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'युवाओं को रील्स नहीं, नौकरियां चाहिए': कांग्रेस ने बेरोजगारी के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरा; क्या आरोप लगाए?
Tue, 04 Aug 2026 11:22 AM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 04 Aug 2026 11:22 AM IST
सार
कांग्रेस ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की आर्थिक और रोजगार नीतियों की आलोचना की और उस पर देश के रोजगार बाजार को संकट में डालने का आरोप लगाया है। पार्टी के नेता जयराम रमेश ने दावा किया कि बड़ी कंपनियों में भर्तियां घट रही हैं। जानें कांग्रेस ने और क्या कहा।
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जयराम रमेश
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई (फाइल)
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विस्तार
कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा। विपक्षी पार्टी ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार की 'गलत' आर्थिक और रोजगार नीतियों के कारण देश का पूरा रोजगार बाजार 'गहरे संकट' में पहुंच गया है। पार्टी ने कहा कि युवाओं को खुश करने के लिए केवल रील्स बनाना काफी नहीं है, उन्हें नौकरियों की जरूरत है।
विपक्षी पार्टी ने दावा किया कि मोदी सरकार युवाओं के रोजगार संकट का समाधान निकालने के बजाय सुर्खियां बटोरने और मुद्दों से ध्यान भटकाने की राजनीति में लगी हुई है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने क्या कहा?
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट साझा किया। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि देश की बड़ी घरेलू कंपनियां पहले की तुलना में अब कम कर्मचारियों को नौकरी दे रही हैं।
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मीडिया रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि देश की बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों में नई भर्तियों की रफ्तार धीमी हो गई है। खासतौर पर सेंसेक्स-30 इंडेक्स में शामिल 11 बड़ी कंपनियों में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान नई भर्तियां 2023-24 की तुलना में 27 फीसदी कम हो गई हैं।
रमेश ने पोस्ट में कहा, हम जो लगातार कहते आ रहे हैं, वह सच साबित हो रहा है। मोदी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को गहरा नुकसान पहुंचाया है। इसका सबसे बड़ा असर युवाओं पर पड़ा है।
उन्होंने कहा, पिछले एक साल में देश की शीर्ष 11 कंपनियों में से 9 कंपनियों में नई नौकरियों में 27 फीसदी की गिरावट दिखाती है कि देश गंभीर रोजगार संकट से जूझ रहा है। इसके बावजूद समाधान तलाशने के बजाय यह 'अहंकारी' सरकार इस समस्या के होने से ही इनकार कर रही है।
एमएसएमई क्षेत्र की स्थिति पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा, यह खबर तो सिर्फ एक झलक है। जब बड़ी कंपनियों की यह स्थिति है, तो आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि छोटे और मझोले उद्योग (एमएसएमई) क्षेत्र की हालत कितनी खराब होगी, जो मोदी सरकार की गलत 'हम दो, हमारे दो' नीतियों का सबसे ज्यादा नुकसान उठा रहा है।
ये भी पढ़ें: एनडीए संसदीय दल की बैठक मंगल मिलन शुरू, संसद सत्र के लिए बनाएंगे रणनीति
'गहरे संकट में रोजगार बाजार'
रमेश ने कहा, कड़वी सच्चाई यह है कि मोदी सरकार की गलत आर्थिक और रोजगार नीतियों ने पूरे देश के रोजगार बाजार को गहरे संकट में डाल दिया है।
कांग्रेस महासचिव (संचार विभाग प्रभारी) ने कहा, यह देश का दुर्भाग्य है कि युवाओं के रोजगार संकट का समाधान निकालने के बजाय मोदी सरकार अभी भी सुर्खियां बनाने और मुद्दों से ध्यान भटकाने की राजनीति में लगी हुई है।
रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया इंस्टाग्राम वीडियो पर निशाना साधते हुए कहा, देश के युवा समझदार हैं। उन्हें खुश करने के लिए सिर्फ रील्स बनाना काफी नहीं होगा, उनके लिए नौकरियां पैदा करनी होंगी।
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विपक्षी पार्टी ने दावा किया कि मोदी सरकार युवाओं के रोजगार संकट का समाधान निकालने के बजाय सुर्खियां बटोरने और मुद्दों से ध्यान भटकाने की राजनीति में लगी हुई है।
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कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने क्या कहा?
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट साझा किया। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि देश की बड़ी घरेलू कंपनियां पहले की तुलना में अब कम कर्मचारियों को नौकरी दे रही हैं।
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मीडिया रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि देश की बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों में नई भर्तियों की रफ्तार धीमी हो गई है। खासतौर पर सेंसेक्स-30 इंडेक्स में शामिल 11 बड़ी कंपनियों में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान नई भर्तियां 2023-24 की तुलना में 27 फीसदी कम हो गई हैं।
रमेश ने पोस्ट में कहा, हम जो लगातार कहते आ रहे हैं, वह सच साबित हो रहा है। मोदी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को गहरा नुकसान पहुंचाया है। इसका सबसे बड़ा असर युवाओं पर पड़ा है।
उन्होंने कहा, पिछले एक साल में देश की शीर्ष 11 कंपनियों में से 9 कंपनियों में नई नौकरियों में 27 फीसदी की गिरावट दिखाती है कि देश गंभीर रोजगार संकट से जूझ रहा है। इसके बावजूद समाधान तलाशने के बजाय यह 'अहंकारी' सरकार इस समस्या के होने से ही इनकार कर रही है।
एमएसएमई क्षेत्र की स्थिति पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा, यह खबर तो सिर्फ एक झलक है। जब बड़ी कंपनियों की यह स्थिति है, तो आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि छोटे और मझोले उद्योग (एमएसएमई) क्षेत्र की हालत कितनी खराब होगी, जो मोदी सरकार की गलत 'हम दो, हमारे दो' नीतियों का सबसे ज्यादा नुकसान उठा रहा है।
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'गहरे संकट में रोजगार बाजार'
रमेश ने कहा, कड़वी सच्चाई यह है कि मोदी सरकार की गलत आर्थिक और रोजगार नीतियों ने पूरे देश के रोजगार बाजार को गहरे संकट में डाल दिया है।
कांग्रेस महासचिव (संचार विभाग प्रभारी) ने कहा, यह देश का दुर्भाग्य है कि युवाओं के रोजगार संकट का समाधान निकालने के बजाय मोदी सरकार अभी भी सुर्खियां बनाने और मुद्दों से ध्यान भटकाने की राजनीति में लगी हुई है।
रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया इंस्टाग्राम वीडियो पर निशाना साधते हुए कहा, देश के युवा समझदार हैं। उन्हें खुश करने के लिए सिर्फ रील्स बनाना काफी नहीं होगा, उनके लिए नौकरियां पैदा करनी होंगी।