असम चुनाव: विपक्ष ने लगाए स्ट्रॉन्गरूम सुरक्षा में चूक के आरोप, चुनाव आयोग को लिखा पत्र, सबूत भी किए पेश
असम में विपक्ष नेता देबब्रत सैकिया ने स्ट्रॉन्गरूम सुरक्षा में गंभीर खामियों का आरोप लगाया, कहा चुनाव सामग्री असुरक्षित थी, डबल-लॉक नियमों का उल्लंघन हुआ और प्रक्रिया की विश्वसनीयता खतरे में है।
विस्तार
असम विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कई विधानसभा क्षेत्रों के लिए बनाए गए स्ट्रॉन्गरूम की सुरक्षा में गंभीर उल्लंघन का आरोप लगाया है। सैकिया ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल को लिखे पत्र में नाजिरा सहित अन्य निर्वाचन क्षेत्रों की चुनाव सामग्री के रखरखाव, भंडारण और सुरक्षा में गंभीर खामियों का दावा किया है। उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में फोटो और वीडियो के सबूत भी दिए हैं।
दरवाजों पर लगे ताले ठीक से सील नहीं
नाजिरा से कांग्रेस उम्मीदवार सैकिया ने अपने पत्र में कहा कि उन्होंने कल दोपहर शिवसागर सरकारी उच्चतर माध्यमिक और बहुउद्देशीय विद्यालय में सामग्री सुरक्षा कक्ष का दौरा किया। उन्होंने पाया कि नाजिरा और अन्य निर्वाचन क्षेत्रों की चुनाव सामग्री रखने के लिए निर्धारित कमरे नंबर ग्यारह, बारह और तेरह निर्धारित ईसीआई मानदंडों के अनुसार नहीं रखे गए थे। निरीक्षण किए गए दरवाजों में से केवल एक ही ताले से सुरक्षित था, और वह भी ठीक से सील नहीं किया गया था। कई दरवाजे केवल अंदर से बंद थे या साधारण कुंडी से लगे थे, जिससे उन्हें आसानी से खोला जा सकता था।
उन्होंने बताया कि अनिवार्य डबल-लॉक प्रणाली का पालन नहीं किया गया था। सैकिया ने दावा किया कि नाजिरा के चुनाव कागजात वाले दरवाजों में से एक को हल्का धक्का मारकर खोला जा सकता था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संवेदनशील चुनाव कागजात असुरक्षित पाए गए, जिससे चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता खतरे में पड़ गई।
सीआरपीएफ तैनाती के बावजूद कक्षों की सुरक्षा नहीं
विपक्ष के नेता ने आरोप सुरक्षा के लिए तैनत जवान भी इसकी सुरक्षा नहीं कर रहे थे। सीआरपीएफ कर्मियों ने संकेत दिया कि उनकी तैनाती में विशेष रूप से चुनाव सामग्री कक्षों की सुरक्षा शामिल नहीं थी। सैकिया ने कहा कि यह सुरक्षा व्यवस्था में एक गंभीर चूक को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि उचित सीलिंग, डबल-लॉकिंग और सुरक्षा व्यवस्था की अनुपस्थिति से महत्वपूर्ण चुनाव सामग्री के साथ छेड़छाड़ या दुरुपयोग का जोखिम पैदा होता है।
चुनाव आयोग से की कार्रवाई की मांग
सैकिया ने चुनाव आयोग के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि ईवीएम के साथ संग्रहीत कागजात के अलावा अन्य चुनाव कागजात को एक ट्रेजरी या उप-ट्रेजरी में या अधिकृत पर्यवेक्षण के तहत डबल-लॉक प्रणाली वाले एक सुरक्षित स्ट्रॉन्गरूम में रखा जाना चाहिए। उन्होंने अपने पत्र में चुनाव आयोग से मामले की तत्काल जांच का आदेश देने, ईसीआई दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और एक समर्पित संतरी पोस्ट सहित पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करने का अनुरोध किया है। उन्होंने इन चूकों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का भी आग्रह किया। असम में नौ अप्रैल को मतदान हुआ था, जिसमें रिकॉर्ड पचासी दशमलव छियानवे फीसदी मतदाताओं ने हिस्सा लिया। वोटों की गिनती चार मई को होगी।

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