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Odisha: बीजद का आरोप- ओडिशा SI भर्ती घोटाले में तथ्य छिपा रही है सीबीआई, चार्जशीट में अहम तथ्य नहीं किए शामिल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Wed, 07 Jan 2026 01:34 PM IST
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सार

ओडिशा में विपक्षी बीजद ने सीबीआई पर आरोप लगाया है।  बीजद का कहना है कि सीबीआई चार्जशीट मेंं महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपा रही है। इसके साथ ही राज्य में करोड़ों रुपये के सब-इंस्पेक्टर भर्ती घोटाले में इसमें जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए गहन जांच की मांग की है।
 

BJD alleges CBI is concealing facts in Odisha SI recruitment scam omitting crucial facts from chargesheet
लेनिन मोहंती - फोटो : ANI
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विस्तार
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ओडिशा में विपक्षी  बीजद ने सीबीआई पर चार्जशीट मेंं महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाया है। बीजद का कहना है कि  राज्य में करोड़ों रुपये के सब-इंस्पेक्टर भर्ती घोटाले के संबंध में सीबीआई ने दायर चार्जशीट  में महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया है। इसके साथ ही उच्च स्तर पर जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए गहन जांच की मांग की है।

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सीबीआई ने प्रारंभिक चार्जशीट में जानकारी छिपाई है- मोहंती
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, बीजेडी के प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने दावा किया कि इस मामले में प्रभावशाली लोगों को बचाने का जानबूझकर प्रयास किया गया था। मंगलवार को मोहंती ने आरोप लगाया कि सीबीआई ने अपनी प्रारंभिक चार्जशीट मेंं जितना खुलासा किया है, उससे कहीं अधिक छिपाया है। शुरू से ही उनका मकसद शक्तिशाली व्यक्तियों को बचाना प्रतीत होता है।

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मोहंती ने कहा कि चार्जशीट में सिलिकॉन टेकला के मालिक को मुख्य आरोपी के रूप में नामित किया गया है, जबकि पंचसॉफ्ट टेक्नोलॉजी के मालिक और 14 अन्य लोगों को सहयोगी के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया गृह विभाग के अंतर्गत आने के बावजूद, चार्जशीट में ओडिशा पुलिस भर्ती बोर्ड (ओपीआरबी) या विभाग के किसी भी अधिकारी का नाम नहीं है।मोहंती ने कहा, “ओपीआरबी और गृह विभाग की विफलता ने इतने बड़े पैमाने पर घोटाले को संभव बनाया। संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि भर्ती प्रक्रिया को आउटसोर्स करने की अनुमति देने वालों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। 


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राज्य सरकार ने अक्टूबर में इस घोटाले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी
पुलिस ने बताया कि  राज्य सरकार ने अक्टूबर 2025 में इस घोटाले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। इससे पहले, ओडिशा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 125 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें 114 नौकरी के इच्छुक उम्मीदवार शामिल थे, जिन्होंने कथित तौर पर 10 लाख रुपये प्रति व्यक्ति का भुगतान किया था और नौकरी मिलने के बाद 25 लाख रुपये और देने थे। ओडिशा पुलिस, अग्निशमन सेवा और वन विभाग में 933 सब-इंस्पेक्टर पदों के लिए लगभग 15 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। अधिकारियों ने बताया कि घोटाले के सामने आने के बाद भर्ती प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी।

 

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