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AI: आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस बदल देगा इलाज का तरीका, डॉक्टरों को इस तरह मिलेगा सहयोग
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Thu, 19 Feb 2026 03:22 PM IST
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आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस
- फोटो : फ्रीपिक
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आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) आने वाले समय में इलाज का पूरा तरीका बदल सकता है। मरीज कोई परेशानी होने पर स्वयं अपनी बीमारी के बारे में प्राथमिक स्तर की जानकारी पाने में सक्षम होगा तो डॉक्टरों की भूमिका एक्सपर्ट इंस्ट्रक्टर के रूप में सामने आ सकती है। स्वास्थ्य शिक्षा की पढ़ाई कर रहे छात्र एआई थ्रीडी मॉडल के सहयोग से लगभग उसी तरह का अनुभव हासिल कर सकेंगे जिस तरह वे ऑपरेशन थियेटर में अपने वरिष्ठ डॉक्टरों को ऑपरेशन करते हुए देखकर सीखते हैं। इससे उनकी दक्षता बढ़ेगी।
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मैक्स हॉस्पिटल की वरिष्ठ डॉक्टर ममता त्यागी ने अमर उजाला से कहा कि जिस तरह कंप्यूटर, इंटरनेट और रोबोटिक्स ने स्वास्थ्य सेवाओं में भारी बदलाव किया है, उसी तरह आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आने वाले समय में इलाज करने का पूरा तरीका बदल देगा। उन्होंने कहा कि सुदूर क्षेत्रों में लोगों को बेहतर इलाज देने में मुश्किलें आती हैं, लेकिन अब एआई की सहायता से शहरों में बैठकर भी दूर दराज के क्षेत्रों में लोगों का बेहतर इलाज करना संभव होगा। एआई और रोबोटिक्स के बेहतर समन्वय से दूर दराज के क्षेत्रों के लोगों का ऑपरेशन करना भी आसान होगा।
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डॉक्टर ममता त्यागी ने कहा कि एआई किसी व्यक्ति को यह समझने में समर्थ बना देगा कि उसके लक्षण किस बीमारी से संबंधित हो सकते हैं और उसके लिए उसे किस तरह का उपचार कराना चाहिए। इसमें एआई को जितना बेहतर आंकड़े और जानकारी दी जाएगी, उससे उतने ही बेहतर परिणाम मिल सकेंगे। लेकिन डॉक्टरों की भूमिका कभी भी खत्म नहीं होगी क्योंकि बुखार कई बीमारियों का लक्षण हो सकता है, लेकिन किसी विशेष व्यक्ति को किस कारण से बुखार आया है, यह निश्चित करने और इलाज का सही निर्णय करने में डॉक्टरों की भूमिका ही निर्णायक रहेगी। ऐसी स्थिति में डॉक्टरों की सेवा प्रकृति बदलेगी और वे एक सुपर इंस्ट्रक्टर की भूमिका में सामने आ सकते हैं।