{"_id":"69e36cc43177da54a30ccdc4","slug":"bjp-v-cong-women-quota-row-updates-parliament-spl-session-women-mps-rahul-gandhi-residence-security-hindi-news-2026-04-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला आरक्षण पर भाजपा आक्रोशित: राहुल गांधी के आवास पहुंचीं महिला सांसद; बांसुरी स्वराज समेत कई हिरासत में","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
महिला आरक्षण पर भाजपा आक्रोशित: राहुल गांधी के आवास पहुंचीं महिला सांसद; बांसुरी स्वराज समेत कई हिरासत में
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: Jyoti Bhaskar
Updated Sat, 18 Apr 2026 05:06 PM IST
विज्ञापन
सार
महिला आरक्षण कानून को संशोधित करने के लिए लाया गया संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं कराया जा सका। 12 साल में पहली बार ऐसा हुआ। संसद में मिली इस विफलता से भाजपा आक्रोशित है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गुस्से का इजहार करने के लिए दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन किया। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में भी लिया। जानिए पूरे मामले से जुड़े अपडेट्स
राहुल के घर का घेराव करने पहुंचे भाजपा नेता-कार्यकर्ता
- फोटो : पीटीआई / एएनआई
विज्ञापन
विस्तार
संसद में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिए जाने के मकसद से लाए गए विधेयक को संसद से पारित नहीं कराया जा सका। संसद में मिली इस विफलता भाजपा आक्रोशित है। सड़कों पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। विपक्ष पर नारी विरोधी मानसिकता का आरोप लगाते हुए महिला सांसदों, नेताओं के अलावा बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता राहुल गांधी के आवास का घेराव करने पहुंचे। कांग्रेस बनाम भाजपा की राजनीति भी शुरू हो गई है। प्रदर्शन में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सांसद हेमा मालिनी, कमलजीत सहरावत, बांसुरी स्वराज और मनोज तिवारी सहित कई प्रमुख नेता शामिल हुए।दोनों खेमों के नेताओं की बयानबाजी जारी है।
भाजपा का आरोप- महिला विरोधी है कांग्रेस पार्टी
महिला आरक्षण कानून में संशोधन के लिए लाए गए संविधान संशोधन विधेयक पारित न होने से आक्रोशित भाजपा नेताओं ने विधेयक के विरोध में मतदान करने वाले विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष पर महिला सशक्तिकरण में बाधा डालने और राजनीतिक स्वार्थ साधने का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि यह विधेयक महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए महत्वपूर्ण था। उन्होंने विपक्ष के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाए। भाजपा ने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल वोट बैंक की राजनीति करता है। यह विधेयक महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम था।
पुलिस ने सांसद बांसुरी और केंद्रीय राज्यमंत्री रक्षा खड़से को हिरासत में लिया
इससे पहले प्रदर्शन में शामिल दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछले तीस वर्षों से देश की आधी आबादी, यानी महिलाएं लगातार अपमान सह रही हैं। उन्होंने बताया कि यह विधेयक बार-बार सदन में लाया गया, लेकिन कभी इसे फाड़ दिया गया, कभी फेंक दिया गया और कभी इसका विरोध किया गया। गुप्ता ने विपक्ष के बदलते बहानों पर सवाल उठाए, जैसे परिसीमन, पुनर्गठन या सीटों की संख्या बढ़ाना। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के हितैषी होने के विपक्ष के दावों पर भी सवाल उठाया और पूछा कि तीन तलाक कानून का विरोध क्यों किया था।
महिला आरक्षण और संविधान संशोधन पर सियासी बयानबाजी, ये खबरें भी पढ़ें-
प्रदर्शन के दौरान भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करने हेतु एक तटस्थ प्राधिकरण की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि परिसीमन 2026 में होना तय है और कांग्रेस इसे रोक नहीं सकती। सहरावत ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने और राजनीति करने का आरोप लगाया। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि विधेयक का विरोध केवल एक राजनीतिक रणनीति थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के लिए महिलाएं केवल वोट बैंक हैं, वे सत्ता साझा करने से पीछे हट गए।
Trending Videos
भाजपा का आरोप- महिला विरोधी है कांग्रेस पार्टी
महिला आरक्षण कानून में संशोधन के लिए लाए गए संविधान संशोधन विधेयक पारित न होने से आक्रोशित भाजपा नेताओं ने विधेयक के विरोध में मतदान करने वाले विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष पर महिला सशक्तिकरण में बाधा डालने और राजनीतिक स्वार्थ साधने का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि यह विधेयक महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए महत्वपूर्ण था। उन्होंने विपक्ष के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाए। भाजपा ने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल वोट बैंक की राजनीति करता है। यह विधेयक महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम था।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस ने सांसद बांसुरी और केंद्रीय राज्यमंत्री रक्षा खड़से को हिरासत में लिया
राहुल के आवास का घेराव करने पहुंचे भाजपा कार्यकर्ता, पुलिस को करना पड़ा बल प्रयोग#WATCH | Delhi: Union MoS Raksha Khadse and BJP MP Bansuri Swaraj detained by Police personnel during protest march to the residence of Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, a day after the Constitution (131st Amendment) Bill failed to pass in the Lok Sabha. pic.twitter.com/OVdpBcXR8W
— ANI (@ANI) April 18, 2026
दिल्ली की CM रेखा गुप्ता का बयान#WATCH | Delhi: Police deploy water cannons to disperse women workers of the BJP, who are protesting near the residence of Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, a day after the Constitution (131st Amendment) Bill failed to pass in the Lok Sabha. pic.twitter.com/DMcOk8Zxq6
— ANI (@ANI) April 18, 2026
इससे पहले प्रदर्शन में शामिल दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछले तीस वर्षों से देश की आधी आबादी, यानी महिलाएं लगातार अपमान सह रही हैं। उन्होंने बताया कि यह विधेयक बार-बार सदन में लाया गया, लेकिन कभी इसे फाड़ दिया गया, कभी फेंक दिया गया और कभी इसका विरोध किया गया। गुप्ता ने विपक्ष के बदलते बहानों पर सवाल उठाए, जैसे परिसीमन, पुनर्गठन या सीटों की संख्या बढ़ाना। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के हितैषी होने के विपक्ष के दावों पर भी सवाल उठाया और पूछा कि तीन तलाक कानून का विरोध क्यों किया था।
महिला आरक्षण और संविधान संशोधन पर सियासी बयानबाजी, ये खबरें भी पढ़ें-
-
'क्या महिलाएं इस्तेमाल का विषय हैं': रविशंकर और स्मृति के प्रियंका से सवाल; महिला आरक्षण को लेकर भाजपा हमलावर
-
'महिलाओं का मसीहा बनना आसान नहीं': प्रियंका गांधी बोलीं- लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की रची जा रही थी साजिश
प्रदर्शन के दौरान भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करने हेतु एक तटस्थ प्राधिकरण की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि परिसीमन 2026 में होना तय है और कांग्रेस इसे रोक नहीं सकती। सहरावत ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने और राजनीति करने का आरोप लगाया। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि विधेयक का विरोध केवल एक राजनीतिक रणनीति थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के लिए महिलाएं केवल वोट बैंक हैं, वे सत्ता साझा करने से पीछे हट गए।

कमेंट
कमेंट X