'भाजपा को शर्म भी नहीं आती': प्रधान के स्वागत पर प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल, कहा- क्यों बना रहे सुपरस्टार?
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संसद में उनके स्वागत पर भाजपा को घेरा। उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें परेशान कर रही है।
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विस्तार
कांग्रेस की लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने भाजपा के एक फैसले पर सवाल उठाया। दरअसल, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संसद में उनका स्वागत किया गया। इस पर प्रियंका ने पूछा कि सत्तारूढ़ गठबंधन ऐसे मंत्री का स्वागत कैसे कर सकता है?
प्रियंका गांधी ने क्या कहा?
यहां पत्रकारों से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने प्रधान के समर्थन में नारे लगाने । उनके इस्तीफे के बाद उनका स्वागत करने के लिए भाजपा और एनडीए सांसदों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि 'क्या आपको नहीं लगता कि यह शर्मनाक है? उन परिस्थितियों पर विचार करें जिनके तहत उन्होंने इस्तीफा दिया, फिर भी उनका यहां ऐसे स्वागत किया जा रहा है जैसे कोई सुपरस्टार आ रहा हो।
छात्रों को परेशान करने का लगाया आरोप
उन्होंने आगे कहा कि 'इस सरकार पर भरोसा नहीं किया जा सकता। आज भी छात्रों को परेशान किया जा रहा है। मैंने देखा है कि कुछ इंस्टाग्राम हैंडल पर लड़कियों की तस्वीरें पोस्ट की गई हैं। या तो आप बातचीत में शामिल हों और वास्तव में समस्या का समाधान करें या फिर आप छात्रों को परेशान कर रहे हैं और उन्हें दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
उनकी यह टिप्पणी भाजपा और एनडीए सांसदों की ओर से संसद पहुंचने पर पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का अभिनंदन करने और 'धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद' के नारे लगाने के एक दिन बाद आई है। नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक और देश की परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद प्रधान ने शनिवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था।
पेपर लीक से संबंधित बिल पेश किया गया
छात्रों द्वारा परीक्षा प्रक्रिया में जवाबदेही और सुधारों की मांग को लेकर हफ्तों तक चले राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद इस्तीफे और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को पेश किया गया। इस बीच, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को सदस्यों से सदन के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने का आग्रह किया और दोपहर 2 बजे सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू करने के लिए आम सहमति बनाने की अपील की।
विपक्ष ने कानून पर बहस में भाग लेने की अपनी इच्छा जताई है। इसके साथ ही विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों के खिलाफ पुलिस की अत्यधिक कार्रवाई के आरोपों पर सरकार से जवाब की मांग जारी रखी है।
सूत्रों के अनुसार, लोकसभा में इस विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस द्वारा राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, गौरव गोगोई और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारने की उम्मीद है। इस विधेयक का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, संगठित परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग और अन्य अनुचित प्रथाओं के खिलाफ कानूनी ढांचे को मजबूत करना है।