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तमिलनाडु भाजपा को बड़ा झटका: प्रदेश सचिव अमर प्रसाद रेड्डी ने दिया इस्तीफा, 13 साल के रिश्ते का हुआ अंत
एएनआई, चेन्नई
Published by: अमन तिवारी
Updated Wed, 10 Jun 2026 05:47 PM IST
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सार
तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश सचिव अमर प्रसाद रेड्डी ने पार्टी के सभी पदों और सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। 13 वर्षों तक भाजपा से जुड़े रहे रेड्डी ने राज्य की विशेष जरूरतों और राष्ट्रीय पार्टी की सीमाओं का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है।
अमर प्रसाद रेड्डी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी के प्रदेश सचिव अमर प्रसाद रेड्डी ने पार्टी के सभी आधिकारिक पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को भेजा है। इसके साथ ही भाजपा के साथ उनका 13 साल पुराना रिश्ता तुरंत प्रभाव से खत्म हो गया है।
अमर प्रसाद रेड्डी साल 2013 में एक युवा के रूप में भाजपा से जुड़े थे। उन्होंने पार्टी के स्पोर्ट्स और स्किल डेवलपमेंट सेल के संयोजक के रूप में महत्वपूर्ण काम किया। उनके नेतृत्व में मोदी कबड्डी लीग का सफल आयोजन हुआ, जिसमें 60,000 से ज्यादा युवाओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने एन मन्न एन मक्कल यात्रा के मुख्य आयोजक के रूप में भी बड़ी जिम्मेदारी निभाई। इस यात्रा के दौरान उन्होंने राज्य के सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों में 9,800 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन पर वणक्कम तमिझगम और कनेक्टिंग 1.4 बिलियन जैसी किताबें भी लिखीं।
अपने इस्तीफे में रेड्डी ने कुछ कड़वे अनुभवों का भी जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर के कुछ सहयोगियों के साथ उनके कई बार गंभीर मतभेद हुए। उन्होंने पार्टी के लिए संघर्ष करते हुए 22 दिन जेल में भी बिताए। उन पर भाजपा झंडा स्तंभ मामला और प्रधानमंत्री की फोटो पोस्ट करने जैसे कई कानूनी केस दर्ज हुए। रेड्डी ने कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी के हित को अपने व्यक्तिगत स्वाभिमान से ऊपर रखा और कानूनी लड़ाइयां लड़ीं।
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ये भी पढ़ें: Bengal: शताब्दी रॉय ने ममता पर साधा निशाना, कहा- 20 सांसदों का साथ जाना पार्टी नेतृत्व की विफलता; उठाए कई सवाल
इस्तीफे का मुख्य कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की सांस्कृतिक और आर्थिक जरूरतें बहुत अलग हैं। उन्हें महसूस हुआ कि एक राष्ट्रीय पार्टी के ढांचे और सीमाओं में रहकर वह अपने राज्य के लोगों की पूरी तरह सेवा नहीं कर पा रहे हैं। अब वह क्षेत्र प्रथम की सोच के साथ स्वतंत्र होकर आगे बढ़ना चाहते हैं।
भविष्य की योजनाओं के बारे में उन्होंने कहा कि वह अपनी कल्याणकारी संस्था अमर जन सेवा के जरिए जरूरतमंदों को खाना खिलाने और जनसेवा का काम जारी रखेंगे। उन्होंने जमीनी स्तर के उन कार्यकर्ताओं का आभार जताया जिन्होंने उनके साथ काम किया। अंत में उन्होंने तमिलनाडु के लोगों के अधिकारों और भविष्य के लिए काम करने का संकल्प लिया।
अमर प्रसाद रेड्डी साल 2013 में एक युवा के रूप में भाजपा से जुड़े थे। उन्होंने पार्टी के स्पोर्ट्स और स्किल डेवलपमेंट सेल के संयोजक के रूप में महत्वपूर्ण काम किया। उनके नेतृत्व में मोदी कबड्डी लीग का सफल आयोजन हुआ, जिसमें 60,000 से ज्यादा युवाओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने एन मन्न एन मक्कल यात्रा के मुख्य आयोजक के रूप में भी बड़ी जिम्मेदारी निभाई। इस यात्रा के दौरान उन्होंने राज्य के सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों में 9,800 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन पर वणक्कम तमिझगम और कनेक्टिंग 1.4 बिलियन जैसी किताबें भी लिखीं।
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अपने इस्तीफे में रेड्डी ने कुछ कड़वे अनुभवों का भी जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर के कुछ सहयोगियों के साथ उनके कई बार गंभीर मतभेद हुए। उन्होंने पार्टी के लिए संघर्ष करते हुए 22 दिन जेल में भी बिताए। उन पर भाजपा झंडा स्तंभ मामला और प्रधानमंत्री की फोटो पोस्ट करने जैसे कई कानूनी केस दर्ज हुए। रेड्डी ने कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी के हित को अपने व्यक्तिगत स्वाभिमान से ऊपर रखा और कानूनी लड़ाइयां लड़ीं।
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इस्तीफे का मुख्य कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की सांस्कृतिक और आर्थिक जरूरतें बहुत अलग हैं। उन्हें महसूस हुआ कि एक राष्ट्रीय पार्टी के ढांचे और सीमाओं में रहकर वह अपने राज्य के लोगों की पूरी तरह सेवा नहीं कर पा रहे हैं। अब वह क्षेत्र प्रथम की सोच के साथ स्वतंत्र होकर आगे बढ़ना चाहते हैं।
भविष्य की योजनाओं के बारे में उन्होंने कहा कि वह अपनी कल्याणकारी संस्था अमर जन सेवा के जरिए जरूरतमंदों को खाना खिलाने और जनसेवा का काम जारी रखेंगे। उन्होंने जमीनी स्तर के उन कार्यकर्ताओं का आभार जताया जिन्होंने उनके साथ काम किया। अंत में उन्होंने तमिलनाडु के लोगों के अधिकारों और भविष्य के लिए काम करने का संकल्प लिया।