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Assam: गौरव गोगोई इंडिया-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष के लिए नामित, असम सीएम ने कसा तंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: संध्या
Updated Wed, 25 Feb 2026 04:32 PM IST
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सार
असम कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि इंडिया-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह में उनका नामांकन संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है और ध्यान राजनीतिक टिप्पणियों नहीं, बल्कि गवर्नेंस पर होना चाहिएहिमंत बिस्वा सरमा पर टिप्पणी भी की।
गौरव गोगोई / हिमंत बिस्वा सरमा
- फोटो : ANI
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विस्तार
असम कांग्रेस के अध्यक्ष और लोकसभा सदस्य गौरव गोगोई को इंडिया-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह का अध्यक्ष बनाने का नाकांकन हुआ है। उनके नामांकन पर असम के मुख्यमंत्री ने बयान दिया था कि गोगोई को पाकिस्तान से जुड़ी जिम्मेदारी दी जानी चाहिए थी। इस पर गोगोई ने कहा कि सीएम के बयानों पर किसी गंभीर जवाब की जरूरत नहीं है।
पत्रकारों से बात करते हुए गोगोई ने कहा कि पार्लियामेंट्री नियुक्ति पर राजनीतिक बयान बाजियां करने के बजाय गवर्नेंस और लोगों की भलाई पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा मुख्यमंत्री के बयानों को गंभीरता से लेने की ज़रूरत नहीं है। सब कुछ साफ-साफ लिखकर बताया गया है, और ऐसे कमेंट्स को बेवजह अहमियत देने की कोई ज़रूरत नहीं है। गोगोई ने कहा मैं ऐसा इंसान नहीं हूं जो हर राजनीतिक बयान पर प्रतिक्रिया दे। मेरी ज़िम्मेदारी संसद और मुझे चुनने वाले लोगों के प्रति है।
संसदीय मैत्री समूह एक तय संस्थागत प्रक्रिया के जरिए बनाए जाते हैं और इनका मकसद भारत के वैश्विक संसदीय जुड़ाव को मज़बूत करना है। उन्होंने आगे कहा, “फिलीपींस के साथ संसदीय मैत्री समूह दो लोकतांत्रिक देशों के बीच कोऑपरेशन और बातचीत बढ़ाने के लिए बनाया गया है। यह लोकसभा की सौंपी हुई ज़िम्मेदारी है, और मैं इसे पूरी ईमानदारी से निभाऊंगा।”
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पत्रकारों से बात करते हुए गोगोई ने कहा कि पार्लियामेंट्री नियुक्ति पर राजनीतिक बयान बाजियां करने के बजाय गवर्नेंस और लोगों की भलाई पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा मुख्यमंत्री के बयानों को गंभीरता से लेने की ज़रूरत नहीं है। सब कुछ साफ-साफ लिखकर बताया गया है, और ऐसे कमेंट्स को बेवजह अहमियत देने की कोई ज़रूरत नहीं है। गोगोई ने कहा मैं ऐसा इंसान नहीं हूं जो हर राजनीतिक बयान पर प्रतिक्रिया दे। मेरी ज़िम्मेदारी संसद और मुझे चुनने वाले लोगों के प्रति है।
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संसदीय मैत्री समूह एक तय संस्थागत प्रक्रिया के जरिए बनाए जाते हैं और इनका मकसद भारत के वैश्विक संसदीय जुड़ाव को मज़बूत करना है। उन्होंने आगे कहा, “फिलीपींस के साथ संसदीय मैत्री समूह दो लोकतांत्रिक देशों के बीच कोऑपरेशन और बातचीत बढ़ाने के लिए बनाया गया है। यह लोकसभा की सौंपी हुई ज़िम्मेदारी है, और मैं इसे पूरी ईमानदारी से निभाऊंगा।”