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Politics: दिमागी नक्सली वाले बयान पर चिदंबरम का पलटवार, बोले- मुझे ऐसा होने पर गर्व; किरेन रिजिजू ने क्या कहा?

Mon, 17 Aug 2026 01:57 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Mon, 17 Aug 2026 01:57 AM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में ‘दिमागी नक्सलियों’ को लेकर दिए बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने तीखा पलटवार किया है। चिदंबरम ने कहा कि उन्हें दिमागी नक्सली होने पर गर्व है और इसे भाजपा के पुराने आरोपों का नया रूप बताया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री विपक्षी नेताओं की बात नहीं कर रहे थे। आखिर इस बयान के पीछे क्या सियासी संदेश है? आइए विस्तर से जानते हैं...

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Chidambaram Hits Back at Dimagi Naxal Remark Says Proud to Be One What Did Kiren Rijiju Say
कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में दिमागी नक्सलियों को लेकर दिए बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने तीखा पलटवार किया है। चिदंबरम ने कहा कि उन्हें दिमागी नक्सली होने पर गर्व है और इसे भाजपा के पुराने आरोपों का नया रूप बताया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री विपक्षी नेताओं की बात नहीं कर रहे थे। आखिर इस बयान के पीछे क्या सियासी संदेश है?

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दिमागी नक्सली टिप्पणी पर चिदंबरम ने क्या कहा?

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘दिमागी नक्सली’ टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें दिमागी नक्सली होने पर गर्व है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए व्यवस्था में कथित तौर पर जड़ें जमा चुके दिमागी नक्सलियों को लेकर चेतावनी दी थी। उन्होंने लोगों से ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें अलग-थलग करने की अपील की थी। इसके बाद चिदंबरम की टिप्पणी से राजनीतिक विवाद तेज हो गया।

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प्रधानमंत्री मोदी ने दिमागी नक्सलियों को लेकर क्या कहा था?

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि देश ने जंगलों से सशस्त्र नक्सलवाद को खत्म करने में सफलता हासिल की है, लेकिन नक्सली विचारधारा से जुड़े लोग अब व्यवस्था में नए तरीके से जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक माओवादी सोच रखने वाले लोग सत्ता के गलियारों में मौजूद रहे और सरकारी समितियों में सलाहकार के तौर पर नीतियों को प्रभावित करते रहे। प्रधानमंत्री ने इस चुनौती को कम करके नहीं आंकने और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत बताई।

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चिदंबरम ने इस बयान को किन पुराने आरोपों से जोड़ा?

चिदंबरम ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि दिमागी नक्सली भाजपा के पुराने आरोपों का नया रूप है। उन्होंने अर्बन नक्सल, आंदोलनजीवी और टुकड़े-टुकड़े गैंग जैसे शब्दों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले भी इन शब्दों का इस्तेमाल विपक्ष के सदस्यों के खिलाफ किया गया था। चिदंबरम ने सवाल उठाया कि आखिर पहले लगाए गए इन आरोपों में किसे निशाना बनाया गया था। उन्होंने कहा कि दिमागी नक्सली उसी तरह के आरोपों का नया रूप है।

किरेन रिजिजू ने चिदंबरम को क्या जवाब दिया?

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी विपक्षी नेताओं को ‘दिमागी नक्सली’ नहीं कह रहे थे। रिजिजू के अनुसार, प्रधानमंत्री का निशाना उन लोगों पर था जो माओवादियों का समर्थन करते हैं, भारतीय संविधान को अस्वीकार करते हैं या अलगाववादियों के साथ खड़े होते हैं। उन्होंने चिदंबरम की टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण और नुकसान पहुंचाने वाली बताया। रिजिजू ने उत्तर-पूर्व को भारत से अलग करने की बात करने वालों का भी जिक्र किया।

कांग्रेस ने रिजिजू के बयान पर कैसे पलटवार किया?

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने रिजिजू के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि पहले गिनती ठीक कर लें, क्योंकि एक और दो के बाद तीन आता है, चार नहीं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए इसे ‘पूरी राजनीतिक शास्त्र का कमाल’ बताया। इस तरह प्रधानमंत्री की स्वतंत्रता दिवस टिप्पणी के बाद कांग्रेस और सरकार के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।

प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद को लेकर सरकार की उपलब्धि क्या बताई?

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2014 में उनकी सरकार बनने के बाद नक्सलवाद को खत्म करना प्राथमिकता रहा है। उन्होंने दावा किया कि नक्सली और माओवादी हिंसा अब खत्म होने की दिशा में है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद और माओवादी हिंसा ने लाखों युवाओं के जीवन और सपनों को प्रभावित किया और संघर्ष में 3500 से ज्यादा पुलिस तथा सुरक्षा बलों के जवान मारे गए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में पहले नक्सलियों की गोलियां चलती थीं, वहां अब विकास, भरोसे और प्रयास का तिरंगा लहरा रहा 

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