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Assam: श्रीभूमि में भाजपा नेता की हत्या से तनाव, शव मिलने के बाद भड़की हिंसा; पुलिस ने हिरासत में लिए छह लोग
Sat, 15 Aug 2026 04:29 PM IST
Devesh Tripathi
आईएएनएस, गुवाहाटी
आईएएनएस, गुवाहाटी
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sat, 15 Aug 2026 04:29 PM IST
सार
असम के श्रीभूमि जिले में भाजपा के बूथ अध्यक्ष विकास रंजन धर की हत्या के बाद कई इलाकों में तनाव फैल गया। धर के लापता होने की शिकायत के बाद पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड की मदद से जांच आगे बढ़ाई और उनका शव एक तालाब के पास बरामद किया। पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया है और शुरुआती जांच में व्यक्तिगत दुश्मनी को हत्या की वजह माना जा रहा है।
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असम में भाजपा बूथ अध्यक्ष की हत्या
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
असम के श्रीभूमि जिले में करीब दो दिन से लापता भाजपा के 52 वर्षीय बूथ अध्यक्ष का शव असम-त्रिपुरा सीमा के पास मिलने के बाद तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने शनिवार को बताया कि मृतक की पहचान छगलमावा गांव निवासी विकास रंजन धर के रूप में हुई है। वह 12 अगस्त को मोटरसाइकिल से घर से निकले थे, जिसके बाद लापता हो गए। परिवार के लोगों से संपर्क नहीं होने पर उन्होंने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस की जांच और कॉल रिकॉर्ड खंगालने के बाद शुक्रवार को धर का शव जोगीछरा में एक तालाब के पास से बरामद किया गया। पुलिस ने मामले में छह लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें 24 और 30 साल की उम्र के दो कथित मुख्य आरोपी भी शामिल हैं।
पुलिस ने बताया क्यों की गई हत्या?
पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए आरोपियों में से एक ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर कबूल किया कि धर की हत्या धारदार हथियार से की गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) त्रिनयन भुइयां ने कहा कि शुरुआती जांच में हत्या के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी की बात सामने आई है।
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एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "शिकायत के आधार पर हमने उसकी तलाश शुरू की और उसके कॉल रिकॉर्ड को खंगाला। इससे जांचकर्ताओं को आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली। शुरुआती जांच से पता चलता है कि हत्या व्यक्तिगत दुश्मनी का नतीजा थी।"
एक आरोपी का क्यों हुआ हाफ एनकाउंटर?
मामले में उस समय नया मोड़ आया जब हिरासत में लिए गए आरोपियों में से एक ने पुलिस से भागने की कथित कोशिश की और धारदार वस्तु से एक कांस्टेबल पर हमला कर दिया। भुइयां ने बताया कि इस दौरान पुलिस ने गोली चलाई, जिससे आरोपी के बाएं पैर में चोट लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे काबू कर दोबारा हिरासत में ले लिया।
धर का शव मिलने के बाद छगलमावा, बाजारिछरा और आसपास के इलाकों में विरोध प्रदर्शन हुए। इस दौरान कई जगह तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। पुलिस ने बताया कि हिंसा के दौरान कुछ दुकानों में आग लगा दी गई। इसके बाद स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी।
मामले की जांच कर रही है पुलिस
अधिकारियों ने बताया कि अब स्थिति नियंत्रण में है। हत्या और इसके बाद हुई हिंसा की परिस्थितियों की जांच जारी है। पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की है। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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पुलिस की जांच और कॉल रिकॉर्ड खंगालने के बाद शुक्रवार को धर का शव जोगीछरा में एक तालाब के पास से बरामद किया गया। पुलिस ने मामले में छह लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें 24 और 30 साल की उम्र के दो कथित मुख्य आरोपी भी शामिल हैं।
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पुलिस ने बताया क्यों की गई हत्या?
पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए आरोपियों में से एक ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर कबूल किया कि धर की हत्या धारदार हथियार से की गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) त्रिनयन भुइयां ने कहा कि शुरुआती जांच में हत्या के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी की बात सामने आई है।
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एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "शिकायत के आधार पर हमने उसकी तलाश शुरू की और उसके कॉल रिकॉर्ड को खंगाला। इससे जांचकर्ताओं को आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली। शुरुआती जांच से पता चलता है कि हत्या व्यक्तिगत दुश्मनी का नतीजा थी।"
एक आरोपी का क्यों हुआ हाफ एनकाउंटर?
मामले में उस समय नया मोड़ आया जब हिरासत में लिए गए आरोपियों में से एक ने पुलिस से भागने की कथित कोशिश की और धारदार वस्तु से एक कांस्टेबल पर हमला कर दिया। भुइयां ने बताया कि इस दौरान पुलिस ने गोली चलाई, जिससे आरोपी के बाएं पैर में चोट लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे काबू कर दोबारा हिरासत में ले लिया।
धर का शव मिलने के बाद छगलमावा, बाजारिछरा और आसपास के इलाकों में विरोध प्रदर्शन हुए। इस दौरान कई जगह तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। पुलिस ने बताया कि हिंसा के दौरान कुछ दुकानों में आग लगा दी गई। इसके बाद स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी।
मामले की जांच कर रही है पुलिस
अधिकारियों ने बताया कि अब स्थिति नियंत्रण में है। हत्या और इसके बाद हुई हिंसा की परिस्थितियों की जांच जारी है। पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की है। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।