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'त्योहार पर परिवार के साथ समय बिताएं': अभिजीत दिपके जारी किया वीडिया, समर्थकों से की ये अपील

Tue, 20 Oct 2026 03:37 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: राहुल कुमार Updated Tue, 20 Oct 2026 03:37 PM IST
सार

अभिजीत दिपके ने अपने समर्थकों से दिवाली तक प्रदर्शन से दूर रहने और परिवार के साथ समय बिताने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 दिनों में समर्थकों ने कई मुश्किलों का सामना किया है और उनके परिवार भी इससे चिंतित हैं।

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CJP Founder Abhijeet Dipke Announces No Protests Till Diwali, Urges Supporters to Spend Time with Families
अभिजीत दिपके - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मंगलवार को अपने समर्थकों से कुछ दिनों तक प्रदर्शन से दूर रहकर परिवार के साथ समय बिताने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 दिनों में समर्थकों ने सड़कों और निजी जीवन में काफी मुश्किलों का सामना किया है। इसके बावजूद वे एक-दूसरे के साथ खड़े रहे, जिसके लिए उन्होंने सभी का आभार जताया।

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एक वीडियो संदेश में दिपके ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें ऐसे निस्वार्थ लोगों के बीच रहकर खुशी होती है, जो अपने विश्वास और सही बात के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि समर्थकों ने न सिर्फ उनका, बल्कि सौरव दास और आशुतोष रांका का भी साथ दिया है।

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'कुछ दिनों के लिए प्रदर्शन से ब्रेक लेना चाहिए'
अभिजीत दिपके ने अपने समर्थकों से कुछ दिनों तक प्रदर्शन से दूर रहकर परिवार के साथ समय बिताने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 दिनों में समर्थकों ने सड़कों और निजी जीवन में काफी मुश्किलों का सामना किया है। इसके बावजूद वे एक-दूसरे के साथ खड़े रहे, जिसके लिए उन्होंने सभी का आभार जताया।
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 वीडियो संदेश में अभिजीत दिपके ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें ऐसे निस्वार्थ लोगों के बीच रहकर खुशी होती है, जो अपने विश्वास और सही बात के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि समर्थकों ने न सिर्फ उनका, बल्कि सौरव दास और आशुतोष रांका का भी साथ दिया है।

'कुछ दिन अपने परिवार के साथ बिताएं'
दिपके ने कहा कि आंदोलन के दौरान कई समर्थकों को हिरासत में लिया गया और उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल होने का फैसला उनका अपना है, लेकिन इसके परिणाम परिवारों को भी झेलने पड़ते हैं। उन्होंने समर्थकों से कहा, कुछ दिनों तक अपने परिवार के साथ समय बिताएं। अपने परिवार और करीबियों के साथ रहें।" उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान परिवारों के साथ रहना जरूरी है। दिपके के मुताबिक, उनका परिवार और सौरव दास व आशुतोष रांका के परिवार भी चिंतित हैं।

'नफरत को खुद पर हावी न होने दें'
सीजेपी संस्थापक ने कहा कि उनका आंदोलन नफरत के खिलाफ है। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे नफरत के जवाब में नफरत का रास्ता न अपनाएं। दिपके ने कहा, हमें वह नहीं बनना है, जिससे हम नफरत करते हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन की ताकत प्रेम, करुणा और एक-दूसरे के प्रति दयालुता में है। उन्होंने समर्थकों से कहा कि उन्हें उकसाने की कोशिश हो सकती है, लेकिन उन्हें नफरत के साथ प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि वे ऐसे लोगों के लिए भी लड़ रहे हैं, जिन्हें वे व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते। उनके मुताबिक, जब किसी के साथ अन्याय होता है, तो उसके समर्थन में खड़ा होना जरूरी है।
सौरव दास और आशुतोष रांका को याद रखने की अपील दिपके ने सौरव दास और आशुतोष रांका का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों ने जेल जाते समय गुस्से और नफरत के बजाय शांति और करुणा का रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि दोनों जेल से बाहर आने के बाद उसी प्रेम और करुणा के साथ लौटेंगे।


उन्होंने बताया कि तीनों का एक अलग व्हाट्सएप ग्रुप है, जहां वे मीम साझा करते थे। दिपके ने कहा कि वह कभी-कभी उस ग्रुप को खोलकर देखते हैं और उम्मीद करते हैं कि दोनों जल्द वापस आएंगे। उन्होंने समर्थकों से त्योहार मनाते समय सौरव दास और आशुतोष रांका को याद रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि दोनों अपने परिवारों के साथ त्योहार नहीं मना सकेंगे।

'हमारी भावनाएं कमजोरी नहीं, ताकत हैं'
दिपके ने कहा कि कुछ लोग आंदोलनकारियों की भावनाओं को उनकी कमजोरी मानते हैं, लेकिन उनके लिए ये भावनाएं ताकत हैं। उन्होंने कहा कि सौरव दास उनके भाई जैसे हैं और उनके प्रति उनका लगाव ही उनकी भावुकता की वजह है। उन्होंने कहा कि सच्ची ताकत त्याग, प्रेम और करुणा में है। दिपके ने महात्मा गांधी के शांति और अहिंसा के विचारों के साथ-साथ डॉ. बीआर आंबेडकर के संविधान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वे इन्हीं मूल्यों के साथ आगे बढ़ेंगे। अंत में दिपके ने सभी समर्थकों को अपना ध्यान रखने और परिवार के साथ त्योहार मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कई स्वयंसेवकों ने मुश्किलों का सामना किया है, लेकिन उनकी कहानियां खबरों में नहीं आ पातीं। उन्होंने पिछले दिनों मिले समर्थन और साथ के लिए सभी का धन्यवाद किया।

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