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Hindi News ›   India News ›   MP Supriya Sule 50% condition before the Centre delimitation bill, 33% reservation for women is required.

NCP: परिसीमन बिल पर सांसद सुप्रिया सुले ने केंद्र के सामने रखी 50 फीसदी वाली शर्त, कहा- 33% महिला आरक्षण चाहिए

Wed, 15 Jul 2026 03:35 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी एएनआई, मुबंई
एएनआई, मुबंई Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Wed, 15 Jul 2026 03:35 PM IST
सार

एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने सरकार से संसद में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण जल्द लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन ने कभी भी इसे परिसीमन से जोड़ने की मांग नहीं की। 

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MP Supriya Sule  50% condition before the Centre delimitation bill, 33% reservation for women is required.
सुप्रिया सुले, एनसीपी-एसपी सांसद - फोटो : ANI

विस्तार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने बुधवार को कहा कि सरकार को संसद में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करना चाहिए। इसके साथ ही यह भी कहा कि इंडिया ब्लॉक ने कभी भी परिसीमन प्रक्रिया को इससे जोड़ने की मांग नहीं की है।

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सांसद सुले ने क्या कहा?
सुले ने कहा कि उनकी पार्टी, एनसीपी (एसपी), ने परिसीमन प्रक्रिया के संबंध में किसी से भी कोई चर्चा नहीं की है। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'हमने परिसीमन के संबंध में न तो किसी से कोई चर्चा की है। न ही किसी ने इस बारे में हमसे संपर्क किया है। विधेयक पेश होने के बाद हम अपना रुख स्पष्ट करेंगे।'

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गठबंधन का क्या मांग है?
बारामती सांसद ने आगे कहा कि इस तरह के किसी भी कानून पर फैसला इंडिया ब्लॉक के साथ चर्चा के बाद लिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हालांकि, हम आगामी विधेयक पर इंडिया गठबंधन के भीतर विस्तार से चर्चा करेंगे। इससे पहले डीएमके, एसपी और हमारी जैसी पार्टियों ने कहा था कि हम 50% आरक्षण के मुद्दे पर विचार करेंगे। इंडिया गठबंधन ने परिसीमन की मांग नहीं की है। हमारी मांग है कि महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू किया जाए।'

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गृह मंत्री को पत्र लिख कर क्या कहा?
एनसीपी-एसपी सांसद सुप्रिया सुले ने यह भी जिक्र किया कि इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र भेजा गया था जिसमें कहा गया था कि सरकार को ऐसे किसी भी विधेयक पर चर्चा के लिए सभी इंडिया ब्लॉक पार्टियों को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित करने के बजाय एक साथ आमंत्रित करना चाहिए।

सप्रिया सुले ने कहा 'पिछले बजट सत्र के दौरान, किरेन रिजिजू ने असदुद्दीन ओवैसी, मुझे और अरविंद सावंत को आमंत्रित किया था। वे अलग-अलग पार्टियों को आमंत्रित कर रहे थे। हम देश के गृह मंत्री अमित शाह और किरेन रिजिजू से मिले थे। मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में हमने अमित शाह को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि वे हम सभी को एक साथ आमंत्रित करें। 

क्या है पूरा मामला?
संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 17 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में पारित नहीं हो सका। संसदीय सीटों का विस्तार करने और महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को शीघ्रता से लागू करने के उद्देश्य से लाए गए इस विधेयक के पक्ष में 298 वोट और विपक्ष में 230 वोट पड़े, जो कि संविधान के अनुसार आवश्यक दो-तिहाई बहुमत से काफी कम थे।

एनसीपी-एसपी फूट पर क्या बोली?
एनसीपी (एसपी) खेमे में फूट की खबरों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, 'एनसीपी-एसपी के सभी 8 सांसद और हमारे सभी विधायक एकजुट हैं। एनसीपी एक ऐसी पार्टी है जहां शरद पवार न केवल नेतृत्व करते हैं, बल्कि वे सभी में निवेश करते हैं और सबकी सुनते हैं। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। 

 

 

 

 

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