{"_id":"69a6ec18d7505aadcc0a69cd","slug":"cash-for-jobs-scam-tamil-nadu-madras-high-court-fir-order-dvac-review-petition-k-n-nehru-case-2026-03-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tamil Nadu: कैश-फॉर-जॉब्स मामले में FIR पर खींचतान, हाईकोर्ट के आदेश पर DVAC करेगा समीक्षा याचिका पर विचार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Tamil Nadu: कैश-फॉर-जॉब्स मामले में FIR पर खींचतान, हाईकोर्ट के आदेश पर DVAC करेगा समीक्षा याचिका पर विचार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: Himanshu Singh Chandel
Updated Tue, 03 Mar 2026 07:41 PM IST
विज्ञापन
सार
Cash For Jobs Scam: तमिलनाडु के कथित कैश-फॉर-जॉब्स घोटाले में मद्रास हाईकोर्ट ने तुरंत FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। अब राज्य सरकार ने बताया कि डीवीएसी इस आदेश के खिलाफ समीक्षा याचिका पर विचार कर रहा है। एआईएडीएमके सांसद ने अवमानना याचिका दायर की है।
मद्रास हाईकोर्ट
- फोटो : ANI
विज्ञापन
विस्तार
तमिलनाडु के कथित ‘कैश-फॉर-जॉब्स’ घोटाले में नया मोड़ आ गया है। मद्रास हाईकोर्ट के FIR दर्ज करने के आदेश के बाद राज्य सरकार ने कहा है कि डायरेक्टरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन यानी डीवीएसी इस आदेश के खिलाफ समीक्षा याचिका दायर करने पर विचार कर रहा है। मामला मंत्री केएन नेहरू के विभाग से जुड़ा बताया जा रहा है।
मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश मणिंद्र मोहन श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की पीठ के सामने राज्य के एडवोकेट जनरल पी.एस. रमन ने कहा कि 20 फरवरी के आदेश, जिसमें तुरंत FIR दर्ज करने को कहा गया था, उस पर डीवीएसी कानूनी राय ले रहा है। यह सुनवाई अवमानना याचिका पर हो रही थी, जिसे एआईएडीएमके सांसद आई.एस. इनबदुरई ने दायर किया है।
अवमानना याचिका में क्या कहा गया?
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि अदालत के स्पष्ट आदेश के बावजूद 10 दिन से ज्यादा समय बीत जाने पर भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। वरिष्ठ वकील वी. राघवाचारी ने कहा कि डीवीएसी ने जानबूझकर आदेश का पालन नहीं किया।
ये भी पढ़ें- पश्चिम एशिया तनाव के बीच अमेरिका की नई एडवाइजरी, जॉर्डन और यरूशलम की यात्रा से बचने की दी सलाह
राज्य सरकार की दलील
एडवोकेट जनरल ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A के तहत पहले मंजूरी जरूरी है या नहीं, इस पर कानूनी राय ली जा रही है। बाद में डीवीएसी की ओर से वरिष्ठ वकील एन.आर. एलंगो पक्ष रखेंगे। अदालत ने डीवीएसी को दो हफ्ते में जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है।
घोटाले के आरोप क्या हैं?
इनबदुरई के हलफनामे में दावा है कि 2538 पदों के लिए 25 से 35 लाख रुपये तक की रिश्वत ली गई। इनमें असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर के पद शामिल हैं।
ईडी की जांच और बरामदगी
प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने कथित तौर पर छापों में दस्तावेज जब्त किए हैं। आरोप है कि रकम हवाला के जरिए बैंकिंग सिस्टम में लाई गई। हाईकोर्ट पहले भी डीवीएसी की सिर्फ प्रारंभिक जांच पर असंतोष जता चुका है और मामले की गंभीरता देखते हुए तुरंत FIR दर्ज करने को कहा था।
अन्य वीडियो-
Trending Videos
मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश मणिंद्र मोहन श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की पीठ के सामने राज्य के एडवोकेट जनरल पी.एस. रमन ने कहा कि 20 फरवरी के आदेश, जिसमें तुरंत FIR दर्ज करने को कहा गया था, उस पर डीवीएसी कानूनी राय ले रहा है। यह सुनवाई अवमानना याचिका पर हो रही थी, जिसे एआईएडीएमके सांसद आई.एस. इनबदुरई ने दायर किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अवमानना याचिका में क्या कहा गया?
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि अदालत के स्पष्ट आदेश के बावजूद 10 दिन से ज्यादा समय बीत जाने पर भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। वरिष्ठ वकील वी. राघवाचारी ने कहा कि डीवीएसी ने जानबूझकर आदेश का पालन नहीं किया।
ये भी पढ़ें- पश्चिम एशिया तनाव के बीच अमेरिका की नई एडवाइजरी, जॉर्डन और यरूशलम की यात्रा से बचने की दी सलाह
राज्य सरकार की दलील
एडवोकेट जनरल ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A के तहत पहले मंजूरी जरूरी है या नहीं, इस पर कानूनी राय ली जा रही है। बाद में डीवीएसी की ओर से वरिष्ठ वकील एन.आर. एलंगो पक्ष रखेंगे। अदालत ने डीवीएसी को दो हफ्ते में जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है।
घोटाले के आरोप क्या हैं?
इनबदुरई के हलफनामे में दावा है कि 2538 पदों के लिए 25 से 35 लाख रुपये तक की रिश्वत ली गई। इनमें असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर के पद शामिल हैं।
ईडी की जांच और बरामदगी
प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने कथित तौर पर छापों में दस्तावेज जब्त किए हैं। आरोप है कि रकम हवाला के जरिए बैंकिंग सिस्टम में लाई गई। हाईकोर्ट पहले भी डीवीएसी की सिर्फ प्रारंभिक जांच पर असंतोष जता चुका है और मामले की गंभीरता देखते हुए तुरंत FIR दर्ज करने को कहा था।
अन्य वीडियो-
कमेंट
कमेंट X