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Bengaluru: डे-केयर का दावा- बर्खास्त कर्मियों ने रची साजिश; बच्चों से दुर्व्यवहार के वीडियो हुए थे वायरल
Wed, 15 Jul 2026 03:33 PM IST
नितिन गौतम
एएनआई, अमर उजाला
एएनआई, अमर उजाला
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 15 Jul 2026 03:33 PM IST
सार
बंगलूरू के डे-केयर में बच्चों से दुर्व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। अब उसे लेकर डे-केयर ने बयान जारी किया है और दावा किया है कि दो बर्खास्त कर्मचारियों ने संस्था को बदनाम करने के लिए साजिश रची थी। जानिए डे-केयर सेंटर ने बयान में क्या-क्या दावे किए हैं।
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डे-केयर
- फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार
बीते दिनों बंगलूरू में आईटी फर्म कैपजेमिनी में स्थित डे-केयर सेंटर लिटिल स्कॉलर्स का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उस वीडियो में डे-केयर में काम करने वाली महिलाएं बच्चों से दुर्व्यवहार करती नजर आईं थी। इस पर खूब हंगामा हुआ था। अब डे-केयर सेंटर लिटिल स्कॉलर्स ने दावा किया है कि दो बर्खास्त कर्मचारियों ने सेंटर को बदनाम करने के लिए यह साजिश रची थी।
लिटिल स्कॉलर्स का दावा- सेंटर को बदनाम करने की साजिश
अब डे-केयर सेंटर लिटिल स्कॉलर्स ने दावा किया है कि वहां बच्चों के साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं हुआ और संस्था को बदनाम करने के लिए छेड़छाड़ कर वीडियो प्रसारित करने की साजिश रची गई थी। संस्था ने कहा कि वे, उनके कॉर्पोरेट क्लाइंट, आईटी फर्म कैपेजेमिनी, सभी दुर्भावनापूर्ण अभियान के शिकार हो गए थे।
बयान में कहा गया है कि सेंटर की दो कर्मचारियों सुजाता और विजयलक्ष्मी का 25 जून 2026 को काम के दौरान आपस में झगड़ा हो गया था। इसके बाद दोनों को बर्खास्त कर दिया गया था। लिटिल स्कॉलर्स की मालिक रमनदीप कौर ने बताया कि दोनों पूर्व कर्मियों ने बदले की भावना से संस्था के खिलाफ साजिश रची और जबरन वसूली के लिए ये वीडियो शूट किया था, जिसे छेड़छाड़ कर संस्था को बदनाम करने के लिए प्रसारित किया गया था।
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आरोपियों ने कैसे रची साजिश?
सेंटर ने कहा कि बर्खास्त करने के अगले दिन दोनों महिलाएं डे-केयर परिसर में वापस आईं और अपनी नौकरी बचाने के लिए सेंटर की प्रबंधक को धमकी दी। दोनों को लिखित माफीनामा देने और परिसर से जाने को कहा गया, लेकिन वे शाम तक वहीं रहीं। इसके बाद दोनों अचानक नौकरी से निकालने की क्षतिपूर्ति की मांग करती रही और कई दिन परिसर आती रहीं। दोनों ने एक अन्य व्यक्ति महेंद्र के साथ मिलकर सेंटर से ढाई लाख रुपये की वसूली करने की कोशिश की। इसके लिए सेंटर को ब्लैकमेल करने के लिए छेड़छाड़ कर एक वीडियो बना लिया गया। जब पैसे नहीं मिले तो बच्चों से दुर्व्यवहार का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
बयान में कहा गया कि कैपेजेमिनी की भूमिका केवल परिसर और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने तक सीमित थी, जबकि डे-केयर से संबंधित सभी कामों का प्रबंधन लिटिल स्कॉलर्स द्वारा किया जाता है। कंपनी ने कहा कि वे जांच में सहयोग कर रहे हैं। फिलहाल दोनों आरोपी महिलाएं पुलिस हिरासत में हैं।
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लिटिल स्कॉलर्स का दावा- सेंटर को बदनाम करने की साजिश
अब डे-केयर सेंटर लिटिल स्कॉलर्स ने दावा किया है कि वहां बच्चों के साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं हुआ और संस्था को बदनाम करने के लिए छेड़छाड़ कर वीडियो प्रसारित करने की साजिश रची गई थी। संस्था ने कहा कि वे, उनके कॉर्पोरेट क्लाइंट, आईटी फर्म कैपेजेमिनी, सभी दुर्भावनापूर्ण अभियान के शिकार हो गए थे।
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बयान में कहा गया है कि सेंटर की दो कर्मचारियों सुजाता और विजयलक्ष्मी का 25 जून 2026 को काम के दौरान आपस में झगड़ा हो गया था। इसके बाद दोनों को बर्खास्त कर दिया गया था। लिटिल स्कॉलर्स की मालिक रमनदीप कौर ने बताया कि दोनों पूर्व कर्मियों ने बदले की भावना से संस्था के खिलाफ साजिश रची और जबरन वसूली के लिए ये वीडियो शूट किया था, जिसे छेड़छाड़ कर संस्था को बदनाम करने के लिए प्रसारित किया गया था।
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आरोपियों ने कैसे रची साजिश?
सेंटर ने कहा कि बर्खास्त करने के अगले दिन दोनों महिलाएं डे-केयर परिसर में वापस आईं और अपनी नौकरी बचाने के लिए सेंटर की प्रबंधक को धमकी दी। दोनों को लिखित माफीनामा देने और परिसर से जाने को कहा गया, लेकिन वे शाम तक वहीं रहीं। इसके बाद दोनों अचानक नौकरी से निकालने की क्षतिपूर्ति की मांग करती रही और कई दिन परिसर आती रहीं। दोनों ने एक अन्य व्यक्ति महेंद्र के साथ मिलकर सेंटर से ढाई लाख रुपये की वसूली करने की कोशिश की। इसके लिए सेंटर को ब्लैकमेल करने के लिए छेड़छाड़ कर एक वीडियो बना लिया गया। जब पैसे नहीं मिले तो बच्चों से दुर्व्यवहार का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
बयान में कहा गया कि कैपेजेमिनी की भूमिका केवल परिसर और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने तक सीमित थी, जबकि डे-केयर से संबंधित सभी कामों का प्रबंधन लिटिल स्कॉलर्स द्वारा किया जाता है। कंपनी ने कहा कि वे जांच में सहयोग कर रहे हैं। फिलहाल दोनों आरोपी महिलाएं पुलिस हिरासत में हैं।