जनादेश 2022: BJP ने गुजरात के ग्रामीण-आदिवासी क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से किया काम, ये हैं जीत के 5 फैक्टर
पिछले चुनाव में भाजपा को हार्दिक, अल्पेश और जिग्णेश की तिकड़ी ने चौंकाया था। साल 1995 में सत्ता में आने के बाद पहली बार भाजपा की सीटों की संख्या तीन अंकों में नहीं पहुंच पाई थी। अब इस प्रचंड जीत ने राज्य में भाजपा के अजेय होने की धारणा बनाई है।
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गुजरात में सबसे बड़ी और ऐतिहासिक जीत के जश्न को हिमाचल की हार ने थोड़ा फीका कर दिया। हालांकि गुजरात में ऐसी जीत हासिल करने की तैयारी पार्टी ने बीते विधानसभा चुनाव में ग्रामीण और आदिवासी इलाके से मिले झटके के तत्काल बाद ही शुरू कर दी थी। इस जीत में आम आदमी पार्टी भी एक बड़ा फैक्टर थी।
दरअसल बीते चुनाव में पार्टी को हार्दिक, अल्पेश और जिग्णेश की तिकड़ी ने चौंकाया था। साल 1995 में सत्ता में आने के बाद पहली बार भाजपा की सीटों की संख्या तीन अंकों में नहीं पहुंच पाई थी। अब इस प्रचंड जीत ने राज्य में भाजपा के अजेय होने की धारणा बनाई है। वहीं, हिमाचल की हार ने भाजपा को बड़ा झटका दिया है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के गृह जिले बिलासपुर की सभी चारों सीटें भाजपा हार गई।
केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद लोकसभा चुनाव के मुकाबले विधानसभा चुनावाें में वोट प्रतिशत के मामले में पार्टी के औसत प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। महज असम व त्रिपुरा में पार्टी को लोकसभा के मुकाबले विधानसभा में अधिक वोट हासिल हुए।
लंबी तैयारी का नतीजा
- ऐतिहासिक जीत का लक्ष्य हासिल करने के लिए पार्टी ने सबसे पहले अल्पेश ठाकोर और बाद में हार्दिक पटेल को अपने पाले में ला कर चुनौती का कारण बनी तिकड़ी को तोड़ा।
- राज्य नेतृत्व हार्दिक पटेल को पार्टी में लेने के लिए तैयार नहीं था। हालांकि ऐतिहासिक जीत के लक्ष्य को ध्यान में रख कर खुद पीएम ने हस्तक्षेप कर हार्दिक की एंट्री कराई।
- आदिवासी इलाकों में लगातार मेहनत करने के बाद इसी वर्ग की द्रौपदी मुर्मु को राष्ट्रपति बना कर बड़ा और सफल सियासी दांव चला।
आप के नहीं लड़ने से भी मिलती बड़ी जीत
भाजपा को करीब 53 फीसदी मत हासिल हुए हैं। ऐसे में अगर आप चुनाव मैदान में नहीं होती तो भी भाजपा को बड़ी जीत हासिल होती। हालांकि आप की उपस्थिति ने बड़ी जीत की संभावना को गुजरात के इतिहास की सबसे बड़ी जीत के रूप में बदल दिया। कांग्रेस को बीते चुनाव के मुकाबले 14% से भी अधिक वोटों का नुकसान हुआ, जबकि आप को करीब 13 फीसदी मत मिले।
आप पर थी निगाहें
गुजरात भाजपा के उपाध्यक्ष और पूर्व गृह राज्य मंत्री गोर्धन झड़पिया के मुताबिक हमें अनुमान था कि अगर आप को दस फीसदी से जितना अधिक मत मिलेंगे हमारी सीटों की संख्या उतनी ही ज्यादा होगी।
गुजरात में भाजपा की जीत के पांच फैक्टर
- भाजपा की जीत में मोदी का चेहरा, गुजरात अस्मिता, बूथ प्रबंधन, आप की एंट्री और द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाने जैसे पांच फैक्टर काम आए।
- राज्य भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल और गृह मंत्री शाह ने बूथ प्रबंधन में तकनीक का बेहतरीन इस्तेमाल किया।
- पहली बार पेज कमेटी बना कर पांच मतदाताओं को बूथ पर लाने के लिए एक कार्यकर्ता नियुक्त किया।