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LPG: केंद्र ने रिफाइनरियों और उत्पादकों के लिए एलपीजी उत्पादन लक्ष्य तय किए, किस कंपनी को मिला सबसे बड़ा कोटा?

Sun, 16 Aug 2026 03:33 PM IST
नितिन गौतम पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Sun, 16 Aug 2026 03:33 PM IST
सार

भारत में हर साल लगभग 3.32 करोड़ टन ( करीब 91,000 टन प्रतिदिन) एलपीजी की खपत होती है। इसमें से केवल 1.31 करोड़ टन एलपीजी का उत्पादन देश में होता है, जबकि जरूरत का 64 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात से पूरा किया जाता है। इनमें से अधिकांश एलपीजी की आपूर्ति होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते होती है।

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Centre government fix lpg production quota for refineries know why its benefits
एलपीजी सिलिंडर - फोटो : संवाद

विस्तार

भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और आयातित रसोई गैस की आपूर्ति में होने वाले व्यवधानों के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से सरकार ने पहली बार सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की रिफाइनरियों के साथ-साथ तेल एवं गैस उत्पादकों के लिए रिफाइनरी-वार और कंपनी-वार एलपीजी उत्पादन लक्ष्य तय किए हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक आदेश के जरिए ऐसा ढांचा तैयार किया है, जिसके तहत आपूर्ति में कमी आने पर 21 रिफाइनरियों और अपस्ट्रीम कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाना होगा।
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कुल उत्पादन क्षमता तय की गई
नए ढांचे के तहत कुल संभावित उत्पादन क्षमता 63,810 टन प्रतिदिन तय की गई है। यह भारत की दैनिक एलपीजी खपत का लगभग 70 प्रतिशत है और देश के सामान्य घरेलू उत्पादन से काफी अधिक है। यह कदम हालिया पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद उठाया गया है, जिसने आयातित एलपीजी आपूर्ति पर भारत की निर्भरता और उससे जुड़े जोखिमों को उजागर किया।
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रिलायंस को मिला सबसे बड़ा कोटा
सबसे बड़ा हिस्सा प्राइवेट सेक्टर की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को दिया गया है। रिलायंस की गुजरात स्थित जामनगर की रिफाइनरी को रोजाना 18,000 टन एलपीजी तैयार करने का लक्ष्य मिला है। प्राइवेट सेक्टर की ही नयारा एनर्जी की वाडीनार रिफाइनरी को रोजाना 4,480 टन एलपीजी उत्पादन करने का लक्ष्य दिया गया है।
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पश्चिम एशिया संकट के चलते हुई परेशानी
इस साल की शुरुआत में ईरान से जुड़े संकट के दौरान इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से शिपमेंट में व्यवधान के कारण सरकार को आपातकालीन कदम उठाने पड़े थे। इनमें रिफाइनरियों को पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक की धाराओं को एलपीजी उत्पादन की ओर मोड़कर उत्पादन अधिकतम करने का निर्देश देना भी शामिल था।

औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को एलपीजी की आपूर्ति भी सीमित की गई थी, जबकि जहां सुविधा उपलब्ध थी, वहां घरेलू उपभोक्ताओं को पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की ओर जाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। संकट के चरम पर घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाकर लगभग 55,000 टन प्रतिदिन कर दिया गया था। हालांकि, आपूर्ति की स्थिति में सुधार होने के बाद इन आपातकालीन निर्देशों में धीरे-धीरे ढील दे दी गई।


मुश्किल हालात में मिलेगा फायदा
नए आदेश के तहत अब एक स्थायी व्यवस्था बनाई गई है, जिसे सरकार तब सक्रिय कर सकती है जब वह यह तय करे कि पर्याप्त उपलब्धता और उचित वितरण सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त एलपीजी उत्पादन जरूरी है। निर्धारित उत्पादन कार्यक्रम के तहत 18 सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरियों को मिलाकर 31,470 टन प्रतिदिन एलपीजी उत्पादन का लक्ष्य दिया गया है।
 
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