03:12 PM, 21-Apr-2026
चुनाव से पहले एआईएडीएमके प्रमुख पलानीस्वामी का बड़ा आरोप
एआईएडीएमके प्रमुख एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव प्रचार के अंतिम दिन सलेम जिले में डीएमके पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि डीएमके ने एआईएडीएमके को तोड़ने की साजिश रची थी, लेकिन उनकी पार्टी ने उस कोशिश को पूरी तरह नाकाम कर दिया।
पलानीस्वामी ने कहा कि जब वह 2016 से 2021 तक मुख्यमंत्री थे, तब कई राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसी दौरान एमके स्टालिन ने एआईएडीएमके को कमजोर करने और पार्टी में फूट डालने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ताओं और नेताओं की एकजुटता से यह योजना सफल नहीं हो सकी। उन्होंने इस चुनाव को एक परिवार बनाम तमिलनाडु की जनता की लड़ाई बताते हुए कहा कि राज्य की जनता अब वंशवादी राजनीति और परिवारवाद को खत्म करने के लिए तैयार है। पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि डीएमके सरकार सिर्फ एक परिवार के हितों के लिए काम कर रही है।
निवेश और रोजगार के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 35 लाख नौकरियों के दावे किए थे, लेकिन जमीन पर इसका कोई असर दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि अगर इतने निवेश आए होते, तो लाखों युवाओं को रोजगार मिल चुका होता।
03:03 PM, 21-Apr-2026
एन. चंद्रबाबू का DMK सरकार पर हमला
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तमिलनाडु की डीएमके सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। चेन्नई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है।
उन्होंने तमिलनाडु की जनता से आगामी चुनावों में एनडीए उम्मीदवारों को समर्थन देने की अपील करते हुए कहा कि राज्य को डबल इंजन सरकार की जरूरत है, जो तेज रफ्तार विकास सुनिश्चित कर सके। नायडू ने दावा किया कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 59 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है, 32 कस्टोडियल मौतें दर्ज की गई हैं और नकली शराब का मुद्दा भी गंभीर बना हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि भारी बारिश होने पर चेन्नई में जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है।अभिनेता विजय के चुनावी प्रभाव पर पूछे गए सवाल पर नायडू ने कहा कि मौजूदा दौर की राजनीति में एमजी रामचन्द्रन या एनटी रामा राव जैसे करिश्माई नेता नहीं हैं।
08:21 AM, 21-Apr-2026
तमिलनाडु-पश्चिम बंगाल में शुरुआती चुनावी समीकरण, समझिए
इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि तमिलनाडु में मुख्य मुकाबला पारंपरिक दिग्गजों के बीच है, जहां सत्ता की कुर्सी के लिए हर दल ने आखिरी दम तक जोर लगाया। रैलियों, रोड शो और वादों की बौछार के बीच अब नजरें मतदान के दिन पर टिक गई हैं। यहां हर वोट निर्णायक साबित हो सकता है, क्योंकि मुकाबला कांटे का माना जा रहा है।
दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल में सियासी संग्राम और भी ज्यादा आक्रामक रूप ले चुका है। भाजपा ने राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है, केंद्रीय नेताओं की ताबड़तोड़ रैलियां, तीखे बयान और जमीनी स्तर पर जबरदस्त सक्रियता ने मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है। इस चुनावी रण में सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि राजनीतिक वर्चस्व की निर्णायक टक्कर देखी जा रही है। अब सबकी नजर 23 तारीख को होने वाले मतदान और चार मई को होने वाली मतगणना पर है, जब मतदाता तय करेंगे कि किसकी रणनीति सफल रही और किसकी सियासी जमीन खिसक गई।
08:05 AM, 21-Apr-2026
Assembly Elections: तमिलनाडु में आज थम जाएगा चुनाव प्रचार; चंद्रबाबू नायडू-पलानीस्वामी का DMK पर डबल अटैक
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनावी जंग अपने चरम पर पहुंच चुकी है, जहां आरोप-प्रत्यारोप, रैलियों और शक्ति प्रदर्शन की आंधी अब थमने वाली है, लेकिन सियासी तापमान अभी भी उफान पर है। एक तरफ तमिलनाडु में आज प्रचार का शोर थम जाएगा और 23 तारीख को जनता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सियासी किस्मत तय करेगी। वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में भी हाल कुछ ऐसा ही हैं, जहां पहले चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार आज थम जरूर जाएगा। इसके बावजूद मुकाबला और भी ज्यादा तीखा होता दिख रहा है। एक तरफ भाजपा ने चुनावी रण में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) भी चुनावी रण में अपने सारे पत्ते खोलती हुई नजर आ रही है। हालांकि इंतजार तो चार मई का ही रहेगा, जिस दिन ये साफ होगा कि आखिर किस पार्टी का वादों और बातों पर जनता ने भरोसा किया और किस पार्टी की दावेदारी असफल साबित हुई।
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