Gauhati HC: 'गुवाहाटी हाईकोर्ट के नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स पर विरोध पूरी तरह गलत', CJI सूर्यकांत की सख्त टिप्पणी
गुवाहाटी हाईकोर्ट के नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स के विरोध पर सीजेआई सूर्यकांत ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि विरोध करने वाले पूरी जानकारी के बिना ऐसा कर रहे हैं। सीजेआई ने स्पष्ट किया कि निजी सुविधा या व्यक्तिगत हित न्यायिक ढांचे के विकास में रुकावट नहीं बन सकते।
विस्तार
भारत के मुख्य न्यायाधीश सीजेआई सूर्यकांत ने असम के नॉर्थ गुवाहाटी में बनने वाले नए इंटीग्रेटेड ज्यूडिशियल कोर्ट कॉम्प्लेक्स का विरोध किए जाने पर हैरानी जताई है। उन्होंने रविवार को इस परियोजना की आधारशिला रखी। सीजेआई ने साफ कहा कि व्यक्तिगत स्वार्थ या निजी हित किसी भी हाल में नए इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को रोकने का कारण नहीं बन सकते। उन्होंने कहा कि जो लोग इस नए कोर्ट परिसर का विरोध कर रहे हैं, वे पूरी जानकारी के बिना विरोध कर रहे हैं।
सीजेआई ने गुवाहाटी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के विरोध का जिक्र करते हुए कहा कि व्यक्तिगत हित या सुविधा किसी भी तरह से न्यायिक ढांचे के विकास में बाधा बनने का कारण नहीं हो सकते। दरअसल, गुवाहाटी हाईकोर्ट के लिए एक नया कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाए जाने की योजना है। इसे लेकर बार एसोसिएशन के कुछ वकील विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे उन्हें असुविधा हो सकती है।
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भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा कॉम्प्लेक्स
सीजेआई ने आगे इस बात पर भी जोर दिया कि नॉर्थ गुवाहाटी के रंगमहल इलाके में बनने वाला यह नया कोर्ट कॉम्प्लेक्स भविष्य की जरूरतों और उम्मीदों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इसमें गुवाहाटी हाईकोर्ट भी शामिल होगा और सभी जरूरी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी।
बार एसोसिएशन के विरोध पर सवाल
सीजेआई ने कहा कि उन्हें यह जानकर आश्चर्य हुआ कि गुवाहाटी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (GHCBA) इस नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स का विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, वे या तो पूरी जानकारी नहीं रखते या फिर नए वकीलों और भविष्य की जरूरतों को नहीं समझ रहे।
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नई पीढ़ी के वकीलों की जरूरत
सीजेआई ने अंत में कहा कि देश की न्यायपालिका के प्रमुख होने के नाते उनकी जिम्मेदारी है कि वे नए वकीलों और आने वाली पीढ़ी की जरूरतों को ध्यान में रखें। मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि नया कोर्ट परिसर रणनीतिक रूप से सही जगह पर बनाया जा रहा है, जहां बेहतर सुविधाएं, आधुनिक ढांचा और सुगम व्यवस्था होगी।
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