सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Centre constitutes empowered committee for citizenship applications in West Bengal

MHA: पश्चिम बंगाल में नागरिकता आवेदनों के लिए विशेष समिति गठित, विधानसभा चुनाव से पहले गृह मंत्रालय का फैसला

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Sat, 21 Feb 2026 03:22 PM IST
विज्ञापन
सार

West Bengal Assembly Election 2026: केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, सरकार ने राज्य में नागरिकता आवेदनों की जांच, दस्तावेजों की पुष्टि, नागरिकता देने की सिफारिश के लिए एक समिति का गठन किया है। 

Centre constitutes empowered committee for citizenship applications in West Bengal
केंद्रीय गृह मंत्रालय - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार

केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले नागरिकता से जुड़े आवेदनों की जांच और मंजूरी के लिए एक विशेष समिति बना दी है। गृह मंत्रालय ने 20 फरवरी 2026 को आदेश जारी कर बताया कि यह समिति नागरिकता अधिनियम 1955 और उसके नियमों के तहत बनाई गई है। 
Trending Videos


यह भी पढ़ें - Maharashtra: क्या शरद पवार जा पाएंगे राज्यसभा? उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने दिया दो टूक जवाब
विज्ञापन
विज्ञापन


किसका आवेदन देखेगी समिति?
यह समिति मुख्य रूप से उन लोगों के आवेदन देखेगी जो संशोधित कानून के तहत भारतीय नागरिकता लेना चाहते हैं। समिति की अध्यक्षता पश्चिम बंगाल के जनगणना संचालन निदेशालय के डिप्टी रजिस्ट्रार जनरल करेंगे। इसके अलावा इसमें खुफिया ब्यूरो, विदेशी पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ), राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी), डाक विभाग और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।

'जांच, दस्तावेजों की पुष्टि, नागरिकता देने की सिफारिश का काम'
सरकार ने बताया कि यह समिति आवेदन की जांच, दस्तावेजों की पुष्टि और नागरिकता देने की सिफारिश जैसे काम करेगी। यह व्यवस्था नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) 2019 के तहत बनाई गई प्रक्रिया का हिस्सा है। सीएए के अनुसार पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता पाने का रास्ता दिया गया है।

यह भी पढ़ें - एआई समिट में हंगामा: सुधांशु त्रिवेदी ने यूथ कांग्रेस को बताया 'लश्कर-ए-राहुल', बोले- देश कभी माफ नहीं करेगा

नागरिकता आवेदनों की जांच प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद
पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश से लंबी सीमा होने और यहां पहले से प्रवासियों के आने के कारण इसे महत्वपूर्ण राज्य माना जाता है। नई समिति बनने से अलग-अलग सरकारी एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ेगा और नागरिकता आवेदनों की जांच प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। बता दें कि, सीएए को लेकर राज्य में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed