Parbati Giri: स्वतंत्रता सेनानी पार्वती गिरि की जन्म शताब्दी, पीएम मोदी समेत अन्य नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
सोमवार को स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक पार्वती गिरि जी की जन्म शताब्दी है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति, मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने श्रद्धांजलि दी।
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति, मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी और अन्य प्रमुख हस्तियों ने सोमवार को स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक पार्वती गिरि को उनकी जन्म शताब्दी पर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने भी गिरि को श्रद्धांजलि अर्पित की। 19 जनवरी, 1926 को बरगढ़ जिले के समलाईपादर गांव में जन्मी पार्वती गिरि महात्मा गांधी से प्रभावित होकर 16 वर्ष की आयु में भारत छोड़ो आंदोलन में शामिल हो गईं। उन्हें दो साल के लिए जेल में डाल दिया गया।
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आंदोलन में सराहनीय भूमिका निभाई-मोदी
एक्स पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा,"पार्वती गिरि जी की जन्म शताब्दी पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उन्होंने औपनिवेशिक शासन को समाप्त करने के आंदोलन में सराहनीय भूमिका निभाई। सामुदायिक सेवा के प्रति उनका जुनून और स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तिकरण और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में उनका योगदान सराहनीय है। मैंने पिछले महीने के मन की बात में भी यही बात कही थी।"
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ओडिशा की अग्नि पुत्री- कंभमपति
वहीं, अपने संदेश में कंभमपति ने कहा कि समाज के गरीब और असहाय लोगों के कल्याण और महिला सशक्तिकरण में गिरि का योगदान प्रेरणा का एक शाश्वत स्रोत बना रहेगा। माझी ने गिरि को 'ओडिशा की अग्नि पुत्री' कहकर उनकी प्रशंसा की और उन्हें सेवा और बलिदान का एक अनूठा प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “मैं स्वतंत्रता सेनानी पार्वती गिरि को नमन करता हूं। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर सामाजिक सेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा। जनसेवा के प्रति उनका समर्पण और उनके आदर्श हमारे लिए सदा प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।”
पटनायक ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए गिरि का संघर्ष और बलिदान अतुलनीय थे।पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आदिवासियों के कल्याण के प्रति उनकी सामाजिक सेवा एक शाश्वत प्रेरणा बनी रहेगी।वहीं, प्रधान ने कहा कि गिरि ओडिशा के गौरव, सेवा और बलिदान की साक्षात मूर्ति थे। उन्होंने आगे कहा कि महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनके आदर्श हमेशा अमर रहेंगे।
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