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Indigo Crisis: इंडिगो के खाली किए 717 स्लॉट, विमानन विशेषज्ञ की सलाह- करनी चाहिए पायलटों की भर्ती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमन तिवारी
Updated Sun, 25 Jan 2026 09:14 AM IST
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सार
डीजीसीए की सख्ती के बाद इंडिगो ने 717 फ्लाइट स्लॉट छोड़ दिए हैं। एक्सपर्ट सुभाष गोयल ने इसे सुरक्षा और पायलटों के आराम के लिए जरूरी बताया। मंत्रालय अब ये स्लॉट उन दूसरी एयरलाइंस को देगा, जिनके पास पर्याप्त विमान और स्टाफ है, ताकि यात्रियों को उड़ानों रद्दीकरण से बचाया जा सके।
इंडिगो विमान
- फोटो : X-@IndiGo6E
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विस्तार
सीनियर विमानन विशेषज्ञ सुभाष गोयल ने रविवार को हवाई सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया। उनका यह बयान डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) के उस फैसले के बाद आया है, जिसमें इंडिगो के विंटर अनुसूची में कटौती की गई थी। इसके चलते इंडिगो को अलग-अलग हवाई अड्डे पर अपने 717 घरेलू उड़ान स्लॉट छोड़ने पड़े हैं।
इंडिगो ने 700 से ज्यादा स्लॉट किए सरेंडर
गोयल ने कहा कि एयरलाइन को और पायलटों की भर्ती करनी चाहिए ताकि रोस्टर सही रहे। उन्होंने कहा, "सरकार के नियमों का पालन होना चाहिए। अहमदाबाद हादसे के बाद सुरक्षा और भी अहम हो गई है। डीजीसीए यह सुनिश्चित कर रहा है कि पायलटों को पर्याप्त आराम मिले।"
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने शनिवार को 700 से ज्यादा स्लॉट सरेंडर कर दिए। दिसंबर की शुरुआत में ऑपरेशन में आई दिक्कतों के बाद डीजीसीए ने इंडिगो के अनुसूची में दस फीसदी कटौती का आदेश दिया था। हवाई अड्डा स्लॉट का मतलब व्यस्त हवाई अड्डा पर एयरलाइंस को विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग के लिए दिए गए तय समय के विंडो से है। ये स्लॉट फ्लाइट अनुसूची और ऑपरेशनल दक्षता बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी हैं।
ये भी पढ़ें: Indigo Crisis: क्या डीजीसीए की सख्ती से इंडिगो को बदलनी पड़ी रणनीति? एयरलाइन ने स्लॉट को लेकर किया बड़ा बदलाव
क्या है मंत्रालय का उद्देश्य?
जनवरी से मार्च 2026 की अवधि में खाली किए गए ये स्लॉट डीजीसीए के उस निर्देश का नतीजा हैं, जिसका मकसद बार-बार आखिरी समय में होने वाली रद्दीकरण को रोकना और इंडिगो के ऑपरेशन में स्थिरता लाना है। यह एयरलाइन, जो आमतौर पर रोजाना 2,200 से ज्यादा उड़ाने ऑपरेट करती है, दिसंबर 2025 में बड़े पैमाने पर दिक्कतों की रिपोर्ट के बाद सेवाओं में कटौती करने के लिए मजबूर हुई।
सूत्रों के अनुसार, इंडिगो ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को खाली स्लॉट की लिस्ट सौंप दी है। मंत्रालय ने अब दूसरी एयरलाइंस को इन स्लॉट पर उड़ानें शुरू करने का न्योता दिया है। मंत्रालय का मकसद है कि ये स्लॉट खाली न रहें और यात्रियों को सुविधा मिले।
करना होगा नियमों का पालन
हालांकि, ये स्लॉट उन्हीं एयरलाइंस को मिलेंगे जिनके पास अतिरिक्त विमान, पायलट और केबिन क्रू मौजूद हैं। सिर्फ पुरानी उड़ानों के समय में बदलाव करने वालों को प्राथमिकता नहीं मिलेगी। मंत्रालय ने साफ किया है कि अगर एयरलाइंस ने तैयारी नहीं दिखाई, तो दिए गए स्लॉट रद्द कर दिए जाएंगे। डीजीसीए ने यह कदम सर्दियों में फ्लाइट्स कैंसिल होने और देरी से यात्रियों को बचाने के लिए उठाया है। वहीं इंडिगो ने आदेश का पालन करने और अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने का वादा किया है।
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इंडिगो ने 700 से ज्यादा स्लॉट किए सरेंडर
गोयल ने कहा कि एयरलाइन को और पायलटों की भर्ती करनी चाहिए ताकि रोस्टर सही रहे। उन्होंने कहा, "सरकार के नियमों का पालन होना चाहिए। अहमदाबाद हादसे के बाद सुरक्षा और भी अहम हो गई है। डीजीसीए यह सुनिश्चित कर रहा है कि पायलटों को पर्याप्त आराम मिले।"
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भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने शनिवार को 700 से ज्यादा स्लॉट सरेंडर कर दिए। दिसंबर की शुरुआत में ऑपरेशन में आई दिक्कतों के बाद डीजीसीए ने इंडिगो के अनुसूची में दस फीसदी कटौती का आदेश दिया था। हवाई अड्डा स्लॉट का मतलब व्यस्त हवाई अड्डा पर एयरलाइंस को विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग के लिए दिए गए तय समय के विंडो से है। ये स्लॉट फ्लाइट अनुसूची और ऑपरेशनल दक्षता बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी हैं।
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क्या है मंत्रालय का उद्देश्य?
जनवरी से मार्च 2026 की अवधि में खाली किए गए ये स्लॉट डीजीसीए के उस निर्देश का नतीजा हैं, जिसका मकसद बार-बार आखिरी समय में होने वाली रद्दीकरण को रोकना और इंडिगो के ऑपरेशन में स्थिरता लाना है। यह एयरलाइन, जो आमतौर पर रोजाना 2,200 से ज्यादा उड़ाने ऑपरेट करती है, दिसंबर 2025 में बड़े पैमाने पर दिक्कतों की रिपोर्ट के बाद सेवाओं में कटौती करने के लिए मजबूर हुई।
सूत्रों के अनुसार, इंडिगो ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को खाली स्लॉट की लिस्ट सौंप दी है। मंत्रालय ने अब दूसरी एयरलाइंस को इन स्लॉट पर उड़ानें शुरू करने का न्योता दिया है। मंत्रालय का मकसद है कि ये स्लॉट खाली न रहें और यात्रियों को सुविधा मिले।
करना होगा नियमों का पालन
हालांकि, ये स्लॉट उन्हीं एयरलाइंस को मिलेंगे जिनके पास अतिरिक्त विमान, पायलट और केबिन क्रू मौजूद हैं। सिर्फ पुरानी उड़ानों के समय में बदलाव करने वालों को प्राथमिकता नहीं मिलेगी। मंत्रालय ने साफ किया है कि अगर एयरलाइंस ने तैयारी नहीं दिखाई, तो दिए गए स्लॉट रद्द कर दिए जाएंगे। डीजीसीए ने यह कदम सर्दियों में फ्लाइट्स कैंसिल होने और देरी से यात्रियों को बचाने के लिए उठाया है। वहीं इंडिगो ने आदेश का पालन करने और अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने का वादा किया है।
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