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सुप्रीम कोर्ट के फैसले का CJP ने किया स्वागत: रांका ने सरकार को याद दिलाए समझौते, कहा- युवाओं को न करें परेशान

Tue, 28 Jul 2026 02:24 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली। Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Tue, 28 Jul 2026 02:24 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने छात्र आंदोलनों के दौरान हिरासत में लिए गए 18 वर्ष से कम उम्र के प्रदर्शनकारियों को रिहा करने का अंतरिम आदेश दिया। CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि छात्रों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। 

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CJP welcomes Supreme Court verdict Ranka reminds government of agreements, urges them not to harass the youth.
आशुतोष रांका, सीजेपी प्रवक्ता - फोटो : एएनआई

विस्तार

छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस की कथित ज्यादती के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अंतरिम आदेश जारी किया है। अदालत ने 18 वर्ष से कम उम्र के ऐसे छात्र प्रदर्शनकारियों को रिहा करने का निर्देश दिया है। कोर्ट के इस फैसले को सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। 

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आशुतोष रांका ने क्या कहा? 
आशुतोष रांका ने कहा, ‘हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। इस देश में छात्रों और युवाओं को बिना किसी कारण के परेशान नहीं किया जाना चाहिए। हमें उम्मीद है कि 25 जुलाई को सरकार के साथ हुए हमारे समझौते का पालन किया जाएगा।

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क्या समझौता हुआ था? 
उन्होंने आगे कहा कि, ‘समझौते के तहत, न केवल दिल्ली में बल्कि देश भर के सभी भाजपा शासित राज्यों में प्रदर्शनकारियों या छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। हमें यह भी उम्मीद है कि केंद्र सरकार आज की समय सीमा तक लिखित समझौता भेजेगी और इस अध्याय को समाप्त करने में मदद करेगी।’

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कोर्ट ने क्या कहा? 
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि छात्रों पर पुलिस की कथित ज्यादती के आरोप प्रथम दृष्टया निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग करते हैं। अदालत ने कहा कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच के लिए आगे चलकर स्वतंत्र समिति या विशेष जांच दल (SIT) के गठन पर भी विचार किया जा सकता है। न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने उन सभी राज्यों को निर्देश दिया, जहां प्रदर्शन हुए थे, कि सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन रिकॉर्डिंग, बॉडी कैमरा फुटेज, वायरलेस संचार रिकॉर्ड, पीसीआर लॉग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। 

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