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AI Impact Summit: एआई समिट के मंच से भारत-UAE साझेदारी को नई धार, PM मोदी-क्राउन प्रिंस की मुलाकात खास क्यों?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Thu, 19 Feb 2026 04:21 PM IST
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सार

नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत तकनीक में रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया।

AI Impact Summit 2026 Update India-UAE Partnership Important Meeting Between PM Modi and Crown Prince
नई दिल्ली में पीएम मोदी और यूएई के क्राउन प्रिंस की मुलाकात - फोटो : एक्स@MEAIndia
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विस्तार

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के बीच भारत-यूएई संबंधों को नई मजबूती मिली। समिट में हिस्सा लेने पहुंचे अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय मुलाकात की। इस बैठक में उन्नत तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा हुई। इस बात की जानकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दी। अबू धाबी के क्राउन प्रिंस बुधवार को दिल्ली पहुंचे थे। 

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत और यूएई भरोसेमंद साझेदार हैं और उन्नत तकनीक, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि क्राउन प्रिंस का एआई इम्पैक्ट समिट में स्वागत है और भारत-यूएई मिलकर बेहतर और साझा भविष्य के लिए एआई को आगे बढ़ा रहे हैं। 
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क्या है इंडिया AI इम्पैक्ट समिट?
यह सम्मेलन राजधानी में 20 फरवरी तक आयोजित किया जा रहा है। भारत एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन 2026 वैश्विक दक्षिण में आयोजित होने वाला पहला वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन है। इसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बदलती और प्रभावशाली भूमिका पर चर्चा करना है।यह सम्मेलन 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' यानी सबके कल्याण और सुख की भावना के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है। साथ ही यह 'मानवता के लिए एआई' यानी मानवता के लिए एआई के वैश्विक सिद्धांत को भी आगे बढ़ाता है।

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इस सम्मेलन के तीन प्रमुख आधार स्तंभ
बता दें कि यह सम्मेलन तीन प्रमुख आधार लोग, पृथ्वी और प्रगति पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास को मानव हित और वैश्विक संतुलन के साथ आगे बढ़ाना है। इस सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानव-केंद्रित हो। यानी ऐसी तकनीक विकसित हो जो लोगों के अधिकारों की रक्षा करे और समाज के हर वर्ग को समान रूप से लाभ पहुंचाए।

दूसरी ओर कृत्रिम बुद्धिमत्ता का विकास पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ हो। तकनीकी प्रगति के साथ प्रकृति और संसाधनों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही आर्थिक और तकनीकी विकास समावेशी हो, ताकि हर देश और समाज को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके।

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व्यापक वैश्विक भागीदारी

गौरतलब है कि इस शिखर सम्मेलन में 110 से अधिक देशों, 30 अंतरराष्ट्रीय संगठनों, लगभग 20 राष्ट्राध्यक्ष/सरकार प्रमुख स्तर के नेताओं और करीब 45 मंत्रियों ने भाग लिया है। यह सम्मेलन एआई के सुरक्षित, जिम्मेदार और सहयोगात्मक उपयोग के लिए वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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