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NIA: आईएसआईएस और अल-कायदा का ऑनलाइन टेरर केस, 10 राज्यों में 20 जगहों पर एनआईए की रेड
Wed, 08 Jul 2026 05:14 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Wed, 08 Jul 2026 05:14 PM IST
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NIA
- फोटो : अमर उजाला
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नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को ऑनलाइन टेरर रेडिकलाइज़ेशन (आतंकवादी विचारधारा की ओर उकसाने) के एक मामले में देश भर में छापेमारी की है। जांच एजेंसी ने 10 राज्यों में 20 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। देश में कई जगहों पर आईएसआईएस और 'अल कायदा आईएस' जैसे आतंकवादी संगठनों की विचारधारा को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा था। इसका मकसद लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार के खिलाफ हिंसक जिहाद शुरू कर राष्ट्र को इस्लामिक स्टेट बनाना था।
केस संख्या RC-01/2026/NIA/VSKP की चल रही जांच के तहत, एनआईए की टीमों ने एक साथ मिलकर आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली (केंद्र शासित प्रदेश) में कुल 20 जगहों पर छापेमारी की। इस दौरान कई डिजिटल डिवाइस ज़ब्त किए गए हैं। रेडिकलाइज़ेशन की साज़िश के बारे में और सुराग पाने के लिए इन डिवाइस की फॉरेंसिक जांच की जाएगी। इस मामले में अब तक ग्यारह आरोपियों और एक नाबालिग को गिरफ़्तार किया जा चुका है। एनआईए ने इस मामले की जांच मई में विजयवाड़ा पुलिस से अपने हाथ में ली थी।
विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) पुलिस ने शुरू में मार्च में मुख्य आरोपी रहमतुल्लाह शरीफ मोहम्मद के घर की तलाशी के बाद मामला दर्ज किया था। इस तलाशी में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों 'अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट' और 'इस्लामिक स्टेट' से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री मिली थी। जिन जगहों पर तलाशी ली गई, उन्हें पहले ज़ब्त किए गए डिजिटल डिवाइस के विस्तृत तकनीकी विश्लेषण, गिरफ्तार आरोपियों के कनेक्शन और जांच से मिली अन्य जानकारियों के आधार पर चुना गया था।
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एनआईए, देश को अस्थिर करने और 'खिलाफत' स्थापित करने की साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए काम कर रही है। जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी और उनके साथी हिंसक जिहादी कंटेंट और गलत जानकारी के ज़रिए देश भर के आसानी से प्रभावित होने वाले युवाओं को कट्टरपंथी बनाने में लगे थे। आरोपी जिहादी विचारधारा को फैलाने और भारत-विरोधी साजिश को बढ़ावा देने के लिए विदेशों में बैठे अपने हैंडलर्स के साथ ऑनलाइन संपर्क में भी थे।
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केस संख्या RC-01/2026/NIA/VSKP की चल रही जांच के तहत, एनआईए की टीमों ने एक साथ मिलकर आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली (केंद्र शासित प्रदेश) में कुल 20 जगहों पर छापेमारी की। इस दौरान कई डिजिटल डिवाइस ज़ब्त किए गए हैं। रेडिकलाइज़ेशन की साज़िश के बारे में और सुराग पाने के लिए इन डिवाइस की फॉरेंसिक जांच की जाएगी। इस मामले में अब तक ग्यारह आरोपियों और एक नाबालिग को गिरफ़्तार किया जा चुका है। एनआईए ने इस मामले की जांच मई में विजयवाड़ा पुलिस से अपने हाथ में ली थी।
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विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) पुलिस ने शुरू में मार्च में मुख्य आरोपी रहमतुल्लाह शरीफ मोहम्मद के घर की तलाशी के बाद मामला दर्ज किया था। इस तलाशी में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों 'अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट' और 'इस्लामिक स्टेट' से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री मिली थी। जिन जगहों पर तलाशी ली गई, उन्हें पहले ज़ब्त किए गए डिजिटल डिवाइस के विस्तृत तकनीकी विश्लेषण, गिरफ्तार आरोपियों के कनेक्शन और जांच से मिली अन्य जानकारियों के आधार पर चुना गया था।
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एनआईए, देश को अस्थिर करने और 'खिलाफत' स्थापित करने की साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए काम कर रही है। जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी और उनके साथी हिंसक जिहादी कंटेंट और गलत जानकारी के ज़रिए देश भर के आसानी से प्रभावित होने वाले युवाओं को कट्टरपंथी बनाने में लगे थे। आरोपी जिहादी विचारधारा को फैलाने और भारत-विरोधी साजिश को बढ़ावा देने के लिए विदेशों में बैठे अपने हैंडलर्स के साथ ऑनलाइन संपर्क में भी थे।