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RG Kar Case: आरजी कर मामले में अहम सुनवाई आज, कलकत्ता हाई कोर्ट नई डिवीजन बेंच के सामने पेश होंगी याचिकाएं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 19 May 2026 11:00 AM IST
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सार
कलकत्ता हाई कोर्ट की नई बेंच आज आरजी कर अस्पताल मामले की सुनवाई करेगी। मामले से जुड़ी सभी याचिकाएं अब इसी बेंच के पास होंगी। फिलहाल CBI और ED इस मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं।
कलकत्ता हाई कोर्ट
- फोटो : ANI
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विस्तार
कलकत्ता हाई कोर्ट की एक नई डिवीजन बेंच आज यानी मंगलवार को आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले की सुनवाई करेगी। इस नई बेंच में जस्टिस शम्पा सरकार और जस्टिस तीर्थंकर घोष शामिल हैं। हाई कोर्ट की कार्यसूची के मुताबिक, इस मामले की सुनवाई दोपहर एक बजे शुरू होगी।
इससे पहले जस्टिस राजशेखर मंथा की बेंच ने 12 मई को इस केस की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। उन्होंने टिप्पणी की थी कि इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई तेजी से होनी चाहिए। इसके बाद 15 मई को चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल ने यह मामला जस्टिस सरकार और जस्टिस घोष की नई बेंच को सौंप दिया।
अन्य वीडियो-
चीफ जस्टिस ने निर्देश दिया कि इस मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं पर अब यही नई बेंच सुनवाई करेगी। इसमें पीड़ित परिवार की वह याचिका भी शामिल है, जिसमें उन्होंने अपराध वाली जगह (क्राइम सीन) पर जाने की अनुमति मांगी है।
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इस मामले में एक विवाद यह भी रहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने परिवार के वहां जाने पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी, लेकिन पिछली ममता बनर्जी सरकार ने इसका विरोध किया था। जस्टिस मंथा की बेंच ने तब सवाल किया था कि जब जांच एजेंसी सीबीआई को कोई दिक्कत नहीं है, तो राज्य सरकार इस पर आपत्ति क्यों जता रही है।
हाल ही में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई राज्य सरकार ने पूर्व पुलिस कमिश्नर विनीत कुमार गोयल और दो डिप्टी कमिश्नर इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता को सस्पेंड कर दिया है। इन अधिकारियों पर आरोप है कि सीबीआई को जांच सौंपने से पहले कोलकाता पुलिस ने इस मामले की शुरुआती जांच ठीक से नहीं की थी।
ये भी पढ़ें: RG Kar Case: सीएम शुभेंदु अधिकारी का बड़ा फैसला, संदीप घोष के खिलाफ ED को मुकदमा चलाने की दी अनुमति
शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार ने पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ केस चलाने की अनुमति दे दी है। पिछली सरकार ने लंबे समय से इस अनुमति को रोक रखा था। यह अनुमति प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को अस्पताल में हुई वित्तीय गड़बड़ी के मामले में दी गई है।
फिलहाल सीबीआई अगस्त 2024 में अस्पताल परिसर में हुई दुष्कर्म-हत्या और वित्तीय गड़बड़ी, दोनों मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है। वहीं ईडी सिर्फ वित्तीय गड़बड़ी के मामले की जांच में जुटी है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने ही इस पूरे मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा था।
इससे पहले जस्टिस राजशेखर मंथा की बेंच ने 12 मई को इस केस की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। उन्होंने टिप्पणी की थी कि इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई तेजी से होनी चाहिए। इसके बाद 15 मई को चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल ने यह मामला जस्टिस सरकार और जस्टिस घोष की नई बेंच को सौंप दिया।
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चीफ जस्टिस ने निर्देश दिया कि इस मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं पर अब यही नई बेंच सुनवाई करेगी। इसमें पीड़ित परिवार की वह याचिका भी शामिल है, जिसमें उन्होंने अपराध वाली जगह (क्राइम सीन) पर जाने की अनुमति मांगी है।
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हाल ही में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई राज्य सरकार ने पूर्व पुलिस कमिश्नर विनीत कुमार गोयल और दो डिप्टी कमिश्नर इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता को सस्पेंड कर दिया है। इन अधिकारियों पर आरोप है कि सीबीआई को जांच सौंपने से पहले कोलकाता पुलिस ने इस मामले की शुरुआती जांच ठीक से नहीं की थी।
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शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार ने पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ केस चलाने की अनुमति दे दी है। पिछली सरकार ने लंबे समय से इस अनुमति को रोक रखा था। यह अनुमति प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को अस्पताल में हुई वित्तीय गड़बड़ी के मामले में दी गई है।
फिलहाल सीबीआई अगस्त 2024 में अस्पताल परिसर में हुई दुष्कर्म-हत्या और वित्तीय गड़बड़ी, दोनों मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है। वहीं ईडी सिर्फ वित्तीय गड़बड़ी के मामले की जांच में जुटी है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने ही इस पूरे मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा था।