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बारुईपुर केस: एनकाउंटर पर सियासत तेज, TMC ने कहा- बंगाल में यूपी की राजनीति, भाजपा ने आरोपों को बताया राजनीति

Wed, 08 Jul 2026 03:52 PM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: Pavan Updated Wed, 08 Jul 2026 03:52 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म मामले में राज्य में राजनीति चरम पर है। पूर्व में सत्ताधारी के सांसदों ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा और राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से फेल होने का आरोप लगाया है। वहीं सत्ता पक्ष की तरफ से इन आरोपों पर पलटवार किया गया है।

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Baruipur Case: Politics over encounter; TMC alleges 'UP-style politics' in Bengal, BJP dismisses accusations
बारुईपुर के आरोपी के एनकाउंटर पर राजनीति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पश्चिम बंगाल के बारुईपुर दुष्कर्म और हत्या मामले के मुख्य आरोपी प्रभास मंडल की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गई हैं। दोनों दल एक-दूसरे पर कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
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क्या है मामला?
बारुईपुर में दुष्कर्म और हत्या के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी प्रभास मंडल की मंगलवार को पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि आरोपी पुलिस की हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान उसने पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और पुलिस पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से उसकी मौत हो गई। हालांकि, इस एनकाउंटर के बाद विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई।
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महुआ मोइत्रा ने उठाए सवाल
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस एनकाउंटर पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि पश्चिम बंगाल में अब 'उत्तर प्रदेश मॉडल' लागू किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए इसे जंगल राज बताया और कहा कि बंगाल में कानून के बजाय एनकाउंटर की राजनीति शुरू हो गई है। महुआ मोइत्रा पुलिस एनकाउंटर को आरोपी को चुप कराने की साजिश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने कानून का पालन नहीं किया और यह कार्रवाई भाजपा से जुड़े लोगों को बचाने के लिए की गई।
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कीर्ति आजाद का हमला
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने भी पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा, 'उत्तर प्रदेश की राजनीति अब बंगाल में आ गई है'। उनका दावा है कि मुठभेड़ में मारा गया प्रभास मंडल भाजपा का सक्रिय कार्यकर्ता था। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून का शासन कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है।
 

भाजपा का पलटवार
टीएमसी के आरोपों पर भाजपा नेता अनिर्बान गांगुली ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने भी कहा था कि करीब 200 लोग इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैलाने और लोगों को भड़काने की कोशिश कर रहे थे तथा उनकी राजनीतिक पहचान की जांच की जा रही है। गांगुली ने कहा कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी इस मामले पर राजनीति कर रही है, जबकि महिलाओं की सुरक्षा के मामले में उसका रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है। उन्होंने कहा कि 34 साल के वाम शासन और 15 साल के टीएमसी शासन में स्थानीय गुंडों का बोलबाला रहा और कानून-व्यवस्था कमजोर हुई। अब व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही है।
 

महुआ मोइत्रा पर भी साधा निशाना
अनिर्बान गांगुली ने महुआ मोइत्रा के बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि टीएमसी नेताओं ने पहले पार्क स्ट्रीट, संदेशखाली और अन्य मामलों में चुप्पी साध ली थी, जबकि उन मामलों में भी महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराध हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी का महिलाओं की सुरक्षा को लेकर रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है।
 

भाजपा नेता केया घोष ने क्या कहा?
भाजपा नेता केया घोष ने पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि आरोपी ने पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया था और पुलिस पर गोली चलाई थी। ऐसे में पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि वह मौतों पर चयनात्मक राजनीति करती हैं। केया घोष ने कहा कि कसबा दुष्कर्म केस और हांसखाली मामले में इस तरह का विरोध प्रदर्शन क्यों नहीं किया गया। उनका कहना था कि भाजपा कानून के शासन में विश्वास करती है और किसी भी कार्रवाई का आधार धर्म, जाति या राजनीतिक पहचान नहीं होगी।
 

मुठभेड़ पर पुलिस का पक्ष
पुलिस के अनुसार, आरोपी को घटनास्थल पर ले जाकर जांच की जा रही थी। इसी दौरान उसने पुलिस का हथियार छीन लिया और भागने की कोशिश की। पुलिस पर गोली चलाने के बाद जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई। हालांकि, विपक्षी दल पुलिस के इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। मामले को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। पुलिस ने कहा है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों को सामने लाया जाएगा।
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