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Assembly Election 2026: बंगाल में पारदर्शिता और हिंसा-रहित मतदान पर जोर; केरल में प्रचार करेंगे माणिक साहा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Thu, 26 Mar 2026 01:57 AM IST
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सार
Assembly Election Updates: देश के पांच राज्यों असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों का एलान हो चुका है। कौन सा दल किस मुद्दे के सहारे जनता के बीच जा रहा है? किस राज्य में कौन सा गठबंधन या रणनीति अधिक कारगर साबित होगी? अलग-अलग राज्यों में विधानसभा चुनाव से जुड़े सभी अपडेट्स यहां पढ़ें..
चुनावी राज्यों में राजनीतिक हलचल तेज
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। आयोग ने राज्य के सभी 294 रिटर्निंग ऑफिसर्स को खास ट्रेनिंग दी है, जिसमें चुनाव प्रक्रिया के हर चरण को सही तरीके से लागू करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मतदान खत्म होने के बाद हर पोलिंग एजेंट को Form 17C की साइन की हुई कॉपी जरूर दी जाए, जिसमें वोटों का पूरा हिसाब होता है।
यह ट्रेनिंग जलपाईगुड़ी, मालदा, प्रेसिडेंसी, बर्धवान और मिदनापुर जैसे डिविजनल मुख्यालयों पर एक साथ आयोजित की गई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पहले ही साफ कहा था कि चुनाव पूरी तरह हिंसा, डर और लालच से मुक्त होने चाहिए ताकि हर मतदाता बिना किसी दबाव के वोट दे सके। ट्रेनिंग में नामांकन, उम्मीदवारों की जांच, आचार संहिता का पालन, चुनाव चिन्ह आवंटन और वोटों की गिनती जैसे जरूरी मुद्दों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही ECINET नाम के डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए हर दो घंटे में वोटिंग का डेटा अपलोड करने की व्यवस्था भी समझाई गई। इससे लगभग रियल-टाइम में मतदान का ट्रेंड देखा जा सकेगा। आयोग का कहना है कि इन तैयारियों से चुनाव ज्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद बनेंगे।
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यह ट्रेनिंग जलपाईगुड़ी, मालदा, प्रेसिडेंसी, बर्धवान और मिदनापुर जैसे डिविजनल मुख्यालयों पर एक साथ आयोजित की गई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पहले ही साफ कहा था कि चुनाव पूरी तरह हिंसा, डर और लालच से मुक्त होने चाहिए ताकि हर मतदाता बिना किसी दबाव के वोट दे सके। ट्रेनिंग में नामांकन, उम्मीदवारों की जांच, आचार संहिता का पालन, चुनाव चिन्ह आवंटन और वोटों की गिनती जैसे जरूरी मुद्दों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही ECINET नाम के डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए हर दो घंटे में वोटिंग का डेटा अपलोड करने की व्यवस्था भी समझाई गई। इससे लगभग रियल-टाइम में मतदान का ट्रेंड देखा जा सकेगा। आयोग का कहना है कि इन तैयारियों से चुनाव ज्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद बनेंगे।
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चुनाव ड्यूटी में गड़बड़ी पर डीएम का ट्रांसफर, जांच के आदेश
पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले बड़ी कार्रवाई करते हुए चुनाव आयोग ने पूर्वी मिदनापुर के जिला मजिस्ट्रेट और जिला चुनाव अधिकारी को तुरंत हटा दिया है। आयोग को शिकायत मिली थी कि चुनाव ड्यूटी के लिए तैयार की गई सूची में नियमों के खिलाफ कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को शामिल किया गया था।
इस मामले को गंभीर मानते हुए आयोग ने आईएएस अधिकारी यूनिस रिशिन इस्माइल का ट्रांसफर कर दिया और उनकी जगह निरंजन कुमार को नई जिम्मेदारी दी गई है। राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया है कि नए अधिकारी की ज्वॉइनिंग की रिपोर्ट तुरंत भेजी जाए। साथ ही आयोग ने मुख्य चुनाव अधिकारी को पूरे मामले की जांच करने का आदेश दिया है। उन्हें तीन दिन के अंदर रिपोर्ट देकर यह बताना होगा कि गलती कहां हुई और कौन जिम्मेदार है।
पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले बड़ी कार्रवाई करते हुए चुनाव आयोग ने पूर्वी मिदनापुर के जिला मजिस्ट्रेट और जिला चुनाव अधिकारी को तुरंत हटा दिया है। आयोग को शिकायत मिली थी कि चुनाव ड्यूटी के लिए तैयार की गई सूची में नियमों के खिलाफ कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को शामिल किया गया था।
इस मामले को गंभीर मानते हुए आयोग ने आईएएस अधिकारी यूनिस रिशिन इस्माइल का ट्रांसफर कर दिया और उनकी जगह निरंजन कुमार को नई जिम्मेदारी दी गई है। राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया है कि नए अधिकारी की ज्वॉइनिंग की रिपोर्ट तुरंत भेजी जाए। साथ ही आयोग ने मुख्य चुनाव अधिकारी को पूरे मामले की जांच करने का आदेश दिया है। उन्हें तीन दिन के अंदर रिपोर्ट देकर यह बताना होगा कि गलती कहां हुई और कौन जिम्मेदार है।
मनोज तिवारी को भाजपा का ऑफर, अभी फैसला बाकी
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मंत्री मनोज तिवारी को इस बार टीएमसी ने टिकट नहीं दिया, जिसके बाद उनकी राजनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहीं मनोज तिवारी ने खुद बताया कि उन्हें भाजपा की तरफ से ऑफर मिला है, लेकिन उन्होंने अभी कोई फैसला नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि वह जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहते और पहले अपने परिवार से बात करेंगे। उन्होंने माना कि टिकट न मिलने से उन्हें दुख हुआ है, लेकिन उन्होंने इसे भगवान की मर्जी बताया। मनोज तिवारी ने याद किया कि कैसे ममता बनर्जी ने उन्हें खुद फोन करके राजनीति में आने के लिए मनाया था। उन्होंने कहा कि वह लोगों की सेवा करने के लिए राजनीति में आए थे और अपने काम से संतुष्ट हैं।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मंत्री मनोज तिवारी को इस बार टीएमसी ने टिकट नहीं दिया, जिसके बाद उनकी राजनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहीं मनोज तिवारी ने खुद बताया कि उन्हें भाजपा की तरफ से ऑफर मिला है, लेकिन उन्होंने अभी कोई फैसला नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि वह जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहते और पहले अपने परिवार से बात करेंगे। उन्होंने माना कि टिकट न मिलने से उन्हें दुख हुआ है, लेकिन उन्होंने इसे भगवान की मर्जी बताया। मनोज तिवारी ने याद किया कि कैसे ममता बनर्जी ने उन्हें खुद फोन करके राजनीति में आने के लिए मनाया था। उन्होंने कहा कि वह लोगों की सेवा करने के लिए राजनीति में आए थे और अपने काम से संतुष्ट हैं।
NPP असम में बढ़ा रही पकड़, नए इलाकों पर फोकस
मेघालय के मुख्यमंत्री कोनरॉड के. संगमा ने कहा है कि उनकी पार्टी नेशनल पीपुल्स पार्टी अब असम में अपना विस्तार करने पर ध्यान दे रही है। पार्टी ने इस बार असम विधानसभा चुनाव में तीन सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। संगमा ने बताया कि उनकी पार्टी लंबे समय से असम के कुछ क्षेत्रों में स्थानीय नेताओं के साथ संपर्क बनाए हुए है और अब उसी आधार पर चुनाव में उतर रही है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ चुनाव जीतने का मामला नहीं है, बल्कि एक लंबी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।
उनका मानना है कि पार्टी धीरे-धीरे राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करेगी और इस चुनाव में खाता खोलने की उम्मीद है। NPP पहले से मेघालय में मजबूत स्थिति में है और अब पूरे नॉर्थ-ईस्ट में अपना दायरा बढ़ाना चाहती है। संगमा ने साफ कहा कि राजनीति को सिर्फ चुनाव तक सीमित नहीं देखना चाहिए, बल्कि यह एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। इसी सोच के साथ NPP असम में अपनी शुरुआत कर रही है।
मेघालय के मुख्यमंत्री कोनरॉड के. संगमा ने कहा है कि उनकी पार्टी नेशनल पीपुल्स पार्टी अब असम में अपना विस्तार करने पर ध्यान दे रही है। पार्टी ने इस बार असम विधानसभा चुनाव में तीन सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। संगमा ने बताया कि उनकी पार्टी लंबे समय से असम के कुछ क्षेत्रों में स्थानीय नेताओं के साथ संपर्क बनाए हुए है और अब उसी आधार पर चुनाव में उतर रही है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ चुनाव जीतने का मामला नहीं है, बल्कि एक लंबी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।
उनका मानना है कि पार्टी धीरे-धीरे राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करेगी और इस चुनाव में खाता खोलने की उम्मीद है। NPP पहले से मेघालय में मजबूत स्थिति में है और अब पूरे नॉर्थ-ईस्ट में अपना दायरा बढ़ाना चाहती है। संगमा ने साफ कहा कि राजनीति को सिर्फ चुनाव तक सीमित नहीं देखना चाहिए, बल्कि यह एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। इसी सोच के साथ NPP असम में अपनी शुरुआत कर रही है।
केरल चुनाव में प्रचार करेंगे त्रिपुरा के सीएम
