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Maharashtra: अनिल देशमुख ने राज्यपाल को लिखा पत्र, चांदीवाल आयोग की अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
आईएएनएस, मुंबई
Published by: अमन तिवारी
Updated Wed, 17 Jun 2026 02:45 PM IST
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सार
अनिल देशमुख ने महाराष्ट्र के राज्यपाल को पत्र लिखकर चांदीवाल आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। इस आयोग ने परमबीर सिंह के आरोपों की जांच की थी। देशमुख चाहते हैं कि सरकार इस रिपोर्ट को सबके सामने लाए ताकि सच्चाई जनता को पता चल सके।
अनिल देशमुख
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी (शरद पवार) नेता अनिल देशमुख ने एक बार फिर चांदीवाल आयोग की रिपोर्ट का मुद्दा उठाया है। उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि वे राज्य सरकार को जरूरी निर्देश दें। देशमुख चाहते हैं कि सरकार चांदीवाल आयोग की अंतिम रिपोर्ट को जल्द से जल्द सार्वजनिक करे। इस आयोग ने मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह द्वारा उन पर लगाए गए आरोपों की जांच की थी।
अनिल देशमुख ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार को रिपोर्ट मिलने के चार साल बाद भी उसने इसे जारी नहीं किया है। राज्य सरकार ने 100 करोड़ रुपये की वसूली के मामले से जुड़े आरोपों की जांच के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस केयू चांदीवाल की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया था।
मार्च 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में, सिंह ने आरोप लगाया था कि देशमुख ने पुलिस अधिकारियों के लिए 100 करोड़ रुपये की मासिक वसूली का लक्ष्य तय किया था। अनिल देशमुख ने इन आरोपों से इनकार किया था और उन्होंने हाई कोर्ट द्वारा सीबीआई की प्रारंभिक जांच का आदेश दिए जाने के बाद इस्तीफा दे दिया था।
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गवर्नर को लिखे पत्र में देशमुख ने बताया कि आयोग ने 26 अप्रैल, 2022 को अपनी 1,400 पन्नों की अंतिम रिपोर्ट सौंपी थी। अनिल देशमुख ने कहा कि उन्होंने रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को 11 पत्र लिखे थे और संबंधित विभागों के मुख्य सचिव और सचिवों को भी पत्र लिखे थे। अनिल देशमुख ने गवर्नर से अनुरोध किया कि वे राज्य सरकार को पूरी रिपोर्ट प्रकाशित करने का निर्देश दें और इसे सार्वजनिक करने में हुई देरी के कारणों की जांच करें।
गौरतलब है कि अनिल देशमुख महाराष्ट्र के वरिष्ठ राजनेता हैं। वे महाराष्ट्र सरकार में गृह मंत्री के पद पर रह चुके हैं। देशमुख का नाम 2021 में कथित वसूली मामले को लेकर सुर्खियों में आया था, जिसके बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
अनिल देशमुख ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार को रिपोर्ट मिलने के चार साल बाद भी उसने इसे जारी नहीं किया है। राज्य सरकार ने 100 करोड़ रुपये की वसूली के मामले से जुड़े आरोपों की जांच के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस केयू चांदीवाल की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया था।
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मार्च 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में, सिंह ने आरोप लगाया था कि देशमुख ने पुलिस अधिकारियों के लिए 100 करोड़ रुपये की मासिक वसूली का लक्ष्य तय किया था। अनिल देशमुख ने इन आरोपों से इनकार किया था और उन्होंने हाई कोर्ट द्वारा सीबीआई की प्रारंभिक जांच का आदेश दिए जाने के बाद इस्तीफा दे दिया था।
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गवर्नर को लिखे पत्र में देशमुख ने बताया कि आयोग ने 26 अप्रैल, 2022 को अपनी 1,400 पन्नों की अंतिम रिपोर्ट सौंपी थी। अनिल देशमुख ने कहा कि उन्होंने रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को 11 पत्र लिखे थे और संबंधित विभागों के मुख्य सचिव और सचिवों को भी पत्र लिखे थे। अनिल देशमुख ने गवर्नर से अनुरोध किया कि वे राज्य सरकार को पूरी रिपोर्ट प्रकाशित करने का निर्देश दें और इसे सार्वजनिक करने में हुई देरी के कारणों की जांच करें।
गौरतलब है कि अनिल देशमुख महाराष्ट्र के वरिष्ठ राजनेता हैं। वे महाराष्ट्र सरकार में गृह मंत्री के पद पर रह चुके हैं। देशमुख का नाम 2021 में कथित वसूली मामले को लेकर सुर्खियों में आया था, जिसके बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।