कांग्रेस का आरोप: 'प्रदर्शनकारियों को झूठे केस में फंसाने की धमकी', मुंबई पुलिस का वीडियो वायरल, जांच के आदेश
मुंबई में वायरल वीडियो को लेकर कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों को पुलिसकर्मियों ने झूठे ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी दी। कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की। मामले पर मुंबई पुलिस ने जांच के आदेश दिए हैं।
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एक वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि @MumbaiPolice प्रदर्शन कर रहे छात्रों को धमका रही है कि अगर वे दोबारा प्रदर्शन करने लौटे, तो उन्हें झूठे ड्रग्स के मामले में फँसा दिया जाएगा और पूरी ज़िंदगी जेल में सड़ना पड़ेगा।
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अगर यह सच है, तो यह सिर्फ़ छात्रों को डराने की कोशिश नहीं,… pic.twitter.com/36KescEmro— Mumbai Congress (@INCMumbai) July 23, 2026
कांग्रेस ने प्रशासन से पूछे सवाल
वीडियो के आधार पर कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि यदि वीडियो में सुनाई दे रही बातें सही हैं, तो यह केवल छात्रों को डराने-धमकाने का मामला नहीं, बल्कि नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। कांग्रेस ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना और विरोध दर्ज कराना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। ऐसे में छात्रों के सवालों का जवाब धमकियों से नहीं, बल्कि जवाबदेही और संवाद से दिया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पार्टी का कहना है कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों से निष्पक्ष और संवैधानिक आचरण की अपेक्षा की जाती है।
मुंबई पुलिस ने क्या कहा?
विवाद बढ़ने के बाद मुंबई पुलिस ने भी मामले का संज्ञान लिया है। मुंबई पुलिस के डीसीपी अकबर पठान ने बताया कि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और तथ्यों की पुष्टि के बाद कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। डीसीपी अकबर पठान ने कहा कि वीडियो में जो ड्राइवर ड्रग्स वाली बात बोल रहा है, उसे उसकी वर्तमान पोस्टिंग से हटा दिया गया है।