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा केरल विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए प्रचार करेंगे। वह 27 मार्च को केरल पहुंचकर दो बड़ी रैलियों को संबोधित करेंगे। पहली रैली कन्नूर में होगी, जहां वह भाजपा उम्मीदवार प्रशांत मलवायल के समर्थन में प्रचार करेंगे। इसके बाद वह धर्मडोम में दूसरी रैली करेंगे, जहां मुकाबला केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से है। माणिक साहा की रैलियों से पार्टी को उम्मीद है कि कार्यकर्ताओं में जोश बढ़ेगा और चुनाव में बेहतर प्रदर्शन होगा। केरल में भाजपा अभी मजबूत स्थिति में नहीं है, लेकिन ऐसे प्रचार से पार्टी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा केरल विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए प्रचार करेंगे। वह 27 मार्च को केरल पहुंचकर दो बड़ी रैलियों को संबोधित करेंगे। पहली रैली कन्नूर में होगी, जहां वह भाजपा उम्मीदवार प्रशांत मलवायल के समर्थन में प्रचार करेंगे। इसके बाद वह धर्मडोम में दूसरी रैली करेंगे, जहां मुकाबला केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से है। माणिक साहा की रैलियों से पार्टी को उम्मीद है कि कार्यकर्ताओं में जोश बढ़ेगा और चुनाव में बेहतर प्रदर्शन होगा। केरल में भाजपा अभी मजबूत स्थिति में नहीं है, लेकिन ऐसे प्रचार से पार्टी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
तृणमूल ने दिलीप घोष के खिलाफ चुनाव आयोग में दर्ज कराई शिकायत
तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष के खिलाफ पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि घोष ने खड़गपुर में एक रैली के दौरान चुनाव ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को मारने की धमकी दी। शिकायत में कहा गया है कि एक वायरल वीडियो में दिलीप घोष खड़गपुर थाने के प्रभारी को लेकर हिंसक और डराने वाली बातें करते नजर आ रहे हैं। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और उन्हें पुलिसकर्मियों के खिलाफ धमकी भरे बयान देने से रोकने की मांग की है।
तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष के खिलाफ पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि घोष ने खड़गपुर में एक रैली के दौरान चुनाव ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को मारने की धमकी दी। शिकायत में कहा गया है कि एक वायरल वीडियो में दिलीप घोष खड़गपुर थाने के प्रभारी को लेकर हिंसक और डराने वाली बातें करते नजर आ रहे हैं। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और उन्हें पुलिसकर्मियों के खिलाफ धमकी भरे बयान देने से रोकने की मांग की है।
776 उम्मीदवारों के नामांकन वैध, दो सीटों पर जांच स्थगित
असम विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच में 776 उम्मीदवारों के पर्चे वैध पाए गए हैं। 24 मार्च को 124 सीटों पर जांच पूरी कर ली गई, जबकि दो सीटों, बरपेटा (एससी) और ढेकियाजुली, पर जांच 25 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई है। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, इस चुनाव में कुल 815 उम्मीदवारों ने 1,389 नामांकन पत्र दाखिल किए थे। नाम वापसी की अंतिम तिथि 26 मार्च है। ढेकियाजुली सीट से अशोक सिंघल समेत कुछ उम्मीदवारों के नामांकन की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हुई है। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उनका व कांग्रेस के बटाश ओरांग का नाम एप्लाइड श्रेणी में दिखाया गया है। इस सीट पर कुल 10 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था, जिनमें से 8 के पर्चे अब तक स्वीकार किए जा चुके हैं। वहीं, बरपेटा (एससी) सीट पर चार उम्मीदवारों ने नामांकन किया था। इनमें से तीन के पर्चे वैध पाए गए हैं, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी महानंदा सरकार दास का नामांकन अभी लंबित है।
असम विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच में 776 उम्मीदवारों के पर्चे वैध पाए गए हैं। 24 मार्च को 124 सीटों पर जांच पूरी कर ली गई, जबकि दो सीटों, बरपेटा (एससी) और ढेकियाजुली, पर जांच 25 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई है। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, इस चुनाव में कुल 815 उम्मीदवारों ने 1,389 नामांकन पत्र दाखिल किए थे। नाम वापसी की अंतिम तिथि 26 मार्च है। ढेकियाजुली सीट से अशोक सिंघल समेत कुछ उम्मीदवारों के नामांकन की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हुई है। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उनका व कांग्रेस के बटाश ओरांग का नाम एप्लाइड श्रेणी में दिखाया गया है। इस सीट पर कुल 10 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था, जिनमें से 8 के पर्चे अब तक स्वीकार किए जा चुके हैं। वहीं, बरपेटा (एससी) सीट पर चार उम्मीदवारों ने नामांकन किया था। इनमें से तीन के पर्चे वैध पाए गए हैं, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी महानंदा सरकार दास का नामांकन अभी लंबित है।