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NIA: एल्गार परिषद मामले में हनी बाबू की जमानत याचिका खारिज; उमेश कोल्हे हत्याकांड में एजेंसी ने मांगा और वक्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई-अमरावती
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 19 Sep 2022 03:58 PM IST
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सार
हनी बाबू को इस मामले में जुलाई 2020 में गिरफ्तार किया गया था और अभी वह पड़ोसी नवी मुंबई की तलोजा जेल में बंद हैं। एल्गार परिषद मामले में एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों को आरोपी बनाया गया था।
एनआईए।
- फोटो : social media
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विस्तार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर हनी बाबू की जमानत याचिका खारिज कर दी, जो एल्गार परिषद-माओवादी लिंक मामले में आरोपी हैं। न्यायमूर्ति एन एम जामदार और न्यायमूर्ति एन आर बोरकर की खंडपीठ ने कहा कि बाबू द्वारा जमानत खारिज करने के विशेष अदालत के आदेश के खिलाफ दायर अपील खारिज कर दी गई है। मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बाबू पर प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के नेताओं के निर्देश पर माओवादी गतिविधियों और विचारधारा के प्रचार में सह साजिशकर्ता होने का आरोप लगाया है।
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हनी बाबू को इस मामले में जुलाई 2020 में गिरफ्तार किया गया था और अभी वह पड़ोसी नवी मुंबई की तलोजा जेल में बंद हैं। मामला 31 दिसंबर, 2017 को पुणे के शनिवारवाड़ा में आयोजित एल्गार परिषद सम्मेलन में दिए गए कथित भड़काऊ भाषणों से संबंधित है, जिसके बारे में पुलिस ने दावा किया था कि शहर के बाहरी इलाके में स्थित कोरेगांव भीमा युद्ध स्मारक के पास अगले दिन हिंसा हुई थी। हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए थे।
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इस मामले में एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों को आरोपी बनाया गया था। शुरुआत में पुणे पुलिस ने जांच की और बाद में एनआईए ने इसे अपने हाथ में ले लिया। हनी बाबू ने इस साल जून में विशेष एनआईए अदालत के एक आदेश को चुनौती देते हुए इस साल जून में हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसने इस साल की शुरुआत में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। बाबू ने अपनी याचिका में कहा कि विशेष अदालत ने यह मानते हुए गलती की है कि उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया आपत्तिजनक सामग्री मौजूद है। अधिवक्ता युग चौधरी और पयोशी रॉय के माध्यम से दायर अपनी याचिका में बाबू ने कहा कि एनआईए ने मामले में सबूत के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश की बात करते हुए एक पत्र का हवाला दिया था, लेकिन कथित पत्र में उनका दोषी साबित नहीं होता।
उमेश कोल्हे हत्याकांड में एनआईए ने और वक्त मांगा
अमरावती के उमेश कोल्हे हत्याकांड में एनआईए ने चार्जशीट दाखिल करने के लिए विशेष अदालत से और समय मांगा है। एनआईए ने कहा कि जांच में समय लग रहा है इसलिए हमें चार्जशीट दाखिल करने के लिए थोड़ा और वक्त चाहिए।