फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Student Protest: AISA Chief Neha Bora Urges Opposition to Stand in Solidarity With Protesting Students

Student Protest: 'छात्रों के समर्थन में एकजुट हो विपक्ष', AISA प्रमुख नेहा बोरा ने विपक्ष से और क्या अपील की?

Mon, 17 Aug 2026 01:31 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Mon, 17 Aug 2026 01:31 AM IST
सार

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्र आंदोलन कर रहे हैं, जबकि NALSAR के छात्र दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर सीजेआई को बुलाने के प्रस्ताव का विरोध कर चुके हैं। एआईएसए अध्यक्ष नेहा बोरा ने विपक्षी दलों से इन छात्रों के समर्थन में आगे आने की अपील की है। क्या विपक्ष इन आंदोलनों को संसद और सड़क पर मजबूती से उठाएगा?

विज्ञापन
Student Protest: AISA Chief Neha Bora Urges Opposition to Stand in Solidarity With Protesting Students
नेहा बोरा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

एआईएसए अध्यक्ष नेहा बोरा ने विपक्षी दलों से झारखंड और हैदराबाद स्थित NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सांसदों का काम जनता की मांगों को संसद तक पहुंचाना और जमीन पर उठ रही आवाज को मजबूती देना है। बोरा ने विपक्षी दलों से छात्रों के मुद्दों को भी उसी तरह उठाने की मांग की, जैसे उन्होंने जंतर-मंतर के प्रदर्शनों के दौरान किया था।

विज्ञापन

झारखंड में छात्र किस मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे हैं?

झारखंड में छात्र और नौकरी के अभ्यर्थी 25 जुलाई से जेपीएससी-जेएसएससी मंच के बैनर तले आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। उनकी मांगों में झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के कामकाज में सुधार, कई परीक्षाओं को रद्द करना और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच शामिल है। छात्र सीबीआई जांच या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीशों की समिति से जांच कराने की मांग भी कर रहे हैं।

विज्ञापन

NALSAR के छात्रों ने सीजेआई को लेकर क्या आपत्ति जताई थी?

हैदराबाद स्थित NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के एक वर्ग के छात्रों ने इस साल जुलाई में विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार और प्रोफेसरों को पत्र लिखकर दीक्षांत समारोह में सीजेआई सूर्यकांत को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई थी। बोरा ने विपक्ष से NALSAR के छात्रों के साथ भी खड़े होने की अपील की। उन्होंने इसके साथ ही इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेजेज यूनिवर्सिटी के छात्रों के मुद्दे को भी उठाया।

विज्ञापन
विज्ञापन

EFLU में हुए विवाद और नीट प्रदर्शन से इसका क्या संबंध है?

14 अगस्त को EFLU परिसर में एबीवीपी और एनएसयूआई के सदस्यों के बीच झड़प हुई थी। इसमें कम से कम सात छात्र घायल हुए और मामले दर्ज किए गए। बोरा ने अपने 23 दिन के भूख हड़ताल के अनुभव का भी जिक्र किया। वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ भूख हड़ताल पर थीं। उन्होंने कहा कि वह आंदोलन केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं था, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी के बड़े संकट को लेकर भी था।

जंतर-मंतर का आंदोलन कितने समय तक चला और क्या मांग उठी?

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में प्रदर्शन 20 जून को शुरू हुआ था और 25 जुलाई को 36 दिन बाद समाप्त हुआ। बोरा के मुताबिक इस आंदोलन के दौरान शिक्षा व्यवस्था में लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को सामने लाने की कोशिश हुई। उन्होंने कहा कि युवाओं में व्यवस्था को लेकर असंतोष बढ़ रहा था और लोग बदलाव चाहते थे। इसी पृष्ठभूमि में उन्होंने विपक्षी दलों से देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे छात्र आंदोलनों के साथ खड़े होने की अपील की।

क्या विपक्ष पहले भी छात्र आंदोलनों के साथ खड़ा रहा है?

नेहा बोरा ने कहा कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान इंडिया गठबंधन के विपक्षी दलों ने एकजुटता दिखाई थी। उन्होंने कहा कि संसद सदस्यों की जिम्मेदारी है कि वे सड़कों पर उठने वाली जनता की आवाज को संसद में उठाएं। इसी आधार पर उन्होंने विपक्षी दलों से झारखंड, NALSAR और EFLU के छात्रों के मुद्दों को भी गंभीरता से लेने की अपील की। उनका कहना है कि छात्र और युवा देश की व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल उठा रहे हैं।

पटना में एबीवीपी ने शिक्षा और परीक्षा सुधार पर क्या चर्चा की?

पटना में एबीवीपी ने शिक्षा और परीक्षा सुधार को लेकर 'राष्ट्रीय शिक्षा और परीक्षा सुधार' विषय पर सम्मेलन आयोजित किया। कार्यक्रम एएन सिन्हा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज में हुआ और इसमें कुलपति, प्रोफेसर, शोधार्थी तथा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हुए। एबीवीपी ने कहा कि यह देशभर में शिक्षा और परीक्षा सुधार पर सुझाव लेने की पहल का हिस्सा है। संगठन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने कहा कि शिक्षा में लगातार सुधार जरूरी है और सरकार, शिक्षण संस्थानों, नियामक संस्थाओं तथा दूसरे पक्षों की भागीदारी से ही प्रभावी बदलाव संभव है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed