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Odisha: भुवनेश्वर में कैब-बाइक चालकों की हड़ताल हुई हिंसक, 30 से ज्यादा हिरासत में; कई वाहन जब्त
Wed, 19 Aug 2026 03:30 PM IST
Devesh Tripathi
पीटीआई, भुवनेश्वर
पीटीआई, भुवनेश्वर
Published by: Devesh Tripathi
Updated Wed, 19 Aug 2026 03:30 PM IST
सार
भुवनेश्वर में एप आधारित कैब और बाइक चालकों का आंदोलन बुधवार को हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पीएमजी स्क्वायर में पुलिस पर पथराव किया और कुछ सरकारी सिटी बसों को नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने 30 से अधिक लोगों को हिरासत में लेने के साथ कई वाहन जब्त किए हैं।
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किराया और एप शुल्क घटाने की मांग को लेकर हड़ताल (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
भुवनेश्वर में एप आधारित कैब और बाइक चालकों की जारी हड़ताल बुधवार को हिंसक हो गई। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पीएमजी स्क्वायर में पुलिसकर्मियों पर कथित तौर पर पथराव किया और सरकारी बसों में तोड़फोड़ की। विभिन्न ऑनलाइन वाहन सेवा मंचों से जुड़े कैब और बाइक चालकों ने सात सूत्री मांगों को लेकर 17 अगस्त से काम बंद कर रखा है। उनकी मांगों में किराया बढ़ाना, एप शुल्क कम करना, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सुविधाएं शामिल हैं।
बुधवार को सैकड़ों टैक्सी और बाइक चालकों ने राजमहल स्क्वायर से रैली निकाली और महात्मा गांधी मार्ग पर अपने वाहन खड़े कर दिए। इससे सड़क पर यातायात बाधित हुआ और मास्टर कैंटीन के साथ रेलवे स्टेशन इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने की अपील की तो प्रदर्शनकारी कथित तौर पर हिंसक हो गए और मौके पर तैनात पुलिस बल पर पथराव किया।
एक दिन की इजाजत, लेकिन दो दिन जारी रहा प्रदर्शन
पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कई सरकारी सिटी बसों में भी तोड़फोड़ की गई। पुलिस अधिकारी के अनुसार, आमने-सामने की झड़प में कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और उनके वाहन जब्त किए गए।
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भुवनेश्वर के डीसीपी जगमोहन मीणा ने कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को 17 अगस्त को एक दिन के लिए महात्मा गांधी मार्ग पर प्रदर्शन करने की अनुमति दी थी, लेकिन उन्होंने इसके बाद भी दो दिन तक आंदोलन जारी रखा। मीणा ने कहा, "उन्होंने शहर की प्रमुख सड़क को अवरुद्ध कर दिया, जिससे आम लोगों को परेशानी हुई।"
भुवनेश्वर में अब कैसे हैं हालात?
उन्होंने कहा, "यह पूरी तरह से अवैध प्रदर्शन है। हमने 30 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। सड़क पर खड़े वाहनों को भी जब्त किया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" प्रदर्शनकारियों की मांगों को "अतार्किक" बताते हुए डीसीपी ने कहा, "उन्होंने निजी कंपनियों के खिलाफ प्रदर्शन किया है। सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है।"
उन्होंने बताया कि स्थिति अब सामान्य हो गई है और वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। बड़ी संख्या में कैब, बाइक और ऑटो-रिक्शा के सड़कों से दूर रहने के कारण इन सेवाओं पर निर्भर यात्रियों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई।
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बुधवार को सैकड़ों टैक्सी और बाइक चालकों ने राजमहल स्क्वायर से रैली निकाली और महात्मा गांधी मार्ग पर अपने वाहन खड़े कर दिए। इससे सड़क पर यातायात बाधित हुआ और मास्टर कैंटीन के साथ रेलवे स्टेशन इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने की अपील की तो प्रदर्शनकारी कथित तौर पर हिंसक हो गए और मौके पर तैनात पुलिस बल पर पथराव किया।
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एक दिन की इजाजत, लेकिन दो दिन जारी रहा प्रदर्शन
पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कई सरकारी सिटी बसों में भी तोड़फोड़ की गई। पुलिस अधिकारी के अनुसार, आमने-सामने की झड़प में कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और उनके वाहन जब्त किए गए।
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भुवनेश्वर के डीसीपी जगमोहन मीणा ने कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को 17 अगस्त को एक दिन के लिए महात्मा गांधी मार्ग पर प्रदर्शन करने की अनुमति दी थी, लेकिन उन्होंने इसके बाद भी दो दिन तक आंदोलन जारी रखा। मीणा ने कहा, "उन्होंने शहर की प्रमुख सड़क को अवरुद्ध कर दिया, जिससे आम लोगों को परेशानी हुई।"
भुवनेश्वर में अब कैसे हैं हालात?
उन्होंने कहा, "यह पूरी तरह से अवैध प्रदर्शन है। हमने 30 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। सड़क पर खड़े वाहनों को भी जब्त किया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" प्रदर्शनकारियों की मांगों को "अतार्किक" बताते हुए डीसीपी ने कहा, "उन्होंने निजी कंपनियों के खिलाफ प्रदर्शन किया है। सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है।"
उन्होंने बताया कि स्थिति अब सामान्य हो गई है और वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। बड़ी संख्या में कैब, बाइक और ऑटो-रिक्शा के सड़कों से दूर रहने के कारण इन सेवाओं पर निर्भर यात्रियों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई।