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Messi India Tour: कलकत्ता हाईकोर्ट से अरूप विश्वास को राहत, गिरफ्तारी पर लगी रोक; अदालत ने लगाई कई शर्तें
आईएएनएस, कोलकाता
Published by: Devesh Tripathi
Updated Wed, 10 Jun 2026 06:11 PM IST
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सार
कलकत्ता हाईकोर्ट ने फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के कोलकाता कार्यक्रम से जुड़े कथित कुप्रबंधन मामले में पूर्व मंत्री अरूप विश्वास को 17 अगस्त तक अंतरिम राहत दी है। अदालत ने जांच में सहयोग, नोटिस मिलने पर पेश होने, पासपोर्ट जमा करने और क्षेत्र छोड़ने से पहले अनुमति लेने जैसी शर्तें लगाई हैं। विवाद पिछले वर्ष युवा भारती क्रीड़ांगन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था से जुड़ा है।
टीएमसी नेता अरूप विश्वास
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री अरूप विश्वास को 17 अगस्त तक गिरफ्तारी सहित किसी भी कठोर कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया। हालांकि इसके साथ कई शर्तें भी लगाई गई हैं। यह राहत लियोनेल मेसी के 'GOAT इंडिया टूर' कार्यक्रम के दौरान कथित अनियमितताओं से संबंधित मामले में दी गई है।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि जांच एजेंसी कानून के अनुसार जांच जारी रखेगी। अगर अरूप विश्वास को कोई नोटिस जारी किया जाता है, तो उन्हें जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होना होगा। साथ ही जांच एजेंसी को कम से कम 48 घंटे पहले नोटिस देना होगा। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि अरूप विश्वास को जांच में पूरा सहयोग करना होगा। अगर वह नोटिस का जवाब नहीं देते हैं, तो पुलिस इस मामले को अदालत के संज्ञान में ला सकती है।
अदालत ने उन्हें सात दिनों के भीतर अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करने का भी निर्देश दिया है। इसके अलावा अदालत की अनुमति के बिना वह अपने आवासीय क्षेत्र से बाहर नहीं जा सकेंगे।
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कलकत्ता हाईकोर्ट का सवाल- क्या मेसी के बचपन के दोस्त हैं अरूप, जो पहुंचे इतने पास
युवाभारती क्रीड़ांगन में लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के दौरान हुई कथित अव्यवस्था और सुरक्षा चूक के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास की भूमिका पर सख्त टिप्पणी की है। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने सवाल किया, क्या अरूप विश्वास लियोनेल मेसी के बचपन के दोस्त हैं, जो वह उनके इतने करीब पहुंच गए।
हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि उस दिन की घटनाओं से अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी की सुरक्षा प्रभावित हुई। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि तत्कालीन खेल मंत्री के तौर पर अरूप विश्वास ने ऐसा व्यवहार क्यों किया और बड़ी संख्या में लोगों को मेसी के इतने करीब कैसे पहुंचने दिया गया।
क्या है मेसी के बंगाल कार्यक्रम में विवाद का मामला?
मामला पिछले वर्ष 13 दिसंबर को सॉल्ट लेक स्थित युवा भारती क्रीड़ांगन में आयोजित फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के 'GOAT इंडिया टूर' कार्यक्रम में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि भीड़ प्रबंधन में अव्यवस्था के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई थी और सुरक्षा कारणों से मेसी को कार्यक्रम से समय से पहले लौटना पड़ा था।
अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि यही कार्यक्रम अन्य शहरों में बिना किसी समस्या के आयोजित हुआ था, लेकिन कोलकाता में हुई घटना से शहर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरिम संरक्षण देने से आरोपों की गंभीरता कम नहीं होती। सुनवाई के दौरान अदालत ने अरूप विश्वास और मेसी के बीच कथित निकटता को लेकर भी सवाल उठाए और पूछा कि कोलकाता में कार्यक्रम के दौरान अव्यवस्था की स्थिति क्यों पैदा हुई।
अदालत ने खड़े किए कौन से सवाल?
अदालत ने कहा, "यह कार्यक्रम तीन अन्य शहरों में बिना किसी परेशानी के आयोजित हुआ, लेकिन कोलकाता में ही अराजकता क्यों हुई?" याचिकाकर्ता और कार्यक्रम के मुख्य आयोजक सताद्रु दत्ता के वकील ने अदालत को बताया कि कार्यक्रम के लिए 70,000 टिकट जारी किए गए थे। उनके अनुसार, अरूप विश्वास ने अकेले अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए 22,000 टिकट लिए थे।
सताद्रु दत्ता के वकील ने यह भी आरोप लगाया कि अरूप विश्वास ने इन टिकटों को कई क्लबों को बेचा था। अदालत ने बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय को मामले की निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी जांच करने को कहा गया है कि कार्यक्रम का सुचारू आयोजन क्यों नहीं हो सका। अदालत ने जांच रिपोर्ट चार सप्ताह के भीतर पेश करने का आदेश दिया है।
आयोजक सताद्रु दत्ता ने दर्ज कराई थी शिकायत
पूर्व मंत्री अरूप विश्वास ने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया था। उनके वकील किशोर दत्ता ने अदालत का ध्यान मेसी कार्यक्रम से जुड़े मामले में गिरफ्तारी की आशंका की ओर दिलाते हुए संरक्षण की मांग की थी। कुछ दिन पहले पुलिस ने युवा भारती क्रीड़ांगन में आयोजित मेसी के कार्यक्रम के मुख्य आयोजक सताद्रु दत्ता की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की थी। सताद्रु दत्ता ने अरूप विश्वास और कई अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि जांच एजेंसी कानून के अनुसार जांच जारी रखेगी। अगर अरूप विश्वास को कोई नोटिस जारी किया जाता है, तो उन्हें जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होना होगा। साथ ही जांच एजेंसी को कम से कम 48 घंटे पहले नोटिस देना होगा। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि अरूप विश्वास को जांच में पूरा सहयोग करना होगा। अगर वह नोटिस का जवाब नहीं देते हैं, तो पुलिस इस मामले को अदालत के संज्ञान में ला सकती है।
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अदालत ने उन्हें सात दिनों के भीतर अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करने का भी निर्देश दिया है। इसके अलावा अदालत की अनुमति के बिना वह अपने आवासीय क्षेत्र से बाहर नहीं जा सकेंगे।
कलकत्ता हाईकोर्ट का सवाल- क्या मेसी के बचपन के दोस्त हैं अरूप, जो पहुंचे इतने पास
युवाभारती क्रीड़ांगन में लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के दौरान हुई कथित अव्यवस्था और सुरक्षा चूक के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास की भूमिका पर सख्त टिप्पणी की है। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने सवाल किया, क्या अरूप विश्वास लियोनेल मेसी के बचपन के दोस्त हैं, जो वह उनके इतने करीब पहुंच गए।
हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि उस दिन की घटनाओं से अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी की सुरक्षा प्रभावित हुई। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि तत्कालीन खेल मंत्री के तौर पर अरूप विश्वास ने ऐसा व्यवहार क्यों किया और बड़ी संख्या में लोगों को मेसी के इतने करीब कैसे पहुंचने दिया गया।
क्या है मेसी के बंगाल कार्यक्रम में विवाद का मामला?
मामला पिछले वर्ष 13 दिसंबर को सॉल्ट लेक स्थित युवा भारती क्रीड़ांगन में आयोजित फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के 'GOAT इंडिया टूर' कार्यक्रम में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि भीड़ प्रबंधन में अव्यवस्था के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई थी और सुरक्षा कारणों से मेसी को कार्यक्रम से समय से पहले लौटना पड़ा था।
अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि यही कार्यक्रम अन्य शहरों में बिना किसी समस्या के आयोजित हुआ था, लेकिन कोलकाता में हुई घटना से शहर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरिम संरक्षण देने से आरोपों की गंभीरता कम नहीं होती। सुनवाई के दौरान अदालत ने अरूप विश्वास और मेसी के बीच कथित निकटता को लेकर भी सवाल उठाए और पूछा कि कोलकाता में कार्यक्रम के दौरान अव्यवस्था की स्थिति क्यों पैदा हुई।
अदालत ने खड़े किए कौन से सवाल?
अदालत ने कहा, "यह कार्यक्रम तीन अन्य शहरों में बिना किसी परेशानी के आयोजित हुआ, लेकिन कोलकाता में ही अराजकता क्यों हुई?" याचिकाकर्ता और कार्यक्रम के मुख्य आयोजक सताद्रु दत्ता के वकील ने अदालत को बताया कि कार्यक्रम के लिए 70,000 टिकट जारी किए गए थे। उनके अनुसार, अरूप विश्वास ने अकेले अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए 22,000 टिकट लिए थे।
सताद्रु दत्ता के वकील ने यह भी आरोप लगाया कि अरूप विश्वास ने इन टिकटों को कई क्लबों को बेचा था। अदालत ने बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय को मामले की निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी जांच करने को कहा गया है कि कार्यक्रम का सुचारू आयोजन क्यों नहीं हो सका। अदालत ने जांच रिपोर्ट चार सप्ताह के भीतर पेश करने का आदेश दिया है।
आयोजक सताद्रु दत्ता ने दर्ज कराई थी शिकायत
पूर्व मंत्री अरूप विश्वास ने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया था। उनके वकील किशोर दत्ता ने अदालत का ध्यान मेसी कार्यक्रम से जुड़े मामले में गिरफ्तारी की आशंका की ओर दिलाते हुए संरक्षण की मांग की थी। कुछ दिन पहले पुलिस ने युवा भारती क्रीड़ांगन में आयोजित मेसी के कार्यक्रम के मुख्य आयोजक सताद्रु दत्ता की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की थी। सताद्रु दत्ता ने अरूप विश्वास और कई अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।