सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Cash-for-Query Case: Lokpal Seeks More Time from Delhi High Court to Decide CBI Sanction Against Mahua Moitra

Cash-for-Query Case: महुआ मोइत्रा पर शिकंजा या राहत? कैश-फॉर-क्वेरी मामले में लोकपाल ने हाईकोर्ट से मांगा समय

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Mon, 19 Jan 2026 02:31 PM IST
विज्ञापन
सार

कैश-फॉर-क्वेरी मामले में लोकपाल ने दिल्ली हाईकोर्ट से सीबीआई को चार्जशीट की मंजूरी पर फैसला लेने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है।

Cash-for-Query Case: Lokpal Seeks More Time from Delhi High Court to Decide CBI Sanction Against Mahua Moitra
महुआ मोइत्रा - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

कैश-फॉर-क्वेरी मामले में लोकपाल ने दिल्ली हाईकोर्ट से अतिरिक्त समय की मांग की है। लोकपाल ने अदालत से अनुरोध किया कि उसे यह तय करने के लिए दो महीने और दिए जाएं कि क्या तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ सीबीआई को चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति दी जानी चाहिए या नहीं।
Trending Videos


इस मामले की सुनवाई जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेनू भटनागर की पीठ के समक्ष हुई। अदालत ने लोकपाल की अर्जी को 23 जनवरी को उस पीठ के सामने सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया, जिसने पहले इस मामले में आदेश पारित किया था। लोकपाल की ओर से अदालत को बताया गया कि यह आवेदन मंजूरी के मुद्दे पर विचार करने के लिए तय समयसीमा बढ़ाने से जुड़ा है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि यह आदेश में संशोधन जैसा है और इसे उपयुक्त पीठ के समक्ष रखा जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- कौन-कौन बना है भाजपा का अध्यक्ष?: जानें कितने रहे कार्यकारी प्रमुख, सबसे ज्यादा बार कौन रहा पार्टी का मुखिया

गौरतलब है कि 19 दिसंबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट ने लोकपाल के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें सीबीआई को महुआ मोइत्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की मंजूरी दी गई थी। अदालत ने लोकपाल को निर्देश दिया था कि वह लोकपाल अधिनियम की धारा 20 के तहत कानून के अनुसार एक महीने के भीतर दोबारा इस मुद्दे पर विचार करे। उस समय अदालत ने कहा था कि लोकपाल ने कानून में तय प्रक्रिया से हटकर फैसला लिया और अधिनियम की व्याख्या में गलती की।

क्या है कैश-फॉर-क्वेरी मामला?
  • यह मामला आरोपों से जुड़ा है कि महुआ मोइत्रा ने एक कारोबारी से नकद और उपहारों के बदले संसद में सवाल पूछे।
  • सीबीआई ने जुलाई 2025 में इस मामले में अपनी रिपोर्ट लोकपाल को सौंपी थी।
  • सीबीआई ने 21 मार्च 2024 को महुआ मोइत्रा और कारोबारी दर्शन हिरानंदानी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की थी।
  • एजेंसी का आरोप है कि मोइत्रा ने रिश्वत लेकर अपने संसदीय विशेषाधिकारों का दुरुपयोग किया।
  • यहां तक कि लोकसभा लॉग-इन डिटेल्स साझा कर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा खतरा पैदा किया।
अन्य वीडियो:-

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed