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Aviation: देश को मिलेंगे 100 नए एयरपोर्ट, 120 नए रूट; जानिए कब लॉन्च होगी उड़ान 2.0 स्कीम
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rahul Kumar
Updated Wed, 10 Jun 2026 06:47 PM IST
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सार
मार्च 2026 में केंद्र सरकार ने उड़ान योजना के नए स्वरूप को मंजूरी दी थी। संशोधित नई उड़ान योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू किया जाएगा। इसके लिए 28,840 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
विमानन सेवा
- फोटो : amarujala.com
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विस्तार
देश के दूरदराज और अब तक हवाई सेवाओं से वंचित इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए केंद्र सरकार जल्द ही उड़ान योजना का नया चरण शुरू कर सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द इस संशोधित योजना की शुरुआत कर सकते हैं। सरकार का लक्ष्य छोटे शहरों और पिछड़े क्षेत्रों तक हवाई सेवाओं का विस्तार करना है, ताकि अधिक लोगों को सस्ती हवाई यात्रा की सुविधा मिल सके।
मार्च 2026 में केंद्र सरकार ने उड़ान योजना के नए स्वरूप को मंजूरी दी थी। संशोधित नई उड़ान योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू किया जाएगा। इसके लिए 28,840 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना का मकसद छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों तक हवाई सेवाएं पहुंचाना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सस्ती हवाई यात्रा की सुविधा मिल सके। साथ ही, योजना के पुराने चरणों में सामने आई दिक्कतों को दूर कर हवाई कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाया जाएगा।
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इस नई उड़ान योजना के तहत अगले दस बर्षों में 120 नए गंतव्यों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का अनुमान है कि इस दौरान करीब 4 करोड़ यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा। योजना के तहत राज्यों के सहयोग से बंद या कम उपयोग वाली हवाई पट्टियों को विकसित कर 100 नए हवाई अड्डे बनाए जाएंगे। इससे छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों तक हवाई सेवाओं का विस्तार होगा।
इस स्कीम के तहत उन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां राज्य सरकारों का सहयोग, जरूरी बुनियादी ढांचा और क्षेत्रीय विकास की जरूरतें बेहतर होंगी। नई योजना में पहाड़ी, दूरदराज, द्वीपीय और आकांक्षी जिलों में 200 आधुनिक हेलीपैड बनाने का भी प्रावधान है। इस पर 3,661 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी और आपातकालीन सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
योजना के तहत आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा देने के लिए पवन हंस के लिए दो एचएएल ध्रुव हेलीकॉप्टर और एलायंस एयर के लिए दो एचएएल डोर्नियर विमान खरीदने का भी प्रस्ताव है। नई व्यवस्था में हवाई अड्डों के विकास और नए हवाई मार्गों के विस्तार को एक ही ढांचे के तहत लाया जाएगा। साथ ही जमीन अधिग्रहण, विमानों की उपलब्धता, लीजिंग, रखरखाव और नियामकीय मंजूरियों जैसी समस्याओं को दूर करने पर भी जोर रहेगा।
केंद्र सरकार उड़ान योजना की शुरुआत 2016 में राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नीति के तहत की गई थी। इसका उद्देश्य सस्ती हवाई यात्रा को बढ़ावा देना और छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना था। 31 मार्च 2026 तक इस योजना के तहत 663 हवाई मार्ग शुरू किए जा चुके हैं। वहीं, 95 हवाई अड्डों, हेलिपोर्ट और वाटर एयरोड्रोम को हवाई नेटवर्क से जोड़ा गया है, जिनमें 17 हेलिपोर्ट और 2 वाटर एयरोड्रोम शामिल हैं।