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Maharashtra: भाजपा विधायक प्रसाद लाड ने जरांगे से की मुलाकात, मराठा आरक्षण मुद्दे पर की ये खास अपील

पीटीआई, जालना Published by: Asmita Tripathi Updated Fri, 22 May 2026 03:00 PM IST
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सार

भाजपा विधायक प्रसाद लाड ने शुक्रवार को मनोज जरांगे से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मराठा आरक्षण के मुद्दे पर खास अपील की। इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि उनके और जरंगे के बीच पहले वैचारिक मतभेद थे। पढ़ें पूरी खबर

BJP MLA Prasad Lad met Jarange and made a special appeal on the Maratha reservation issue.
भाजपा विधायक प्रसाद लाड और मनोज जरंगे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

महाराष्ट्र के जालना जिले में भाजपा विधायक प्रसाद लाड ने शुक्रवार को कार्यकर्ता मनोज जरंगे से मुलाकात की। जो मराठा आरक्षण को लेकर नए सिरे से आंदोलन कर रहे हैं। एमएलसी ने मुंबई से लगभग 400 किलोमीटर दूर स्थित कार्यकर्ता के गांव अंतरवाली सारती में जरांगे का दौरा किया।



पहले वैचारिक मतभेद थे
बातचीत के दौरान, लाड ने स्वीकार किया कि उनके और जरंगे के बीच पहले वैचारिक मतभेद थे और उन्होंने सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे की आलोचना भी की थी। हालांकि, उन्होंने कहा कि उनका हमेशा से यही मत रहा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पिछले 70 वर्षों में मराठा समुदाय के लिए किसी भी अन्य नेता से कहीं अधिक काम किया है।

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'सीएम फडणवीस ने मराठा समुदाय के लिए काम किया' 
लाड ने कहा 'हमारे बीच कुछ गलतफहमियां हो सकती हैं। मैंने दादा (जारंगे) से बार-बार अपील की कि वह समझें कि देवेंद्र फडणवीस ने मराठा समुदाय के लिए क्या किया है। अपनी हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी जारंगे ने फडणवीस की सराहना की। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी समुदाय के लिए काम किया है।

खास अपील की
जारंगे की ओर से 30 मई से एक और आंदोलन शुरू करने के आह्वान का जिक्र करते हुए लाड ने कहा कि उन्होंने मीडिया के माध्यम से अपील की थी कि भीषण गर्मी, बुवाई के मौसम और स्कूल की छुट्टियों के कारण यह समय उपयुक्त नहीं था। उन्होंने कहा, 'मुझे लगा कि आंदोलन शुरू करने के लिए 30 मई की तारीख सही नहीं थी। समुदाय के कई लोग शायद अपने गांवों में वापस चले गए होंगे। सरकार पहले ही कई कदम उठा चुकी है। इसके साथ ही मैंने सरकार की ओर से किए गए कार्यों से जुड़े आंकड़े भी पेश किए हैं। 

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'समुदाय की वजह से जन प्रतिनिधि बना'
लाड ने कहा कि वह एमएलसी या भाजपा नेता के तौर पर नहीं, बल्कि मराठा समुदाय के कार्यकर्ता के रूप में आए हैं। उन्होंने कहा कि पारिवारिक समस्याओं के बावजूद उन्होंने जरंगे का निमंत्रण स्वीकार किया। इसके साथ ही  बताया कि उनके चाचा और चाची अस्पताल में भर्ती हैं। लाड ने जरंगे को संबोधित करते हुए कहा कि मैं समुदाय की वजह से जन प्रतिनिधि बना। आपके आंदोलन के कारण मराठा समुदाय को पूरे देश में सम्मान मिला है। मैं व्यक्तिगत रूप से आपको सम्मानित करना चाहता था और आपके मन में मेरे प्रति किसी भी प्रकार की कड़वाहट को दूर करना चाहता था।

क्या है मांग?
जारंगे ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि वह समुदाय की अपूर्ण मांगों को लेकर 30 मई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। महाराष्ट्र सरकार को मराठवाड़ा में कुनबी जाति प्रमाण पत्र वितरित करने के लिए 29 मई की समय सीमा दी थी। कार्यकर्ता यह मांग कर रहे हैं कि सभी मराठों को कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए, जो ओबीसी श्रेणी में शामिल एक कृषि प्रधान जाति है, जिससे वह सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण के पात्र हो जाएंगे।

 

 

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