान कहा था कि सत्ता में आने के बाद बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम शुरू करेंगे। अब मैं पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को सात दिनों के भीतर बीएसएफ को 600 हेक्टेयर जमीन सौंपने के लिए बधाई देना चाहता हूं।'' उन्होंने यह भी जिक्र किया कि चिकन नेक कहलाने वाले इलाके में 121 हेक्टेयर भूमि भारतीय सरकार को सौंप दी गई है।
ये भी पढ़ें: रिपोर्ट में दावा: आर्थिक सुस्ती के बीच भारत सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था, 6.5 फीसदी रह सकती है देश की वृद्धि दर
विज्ञापन
चिकन नेक की जमीन भी सरकार को मिली : अमित शाह
गृह मंत्री ने कहा, "चिकन नेक की 121 हेक्टेयर भूमि भारतीय सरकार को सौंप दी गई है। अब, घुसपैठिए खुद ही वापस जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने डिटेंशन सेंटर बनाए हैं, लेकिन हम सभी चाहते हैं कि घुसपैठिए खुद ही वापस चले जाएं। हमारी सरकार ने देश के हर घुसपैठिए की पहचान कर उसे बाहर निकालने का संकल्प लिया है।"
बंगाल सरकार ने कहां दी कितनी जमीन?
एक दिन पहले पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा था कि सरकार ने सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए बीएसएफ चौकियों और कंटीले तारों की बाड़ लगाने का काम तेज कर दिया है। अधिकारी ने बताया कि बीएसएफ को अतिरिक्त जमीन सौंप दी गई है, जिससे कुल आंकड़ा 142.79 एकड़ तक पहुंच गया है। उनके साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 38.805 एकड़ जमीन मुर्शिदाबाद में दी गई है। इसके बाद जलपाईगुड़ी में 35.165 एकड़ और कूचबिहार में 22.95 एकड़ जमीन दी गई है।
जनसांख्यिकीय बदलावों पर समिति का गठन
इस बीच गृह मंत्रालय ने देश भर में जनसांख्यिकीय बदलावों से उत्पन्न चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति गठित की है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी प्रस्ताव में कहा गया है कि ''जनसांख्यिकीय बदलावों के कारण व्यापक चुनौतियां सामने आई हैं, जिनमें अवैध घुसपैठ से जुड़ी समस्याएं भी शामिल हैं।''
ये भी पढ़ें: नासिक टीसीएस कांड: आठ और केस में एसआईटी की चार्जशीट दाखिल, AIMIM पार्षद पर कसा शिकंजा; कई बड़े नाम शामिल
प्रस्ताव के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में ये बदलाव सामान्य जन्म और मृत्यु दर के कारण नहीं, बल्कि अवैध घुसपैठ, अनियमित जनसंख्या आवाजाही और प्रशासनिक ढिलाई जैसे बाहरी कारणों से हो रहे हैं। इसमें कहा गया है कि ऐसे बदलाव सबसे ज्यादा सीमावर्ती जिलों में दिखाई देते हैं, लेकिन उनका असर शहरी क्षेत्रों, औद्योगिक कॉरिडोर, आदिवासी इलाकों और सामाजिक व आर्थिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंच चुका है।
उन्होंने कहा, ''हमने चुनाव के दौरान कहा था कि सत्ता में आने के बाद बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम शुरू करेंगे। अब मैं पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को सात दिनों के भीतर बीएसएफ को 600 हेक्टेयर जमीन सौंपने के लिए बधाई देना चाहता हूं।'' उन्होंने यह भी जिक्र किया कि चिकन नेक कहलाने वाले इलाके में 121 हेक्टेयर भूमि भारतीय सरकार को सौंप दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: रिपोर्ट में दावा: आर्थिक सुस्ती के बीच भारत सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था, 6.5 फीसदी रह सकती है देश की वृद्धि दर
Trending Videos
चिकन नेक की जमीन भी सरकार को मिली : अमित शाह
गृह मंत्री ने कहा, "चिकन नेक की 121 हेक्टेयर भूमि भारतीय सरकार को सौंप दी गई है। अब, घुसपैठिए खुद ही वापस जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने डिटेंशन सेंटर बनाए हैं, लेकिन हम सभी चाहते हैं कि घुसपैठिए खुद ही वापस चले जाएं। हमारी सरकार ने देश के हर घुसपैठिए की पहचान कर उसे बाहर निकालने का संकल्प लिया है।"
बंगाल सरकार ने कहां दी कितनी जमीन?
एक दिन पहले पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा था कि सरकार ने सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए बीएसएफ चौकियों और कंटीले तारों की बाड़ लगाने का काम तेज कर दिया है। अधिकारी ने बताया कि बीएसएफ को अतिरिक्त जमीन सौंप दी गई है, जिससे कुल आंकड़ा 142.79 एकड़ तक पहुंच गया है। उनके साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 38.805 एकड़ जमीन मुर्शिदाबाद में दी गई है। इसके बाद जलपाईगुड़ी में 35.165 एकड़ और कूचबिहार में 22.95 एकड़ जमीन दी गई है।
जनसांख्यिकीय बदलावों पर समिति का गठन
इस बीच गृह मंत्रालय ने देश भर में जनसांख्यिकीय बदलावों से उत्पन्न चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति गठित की है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी प्रस्ताव में कहा गया है कि ''जनसांख्यिकीय बदलावों के कारण व्यापक चुनौतियां सामने आई हैं, जिनमें अवैध घुसपैठ से जुड़ी समस्याएं भी शामिल हैं।''
ये भी पढ़ें: नासिक टीसीएस कांड: आठ और केस में एसआईटी की चार्जशीट दाखिल, AIMIM पार्षद पर कसा शिकंजा; कई बड़े नाम शामिल
प्रस्ताव के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में ये बदलाव सामान्य जन्म और मृत्यु दर के कारण नहीं, बल्कि अवैध घुसपैठ, अनियमित जनसंख्या आवाजाही और प्रशासनिक ढिलाई जैसे बाहरी कारणों से हो रहे हैं। इसमें कहा गया है कि ऐसे बदलाव सबसे ज्यादा सीमावर्ती जिलों में दिखाई देते हैं, लेकिन उनका असर शहरी क्षेत्रों, औद्योगिक कॉरिडोर, आदिवासी इलाकों और सामाजिक व आर्थिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंच चुका है।