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अमेरिका में ठुकराई कई नौकरियां: छह जून को भारत आ रहे सीजेपी के संस्थापक, जंतर-मंतर पर करेंगे धरना प्रदर्शन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 01 Jun 2026 07:02 PM IST
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सार
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके अमेरिका की नौकरी छोड़कर भारत लौट रहे हैं। वे पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगेंगे। उन्होंने 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन का एलान किया है। दीपके ने छात्रों के भविष्य के लिए सबको एकजुट होने को कहा है।
अभिजीत दीपके
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भारत लौटने का फैसला किया है। उन्होंने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर दी है। अभिजीत ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में उन्हें अमेरिका में नौकरी के कई शानदार ऑफर मिले थे। इसके बावजूद उन्होंने इन ऑफर्स को ठुकरा दिया। उनका कहना है कि वे अपने देश से प्यार करते हैं और भारत के लिए कुछ करना चाहते हैं।
क्या बोले CJP संस्थापक?
'एक्स' पर साझा एक वीडियो संदेश में सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा, वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने के लिए स्वदेश वापस आ रहे हैं। उन्होंने पेपर लीक के मुद्दे पर गहरी नाराजगी जताई है। दीपके के अनुसार, पेपर लीक की वजह से नीट (NEET) की तैयारी करने वाले कई बच्चों ने गलत कदम उठाए। लाखों छात्रों की कड़ी मेहनत बेकार चली गई है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े संकट के लिए शिक्षा मंत्री को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और तुरंत अपने पद से हट जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर लोग इस मुद्दे पर लगातार आवाज उठा रहे हैं। लखनऊ, जयपुर, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसी जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं। इसके बावजूद सरकार पर कोई खास असर नहीं पड़ रहा है। दीपके ने आंकड़े देते हुए कहा कि नीट के 22 लाख, सीबीएसई के 17 लाख, सीयूईटी के 16 लाख और एसएससी जीडी के 40 लाख छात्रों समेत लगभग एक करोड़ से ज्यादा युवाओं के भविष्य के साथ सिस्टम ने मजाक किया है।
अभिजीत ने कहा कि छात्र अपने भविष्य को लेकर बहुत ज्यादा परेशान और डरे हुए हैं। इतने बड़े ब्लंडर के बाद भी अगर शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तो इसका मतलब है कि देश में जवाबदेही नाम की कोई चीज नहीं बची है। उन्होंने सवाल उठाया कि सिस्टम की गलतियों का सारा खामियाजा सिर्फ छात्र ही क्यों भुगतें?
शनिवार को पहुंचेंगे दिल्ली
विरोध प्रदर्शन की योजना साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वे 6 जून, शनिवार की सुबह दिल्ली पहुंचेंगे। वे अपने समर्थकों के साथ एयरपोर्ट से सीधे पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे। वहां वे जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति मांगेंगे। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को गलत के खिलाफ शांति से आवाज उठाने का अधिकार देता है। वे उसी संविधान के रास्ते पर चलेंगे।
ये भी पढ़ें: Supreme Court: वक्फ ट्रिब्यूनल में फीस विवाद पर कोर्ट ने उठाए सवाल, पूछा कानूनी आधार; जानें क्या है पूरा मामला
समर्थकों से की अपील
अभिजीत ने अपने समर्थकों और छात्रों से इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उनके दोस्तों और परिवार को डर है कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज देगी। लेकिन उन्हें लोकतंत्र और संविधान पर पूरा भरोसा है। वे गांधी, अंबेडकर, भगत सिंह और नेहरू के विचारों के प्रशंसक हैं। उन्होंने साफ किया कि वे जेल जाने से नहीं डरते। उनके अनुसार, यह देश किसी एक पार्टी का नहीं बल्कि हम सबका है। अगर आज हम चुप रहे, तो हमारा भविष्य बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने सभी समर्थकों से एकजुट होने का आह्वान किया है।
क्या बोले CJP संस्थापक?
'एक्स' पर साझा एक वीडियो संदेश में सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा, वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने के लिए स्वदेश वापस आ रहे हैं। उन्होंने पेपर लीक के मुद्दे पर गहरी नाराजगी जताई है। दीपके के अनुसार, पेपर लीक की वजह से नीट (NEET) की तैयारी करने वाले कई बच्चों ने गलत कदम उठाए। लाखों छात्रों की कड़ी मेहनत बेकार चली गई है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े संकट के लिए शिक्षा मंत्री को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और तुरंत अपने पद से हट जाना चाहिए।
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Will be returning to India to demand the resignation of the Education Minister.
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I request the youth of India to join this peaceful protest at Jantar Mantar and exercise our constitutional right to seek accountability from the government. https://t.co/W8oZsGmgvi— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) June 1, 2026
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर लोग इस मुद्दे पर लगातार आवाज उठा रहे हैं। लखनऊ, जयपुर, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसी जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं। इसके बावजूद सरकार पर कोई खास असर नहीं पड़ रहा है। दीपके ने आंकड़े देते हुए कहा कि नीट के 22 लाख, सीबीएसई के 17 लाख, सीयूईटी के 16 लाख और एसएससी जीडी के 40 लाख छात्रों समेत लगभग एक करोड़ से ज्यादा युवाओं के भविष्य के साथ सिस्टम ने मजाक किया है।
अभिजीत ने कहा कि छात्र अपने भविष्य को लेकर बहुत ज्यादा परेशान और डरे हुए हैं। इतने बड़े ब्लंडर के बाद भी अगर शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तो इसका मतलब है कि देश में जवाबदेही नाम की कोई चीज नहीं बची है। उन्होंने सवाल उठाया कि सिस्टम की गलतियों का सारा खामियाजा सिर्फ छात्र ही क्यों भुगतें?
शनिवार को पहुंचेंगे दिल्ली
विरोध प्रदर्शन की योजना साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वे 6 जून, शनिवार की सुबह दिल्ली पहुंचेंगे। वे अपने समर्थकों के साथ एयरपोर्ट से सीधे पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे। वहां वे जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति मांगेंगे। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को गलत के खिलाफ शांति से आवाज उठाने का अधिकार देता है। वे उसी संविधान के रास्ते पर चलेंगे।
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समर्थकों से की अपील
अभिजीत ने अपने समर्थकों और छात्रों से इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उनके दोस्तों और परिवार को डर है कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज देगी। लेकिन उन्हें लोकतंत्र और संविधान पर पूरा भरोसा है। वे गांधी, अंबेडकर, भगत सिंह और नेहरू के विचारों के प्रशंसक हैं। उन्होंने साफ किया कि वे जेल जाने से नहीं डरते। उनके अनुसार, यह देश किसी एक पार्टी का नहीं बल्कि हम सबका है। अगर आज हम चुप रहे, तो हमारा भविष्य बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने सभी समर्थकों से एकजुट होने का आह्वान किया है।